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Weather Forecast : असम-केरल में बारिश का कहर जारी, अगले पांच दिन भारी, चार जिलों में रेड, सात में ऑरेंज अलर्ट

Thu, 19 May 2022 05:09 AM IST
योगेश साहू एजेंसी, तिरुवनंतपुरम। 
एजेंसी, तिरुवनंतपुरम।  Published by: योगेश साहू Updated Thu, 19 May 2022 05:09 AM IST
सार

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने लोगों से बारिश कम होने तक नदियों और अन्य जलाशयों से दूर रहने को कहा है। एसडीएमए ने लोगों से जब तक आपात स्थिति न हो तब तक पहाड़ी इलाकों की यात्रा नहीं करने के लिए कहा है। इसके अलावा बारिश कम होने तक रात की यात्रा से बचने की भी सलाह दी है। जिला प्रशासन ने भी लोगों को तटीय क्षेत्रों के पास न जाने की चेतावनी दी है।

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Weather Forecast All Updates : Rain continues to wreak havoc in Kerala, next five days heavy, red in four districts, orange alert in seven
Rain - फोटो : संजय कुमार

विस्तार

केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश के जारी रहने के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार के लिए राज्य के चार जिलों कोझीकोड, वायनाड, कुनूर और कासरगोड के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। रेड अलर्ट का अर्थ है इन जिलों में भारी बारिश होने के आसार हैं। आईएमडी ने सुबह में चार जिलों के साथ-साथ त्रिशूर, पलक्कड़ और मलप्पुरम सहित सात जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। 

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त्रिशूर, पलक्कड़ और मलप्पुरम के लिए जारी ऑरेंज प्रभावी रहेगा। आईएमडी ने कुनूर और कासरगोड के लिए बृहस्पतिवार के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। देश में विभिन्न मौसम पूर्वानुमान केंद्रों ने राज्य में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने अगले पांच दिनों में राज्य में भारी बारिश की संभावना जताई है। 
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केंद्रीय मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए राज्य में भारी और बहुत भारी बारिश और उसके बाद के दो दिनों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। केरल में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश के चलते राज्य के कुछ हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं असम में भी बाढ़ से हालात खराब हुए हैं। 
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एनडीआरएफ के पांच दल तैनात  
इस महीने के अंत तक दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने की संभावना के बावजूद भारी बारिश को देखते हुए राज्य सरकार ने जिला अधिकारियों की एक बैठक बुलाई थी और उन्हें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश जारी किए थे। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने केरल में पहले ही पांच दलों को तैनात कर दिया है। 

एसडीएमए की लोगों से पहाड़ी इलाकों और नदियों से दूर रहने की अपील 
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने लोगों से बारिश कम होने तक नदियों और अन्य जलाशयों से दूर रहने को कहा है। एसडीएमए ने लोगों से जब तक आपात स्थिति न हो तब तक पहाड़ी इलाकों की यात्रा नहीं करने के लिए कहा है। 

इसके अलावा बारिश कम होने तक रात की यात्रा से बचने की भी सलाह दी है। जिला प्रशासन ने भी लोगों को तटीय क्षेत्रों के पास न जाने की चेतावनी दी है। आईएमडी ने पहले पूर्वानुमान जताया था कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के 27 मई तक राज्य में दस्तक दे सकता है। इस बार मानसून के पांच दिन पहले आने के आसार हैं। 

असम : बाढ़ में फंसे रेल यात्रियों को रेलटेल की वाईफाई से मिली मदद 
असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसी गुवाहाटी एक्सप्रेस और गुवाहाटी-सिलचर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार 1,000 से अधिक यात्रियों को स्टेशन पर रेलटेल की वाई-फाई सुविधा से मदद मिली, जहां मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से चरमरा गया था। रेलवे के उपक्रम ने बुधवार को यह जानकारी दी। 

रेलटेल ने पिछले हफ्ते असम में लामडिंग-बदरपुर पर्वतीय खंड पर फंसी दो ट्रेन के यात्रियों को स्टेशन वाई-फाई का उपयोग करके संचार प्रदान करने के लिए विशेष व्यवस्था की, क्योंकि भारी बारिश के कारण प्रभावित क्षेत्र में सभी ऑपरेटर की मोबाइल सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई थीं। असम में बाढ़ से करीब चार लाख लोग प्रभावित हुए हैं। यहां के करीब 26 जिले विकट हालात से जूझ रहे हैं। 

असम : वन विभाग ने जानवरों के लिए बनाए 40 आश्रयस्थल
असम में बाढ़ का कहर जारी है। यहां काजीरंगा नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व आदि उद्यानों में भी बाढ़ से हालात विकट हुए हैं। ऐसे में वन विभाग ने जानवरों के लिए ऊंचे स्थानों पर करीब 40 आश्रय स्थलों का इंतजाम किया है। पर्यावरण और वन मंत्री, परिमल सुखाबैद्य ने बुधवार को बताया कि विभाग ने जानवरों को बचाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम कर लिए हैं। ऊंचे इलाकों में करीब 40 आश्रयस्थलों का निर्माण पूरा हो गया है।

इन्हें इस तरह बनाया गया है कि जानवरों के लिए हरी चारा-पत्ती की पर्याप्त व्यवस्था रहे। काजीरंगा पार्क में हर साल बाढ़ आती है, बीते सालों में अब तक इसकी चपेट में आकर कई जानवरों की मौत भी हो चुकी है। आश्रयस्थलों के अलावा 25 नावों का भी इंतजाम यहां किया गया है। पार्क के निदेशक जतिन शर्मा ने बताया कि उद्यान में कुल 144 मानव निर्मित आश्रयस्थल हैं। इनमें से 33 काफी बड़े हैं। इसके साथ ही हमने यहां से आवागमन के लिए करीब 8.5 किमी लंबी सड़क भ बनाई है। विभाग के सभी कर्मचारी अलर्ट पर हैं।

बंगलूरू में भारी बारिश; यूपी और बिहार के दो मजदूर बहे  
बंगलूरू में भारी बारिश के कारण शहर के कई घर जलमग्न हो गए हैं, वहीं उल्लाल में पाइपलाइन में अचानक पानी भर जाने से मंगलवार को दो मजदूर बह गए। मजदूरों की पहचान बिहार के देबव्रत और उत्तर प्रदेश के अंकित कुमार के तौर पर हुई है। पुलिस के मुताबिक तीसरा मजदूर त्रिलोक समय र हते कावेरी जल पाइपलाइन से निकलने में कामयाब रहा। 


पुलिस ने लापरवाही के आरोप में ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मृतकों के परिजनों के लिए पांच-पाच लाख रुपये मुआवजे का एलान किया है। वहीं, जिनके मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें 25,000 रुपये की सरकारी सहायता दी जाएगी।

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