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Weather: उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में कोहरे से हालात खराब, मौसम विभाग की चेतावनी- अभी और स्थिति बिगड़ेगी
Mon, 15 Jan 2024 09:18 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 15 Jan 2024 09:18 AM IST
सार
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डीएस पई ने बताया कि 'मौसम ठंडा बना हुआ है और हवा शांत है। यह कोहरा बनने के लिए सबसे सही मौसम होता है।'
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भीषण कोहरे की चपेट में उत्तर भारत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सिंधु-गंगा का मैदानी इलाका इन दिनों भयंकर कोहरे की चपेट में है। सिंधु गंगा के मैदानी इलाके में पश्चिम में पाकिस्तान से लेकर पूर्व में बंगाल की खाड़ी तक का इलाका शामिल है। सैटेलाइट तस्वीरों से इसका पता चला है। मौसम विभाग ने कोहरे की वजह बताते हुए कहा कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते ऐसा हो रहा है। साथ ही अभी एक-दो दिन सर्दी का सितम भी जारी रहेगा और उत्तर पश्चिम भारत के कुछ इलाकों में तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डीएस पई ने बताया कि 'मौसम ठंडा बना हुआ है और हवा शांत है। यह कोहरा बनने के लिए सबसे सही मौसम होता है। फिलहाल तेज हवाएं चलने के कोई आसार नहीं हैं, जिससे कोहरा छंटने के फिलहाल कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। मौसम विभाग का कहना है कि 16-17 जनवरी को फिर से पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा, जिसके चलते अभी कोहरे की समस्या बनी रहने की आशंका है।' मौसम विभाग का कहना है कि पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में 14 जनवरी से 16 जनवरी तक भीषण कोहरे का असर देखने को मिलेगा। कुछ जगहों पर 16-17 जनवरी को भी कोहरे का असर देखा जाएगा।
क्या होता है पश्चिमी विक्षोभ
पश्चिमी विक्षोभ या वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी इलाकों में सर्दियों के मौसम में आने वाले ऐसे तूफान होते हैं, जो वायुमंडल की ऊंची तहों में भूमध्य सागर, अंध महासागर और कुछ हद तक कैस्पियन सागर से नमी लाकर उसे वर्षा या बर्फ के रूप में उत्तर भारत, पाकिस्तान और नेपाल में गिरा देता है। उत्तर भारत में रबी की फसलों के लिए, खासकर गेहूं की फसल के लिए यह पश्चिमी विक्षोभ काफी जरूरी होते हैं।
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कोहरे के साथ सर्दी का सितम जारी
रविवार को दिल्ली में भीषण कोहरे का असर सुबह तीन बजे से लेकर साढ़े दस बजे तक देखा गया। इसके असर से दिल्ली एयरपोर्ट पर 20 फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा। वहीं 400 से ज्यादा फ्लाइट्स में देरी हुई। कोहरे के असर से रविवार सीजन का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया और न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस तक गिरा। हालांकि दोपहर में धूप खिलने से लोगों को सर्दी से थोड़ी राहत मिली। 16 जनवरी तक उत्तर पश्चिम में कई जगहों पर न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
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मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डीएस पई ने बताया कि 'मौसम ठंडा बना हुआ है और हवा शांत है। यह कोहरा बनने के लिए सबसे सही मौसम होता है। फिलहाल तेज हवाएं चलने के कोई आसार नहीं हैं, जिससे कोहरा छंटने के फिलहाल कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। मौसम विभाग का कहना है कि 16-17 जनवरी को फिर से पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा, जिसके चलते अभी कोहरे की समस्या बनी रहने की आशंका है।' मौसम विभाग का कहना है कि पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में 14 जनवरी से 16 जनवरी तक भीषण कोहरे का असर देखने को मिलेगा। कुछ जगहों पर 16-17 जनवरी को भी कोहरे का असर देखा जाएगा।
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क्या होता है पश्चिमी विक्षोभ
पश्चिमी विक्षोभ या वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी इलाकों में सर्दियों के मौसम में आने वाले ऐसे तूफान होते हैं, जो वायुमंडल की ऊंची तहों में भूमध्य सागर, अंध महासागर और कुछ हद तक कैस्पियन सागर से नमी लाकर उसे वर्षा या बर्फ के रूप में उत्तर भारत, पाकिस्तान और नेपाल में गिरा देता है। उत्तर भारत में रबी की फसलों के लिए, खासकर गेहूं की फसल के लिए यह पश्चिमी विक्षोभ काफी जरूरी होते हैं।
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कोहरे के साथ सर्दी का सितम जारी
रविवार को दिल्ली में भीषण कोहरे का असर सुबह तीन बजे से लेकर साढ़े दस बजे तक देखा गया। इसके असर से दिल्ली एयरपोर्ट पर 20 फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा। वहीं 400 से ज्यादा फ्लाइट्स में देरी हुई। कोहरे के असर से रविवार सीजन का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया और न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस तक गिरा। हालांकि दोपहर में धूप खिलने से लोगों को सर्दी से थोड़ी राहत मिली। 16 जनवरी तक उत्तर पश्चिम में कई जगहों पर न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।