कानून के हैं रखवाले, नेताओं की कठपुतली नहींः एनएसए अजित डोभाल
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने देश को अपनी राजनीतिक, आर्थिक और सामरिक उद्देश्यों को पूरा कर करने के लिए कमजोर गठबंधन सरकार के बजाय मजबूत सरकार की वकालात की है। एक कार्यक्रम में डोभाल ने कहा कि देश को अगले दस सालों के लिए मजबूत, स्थिर और ठोस निर्णय लेने वाली सरकार चाहिए। कमजोर गठबंधन की सरकार देश के लिए नुकसानदेय होगी। देश के पहले गृहमंत्री सरदार पटेल के स्मृति व्याखान में डोभाल ने मौजूदा सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के चार साल के कार्यकाल के दौरान देश की प्रतिष्ठा बड़ी है।
लोकतंत्र ही देश की ताकत
डोभाल ने कहा , लोकतंत्र ही देश की ताकत है इसे बचाये रखना चाहिए। कमजोर लोकतंत्र देश को कमजोर फैसले लेने वाला बना देत है। और भारत अगले कुछ सालों में ऐसा बनकर नहीं रह सकता। इसके लिए सख्त फैसले लेने के लिए मजबूर किया जाएगा। अगर आप कमजोर फैसले लेने वाले राष्ट्र बनते हैं तो आपको कई समझौते करने पड़ते हैं। और जब आप समझौते करते हैं तो राष्ट्र हित के ऊपर आपके अपने राजनीतिक अस्तित्व हावी हो जाते हैं।
देश हित के फैसले लोकलुभावन नहीं होते
खंडित जनादेश से देश की सरकार मजबूत निर्णय नहीं ले पाती। देश को आगे बढ़ाने के लिए सख्त फैसले लेने होंगे जो देश की जनता के हित में तो होंगे लेकिन लोकलुभावन नहीं होंगे। अस्थिर और कमजोर सरकार राष्ट्र हितों के बजाय स्थानीय हितों, और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती हैं। ब्राजील का उदाहरण देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्राजील बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा था लेकिन राजनीतिक अस्थिरता ने उसकी आर्थिक विकास दर को रोक दिया।
भारत को 2030 तक एक ठोस निर्णय लेने वाली सरकार चाहिए न कि अस्थिर गठबंधन वाली। इसके साथ ही उन्होंने धार्मिक प्रतिबद्धता के साथ ही कानून के पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत को अगले 10 साल के लिए निर्णायक सरकार की जरूरत है। इस बीच, कमजोर गठबंधन देश के लिए नुकसानदायक साबित होंगे।
#WATCH: NSA Ajit Doval says,"India will need a strong, stable and a decisive government for the next 10 years to achieve our national, political, economic and strategic objectives. Weak coalition will be bad for India." #Delhi pic.twitter.com/PsYjvAWVBg
— ANI (@ANI) October 25, 2018