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'पुरानी बातों को पीछे छोड़ें': पेजेश्कियान ने यूएई के साथ रिश्ते सुधारने पर दिया जोर; भारत की क्या भूमिका रही?
Sun, 13 Sep 2026 09:54 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Sun, 13 Sep 2026 09:54 PM IST
सार
पश्चिम एशिया में युद्ध के बाद ईरान और यूएई के रिश्तों में तनाव बढ़ा था। अब ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा है कि दोनों देश पुरानी बातों को पीछे छोड़कर भविष्य की ओर देखना चाहते हैं। नई दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान पेजेशकियान और अबू धाबी के युवराज की मुलाकात हुई। दोनों ने तनाव कम करने और शांति पर बात की। ऐसे में सवाल है कि भारत में हुई यह मुलाकात रिश्तों में बदलाव का रास्ता कैसे खोल सकती है? इन दोनों में ये आइए, सबकुछ विस्तार से समझते हैं...
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ब्रिक्स के दौरान मुलाकात
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
पश्चिम एशिया में युद्ध के बाद ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच बढ़े तनाव के बीच रिश्तों में सुधार के संकेत मिले हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने रविवार को कहा कि दोनों देश अब पुरानी बातों को पीछे छोड़ना चाहते हैं और भविष्य की ओर देखना चाहते हैं। उनका यह बयान नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान यूएई के अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात के एक दिन बाद आया। ऐसे में भारत में हुई यह उच्चस्तरीय मुलाकात दोनों देशों के बीच नई शुरुआत के संकेत के तौर पर अहम हो गई है।
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पेजेशकियान ने यूएई के साथ रिश्तों को लेकर क्या कहा?
पेजेशकियान ने कहा कि युद्ध और फारस की खाड़ी में हुई घटनाओं के बाद पहली बार अबू धाबी के युवराज के साथ उनकी रचनात्मक बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि अब पुरानी बातों को पीछे छोड़कर भविष्य की ओर देखा जाए और उसे मिलकर बनाया जाए। ईरानी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच संबंधों पर पश्चिम एशिया के संघर्ष का असर पड़ा है। इससे संकेत मिलता है कि तेहरान अब तनाव कम करने और आगे की ओर देखने पर जोर दे रहा है।
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