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जल संकट: केरल रोज 20 लाख लीटर पानी देने को तैयार, तमिलनाडु सरकार ने ठुकराई पेशकश
Fri, 21 Jun 2019 10:45 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Fri, 21 Jun 2019 10:45 AM IST
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- फोटो : PTI
केरल सरकार ने दावा किया कि उसके तमिलनाडु को रोज 20 लाख लीटर पेयजल मुहैया कराने के प्रस्ताव को एआईडीएमके सरकार ने ठुकरा दिया है। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन के कार्यालय की ओर से बताया गया कि तमिलनाडु ने ‘अभी मदद की जरूरत नहीं है’ कहते हुए इस पेशकश को नकार दिया।
हालांकि तमिलनाडु सरकार के स्थानीय प्रशासन मंत्री एसपी वेलुमनी ने पेशकश ठुकराने वाली बात से इंकार किया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी शुक्रवार को आयोजित होने वाली एक समीक्षा बैठक में इस पर चर्चा करने के बाद फैसले की घोषणा करेंगे।
वहीं द्रमुक प्रमुख एम के स्टालिन ने तमिलनाडु सरकार से अपील की है कि वह लोगों की मदद करने के लिए केरल के साथ मिलकर काम करें। स्टालिन ने केरल के मुख्यमंत्री की इस पेशकश के लिए उनका आभार जताया।
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जल संकट से निपटने के लिए चेन्नई अथॉरिटी ने पानी की आपूर्ति 40% घटा दी है वहीं मानसून की बारिश कम होने से चेन्नई के आसपास स्थित चार जलाशय सूखने के कगार पर पहुंच चुके हैं। जल संकट का दूसरा कारण कर्नाटक के साथ चल रहा कावेरी नदी विवाद भी है।
इससे पहले केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी किया था, ‘जैसा कि चेन्नई के बड़े जलाशय पानी की कमी का सामना कर रहे हैं तो ऐसी स्थिति में केरल सरकार ने मदद का हाथ बढ़ाने का निर्णय लिया है।’
पिनराई विजयन ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, ''हमारे प्रस्ताव के जवाब में तमिलनाडु ने कहा है कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में पानी है। ऐसे में केरल की अतिरिक्त मदद की जरूरत नहीं है।''
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हालांकि तमिलनाडु सरकार के स्थानीय प्रशासन मंत्री एसपी वेलुमनी ने पेशकश ठुकराने वाली बात से इंकार किया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी शुक्रवार को आयोजित होने वाली एक समीक्षा बैठक में इस पर चर्चा करने के बाद फैसले की घोषणा करेंगे।
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वहीं द्रमुक प्रमुख एम के स्टालिन ने तमिलनाडु सरकार से अपील की है कि वह लोगों की मदद करने के लिए केरल के साथ मिलकर काम करें। स्टालिन ने केरल के मुख्यमंत्री की इस पेशकश के लिए उनका आभार जताया।
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जल संकट से निपटने के लिए चेन्नई अथॉरिटी ने पानी की आपूर्ति 40% घटा दी है वहीं मानसून की बारिश कम होने से चेन्नई के आसपास स्थित चार जलाशय सूखने के कगार पर पहुंच चुके हैं। जल संकट का दूसरा कारण कर्नाटक के साथ चल रहा कावेरी नदी विवाद भी है।
इससे पहले केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी किया था, ‘जैसा कि चेन्नई के बड़े जलाशय पानी की कमी का सामना कर रहे हैं तो ऐसी स्थिति में केरल सरकार ने मदद का हाथ बढ़ाने का निर्णय लिया है।’
पिनराई विजयन ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, ''हमारे प्रस्ताव के जवाब में तमिलनाडु ने कहा है कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में पानी है। ऐसे में केरल की अतिरिक्त मदद की जरूरत नहीं है।''