{"_id":"58e814574f1c1b68625b53d3","slug":"we-are-neither-running-the-country-nor-have-any-such-intention-says-supreme-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"हम न तो देश चला रहे और न ही ऐसा कोई इरादा है : सुप्रीम कोर्ट","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
हम न तो देश चला रहे और न ही ऐसा कोई इरादा है : सुप्रीम कोर्ट
राजीव सिन्हा/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 08 Apr 2017 09:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह न तो देश चला रहा है और न ही उसका ऐसा कुछ करने का कोई इरादा है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि वह उन मसलों पर बिल्कुल भी दखल नहीं देगा जिन पर निर्णय लेने का अधिकार सिर्फ विधायिका का है।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने याचिकाकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र नाथ की ओर से पेश वकील से कहा, ‘क्या हम देश को चला रहे हैं? कदापि नहीं, हम देश नहीं चला रहे हैं और ही हमारा ऐसा कोई इरादा है।’
विज्ञापन
वास्तव में जितेंद्र नाथ ने याचिका दाखिल कर गुहार लगाई थी कि सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर का निर्माण कराने का निर्देश दिया जाए और नहर को सीधे हिमाचल प्रदेश से हरियाणा से जोड़ा जाए। पंजाब को इससे न जोड़ा जाए।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता के वकील ने पीठ से आग्रह किया कि इसके लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और हरियाणा सरकार को जरूरी निर्देश दिया जाए। पीठ को याचिकाकर्ता की यह बात नागवार गुजरी। पीठ ने कहा कि यह मसला न्यायिक परीक्षण के दायरे में नहीं आता। इसके साथ ही पीठ ने जनहित याचिका खारिज कर दी।
जनहित याचिका में कहा गया था कि एसवाईएल नहर पंजाब और हरियाणा की राजनीतिक लड़ाई की भेंट चढ़ गया है। पंजाब सरकार नहर के निर्माण में दिलचस्पी नहीं ले रही है। याचिका में कहा गया कि पंजाब सरकार हरियाणा के लोग के मूल अधिकारों का उल्लंघन कर रही है। हरियाणा के लोगों को उसके हिस्से का पानी नहीं मिल पा रहा है।