वर्धा हादसा: मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये मुआवजा देगी महाराष्ट्र सरकार, 6 लोगों की गई थी जान
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महाराष्ट्र सरकार ने वर्धा में सेना डिपो में हुए विस्फोट में जान गंवाने वालों के परिजनों को 5 लाख रुपये की मदद देने का एलान किया है। इसके अलावा गंभीर रूप से घायल लोगों को 2 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। बता दें कि मंगलवार की सुबह हुए विस्फोट में तीन मजदूरों सहित 6 लोगों की मौत हो गई। रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आयुध को वाहनों से उतारने के दौरान सुबह करीब सात बजे यह विस्फोट हुआ। उन्होंने बताया कि मरने वालों में एक व्यक्ति आयुध फैक्टरी का कर्मचारी है जबकि अन्य तीन मजदूर हैं।
Maharashtra Government declares a compensation of Rs 5 lakh for the kin of the deceased & Rs 2 lakh for those critically injured in the Pulgaon Army depot explosion in #Wardha. The blast claimed lives of 6 people
— ANI (@ANI) November 20, 2018विज्ञापन
अधिकारी ने बताया कि जिले के पुलगांव में स्थित केन्द्रीय आयुध डिपो का डिमोलिशन ग्राउंड इस (डिमोलिशन) कार्य के लिए खमरिया स्थित आयुध फैक्टरी को दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में और जानकारी की प्रतीक्षा है।
बताया जा रहा है कि यह धमाका उस समय हुआ जब बेकार पड़े विस्फोटक को हटाया जा रहा था। इस धमाके की वजह से आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई है। माना जा रहा है कि मरने वालों और घायलों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। इस डिपो में भारतीय सेना के आयुध रखे जाते हैं।
पुलगांव में हुए धमाके पर रक्षा प्रवक्ता बीबी पांडे ने कहा, 'ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में पुराने विस्फोटकों को नष्ट करते समय वहां एक हादसा हो गया। इस हादसे में 3 मजदूर और एक कर्मचारियों की मौत हो गई।'
इससे पहले यहां साल 2016 में हादसा हुआ था। जिसमें 17 जवानों की मौत हो गई थी। पुलंगाव स्थित इस डिपो में 2 अधिकारियों सहित 15 जवानों की मौत हो गई थी। इसके अलावा 19 लोग जख्मी हुए थे। हादसा देर रात गोला बारूद में आग लगने से हुए विस्फोट के बाद हुआ था। जिसके कारण भीषण आग लग गई थी। यह देश का सबसे बड़ा आयुध डिपो है। यहां कई शेडो में हथियार, बम और अन्य विस्फोटक रखे जाते हैं।
आयुध डिपो की खासियत
नागपुर से करीब 115 किलोमीटर दूरी पर स्थित यह एशिया का सबसे बड़ा आयुध डिपो है। देश में हथियारों और गोला-बारूद का सर्वाधिक भंडारण यहीं पर होता है। करीब 7 हजार एकड़ में फैला हुआ है। फैक्ट्रियों में बनाए जाने वाले हर तरह के हथियार और गोला-बारूद पहले यहां आते हैं, उसके बाद दूसरे डिपो में सप्लाई होते हैं। यहां कई शेडों में विभिन्न प्रकार के बम, शेल्स, मिसाइल, एसार्टेड (कंधों पर रख कर इस्तेमाल की जाने वाली) रायफल व अन्य विस्फोटक सामग्री रखी गई है। पिछली बार हुए धमाकों की तीव्रता इतनी थी कि पुलगांव शहर समेत परिसर से लगे देहातों के लोगों को लगा भूकंप आया है। लोग भारी दहशत के चलते अपने-अपने घरों की छत पर चढ़ गए थे।
#UPDATE: Death toll rises to 4 and 11 injured in Pulgaon Army depot explosion in Wardha. #Maharashtra https://t.co/Okot4lrLsP
— ANI (@ANI) November 20, 2018