चक्रवात अर्नब: उत्तर भारत में पारा गिरा, ओडिशा-आंध्र में भारी नुकसान; मौसम विभाग के ताजा अलर्ट में क्या?
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर 10 से अधिक राज्यों पर दिख रहा है। अर्नब के प्रभाव का आलम ये रहा कि उत्तर भारत में पारा गिरने के साथ ठंड का एहसास होने लगा। दिल्ली में चार साल में सबसे ठंडा अक्तूबर दर्ज किया गया। इससे पहले 2022 में 8 अक्तूबर को 23.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया था। ओडिशा, आंध्र प्रदेश में भी अर्नब का कहर दिखा है। जानिए अलग-अलग प्रदेशों का मौसम
विस्तार
बंगाल की खाड़ी से उठे भीषण चक्रवाती तूफान अर्नब के कमजोर पड़ने और भारी बारिश के कारण बृहस्पतिवार को उत्तर भारत के कई राज्यों में दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली-एनसीआर में दिन में बूंदाबांदी और देर रात तेज बारिश हुई। इसके चलते दिल्ली में चार साल बाद अक्तूबर का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया।
आंधी-तूफान का रेड और ऑरेंज अलर्ट
अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5.6 डिग्री कम है। इससे पहले आठ अक्तूबर, 2022 को दिन का तापमान 23.4 डिग्री दर्ज हुआ था। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में अगले दो दिनों के लिए आंधी-तूफान का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तापमान में 5-8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है।
गंगोत्री में पहली बर्फबारी
- पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तराखंड के गंगोत्री धाम में भारी बर्फबारी हुई है। धाम को चोटियों पर बर्फ की मोटी सफेद चादर बिछ गई है, इसके प्रभाव से आसपास के इलाकों में ठंड भी बढ़ गई है।
- केदारनाथ-बदरीनाथ में भी गिरी बर्फ केदारनाथ धाम में बृहस्पतिवार तड़के बर्फ की फुहारें गिरीं। इस बीच बारिश होने से हेलीकॉप्टर सेवा कुछ देर बाधित रही। वहीं, बदरीनाथ में भी चोटियों पर बर्फबारी हुई।
एसी का जितना तापमान रखते हैं, उतना हुआ दिन का पारा
सामान्यत: कमरा ठंडा रखने के लिए जिस तापमान पर एसी चलाते हैं, दिन का तापमान उसी के आसपास है। मेरठ में 23.10, गुरुग्राम में 25.50, नोएडा में 26.90, गाजियाबाद में 27.20 व फरीदाबाद में 27.40 सेल्सियस रहा। हरियाणा के करनाल में 20.60 रहा।
आंध्र से लेकर यूपी तक फसलें बर्बाद
आंध्र प्रदेश व ओडिशा के तटीय इलाकों से लेकर झारखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा और यूपी तक तैयार धान और बागवानी फसलों पर चक्रवात की तेज हवाओं व मूसलाधार बारिश का गंभीर असर देखने को मिला है। आंध्र प्रदेश में छह लोगों की मौत हुई है, 2.24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं।
- हरियाणा के करनाल, यमुनानगर व पानीपत में बारिश से अनाज मंडियों में खुले में रखा करीब 488 करोड़ रुपये का दो लाख मीट्रिक टन धान भीग गया। पंजाब में 34 लाख मीट्रिक टन धान पर भी बारिश का साया मंडराने लगा है।
- पूर्वी यूपी के वाराणसी, प्रयागराज समेत कई जिलों में धान की पकी फसलें खेत में ही बिछ गईं। पैदावार में 20 से 30% तक गिरावट का अंदेशा जताया गया है।
- खेतों में जलभराव से रबी की बुवाई में 10 से 15 दिनों की देरी की संभावना है। छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी धान और आलू की फसलों को नुकसान पहुंचा है।