#LadengeCoronaSe: मिस्र से 4 लाख रेमडेसिविर खरीदेगा भारत, जानें कोरोना से निपटने का प्लान
देश में ऑक्सीजन और रेमडेसिविर की कमी को देखते हुए विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने जानकारी दी कि हम दुनिया के विभिन्न हिस्सों से 500 से अधिक ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों को प्राप्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
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देश में कोरोना का भयानक दौर चल रहा है। इस बीच ऑक्सीजन, ऑक्सीजन सिलिंडर, रेमडेसिविर और कोरोना वायरस से संबंधित उपकरणों की किल्लत देखी जा रही है। हालांकि पिछले कुछ दिनों से सरकार ने ऑक्सीजन उत्पादन ज्यादा जोर दिया है, वहीं ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाकर विभिन्न राज्यों ऑक्सीजन की सप्लाई की गई है।
ऑक्सीजन प्लांट पर ज्यादा जोर- विदेश सचिव
हालांकि इसी बीच विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कोविड की स्थिति पर कहा कि हम दुनिया के विभिन्न हिस्सों से 500 से अधिक ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों को प्राप्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम विदेशों से 4,000 ऑक्सीजन सांद्रक, 10,000 ऑक्सीजन सिलिंडर प्राप्त करने के लिए काम कर रहे हैं।
They're ready to go from 67,000 to 3 lakhs even 4 lakhs a day. They need raw material. We've all assurances from Gilead Sciences, from US Govt. We're also in touch with manufacturers of Remedesivir in Egypt & other parts of the world, if we can source it from there: HV Shringla
— ANI (@ANI) April 29, 2021
रेमडेसिविर बनाने वाली कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने को कहा
वहीं विदेश सचिव ने जानकारी दी कि भारत सामान्य तौर पर रेमडेसिविर की 67,000 खुराक प्रति दिन ही उत्पादित करता है लेकिन मौजूदा समय में हमें दो से तीन लाख खुराकों की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि हमने अपने उत्पादकों को क्षमता बढ़ाने के लिए कह दिया है। कंपनियों को कच्चे माल की जरूरत है। वहीं हमारे पास अमेरिकी सरकार का समर्थन है
कोरोना काल में विदेशों से ली जाएगी मदद
इसके अलावा विदेश सचिव ने जानकारी दी कि मिस्र से रेमडेसिविर की 4,00,000 शीशियां खरीदने की दिशा में काम कर रहे हैं, यूएई, बांग्लादेश, उज्बेकिस्तान से भी इसे खरीदने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं विदेश सचिव ने आगे कहा कि तीन विशेष विमानों के जरिए अमेरिका से बड़ी मात्रा में चिकित्सीय आपूर्तियां लाने की उम्मीद है और दो विमान शुक्रवार को पहुंचेंगे। विदेश सचिव ने यह भी कहा कि भारत में टीका उत्पादन को बढ़ाने के लिए व्यापक अतिरिक्त क्षमताओं का निर्माण किया जा रहा है।
मदद करने कुछ देश सामने से खुद आए- विदेश सचिव
यही नहीं विदेश सचिव ने कहा कि ये स्थिति भयावह है। हम कई देशों से अलग-अलग उपकरण खरीद रहे हैं। हालांकि कुछ देश खुद से हमारी मदद करने के लिए सामने आए हैं। उन देशों का कहना है कि वो भारत की ओर से की गई मदद के शुक्रगुजार हैं और इसलिए भारत की मदद कर रहे हैं।
We've given assistance, we're getting assistance. We'll do whatever it takes to meet the requirements of our people at this point of time: Foreign Secretary Harsh Vardhan Shringla
— ANI (@ANI) April 29, 2021
हम दूसरे देशों की मदद कर रहे हैं और हमें मदद मिल रही है। इस समय हमारा उद्देश्य लोगों की जान बचाना ही है और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।