{"_id":"678f47cc2bea5a6d99037387","slug":"wanted-to-meet-sarpanch-s-family-i-was-refused-pankaja-munde-s-big-statement-on-beed-case-2025-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: 'सरपंच के परिवार से मिलना चाहती थी, मुझे मना कर दिया गया', बीड मामले पर पंकजा मुंडे का बड़ा बयान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: 'सरपंच के परिवार से मिलना चाहती थी, मुझे मना कर दिया गया', बीड मामले पर पंकजा मुंडे का बड़ा बयान
Tue, 21 Jan 2025 12:38 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्रपति संभाजीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्रपति संभाजीनगर
Published by: बशु जैन
Updated Tue, 21 Jan 2025 12:38 PM IST
सार
हत्याकांड में घिरे मंत्री धनंजय मुंडे की चचेरी बहन और महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि मैंने संतोष देशमुख के परिवार से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने अपने गांव की स्थिति के कारण मना कर दिया। मैं परिवार की अनुमति लेकर उनसे मिलने जाऊंगी। मेरे दौरे से ज्यादा महत्वपूर्ण परिवार को न्याय दिलाना है।
विज्ञापन
पंकजा मुंडे।
- फोटो : X: @Pankajamunde
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बीड सरपंच हत्या मामले को लेकर महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे ने बड़ा बयान दिया है। पंकजा मुंडे ने कहा कि मैंने सरपंच संतोष देशमुख के परिवारीजनों से मिलने का प्रयास किया था, लेकिन गांव की स्थिति को देखते हुए मुझे मिलने से मना कर दिया गया।
विज्ञापन
हत्याकांड में घिरे मंत्री धनंजय मुंडे की चचेरी बहन और महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि मैंने संतोष देशमुख के परिवार से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने अपने गांव की स्थिति के कारण मना कर दिया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मेरा गांव मासाजोग जाना और घटना पर अपनी भावनाएं व्यक्त करना निजी मामला है। सरपंच के परिवार ने उनसे कहा कि गांव की स्थिति उनके हाथ में नहीं है। उन्होंने मुझसे वहां न जाने का आग्रह किया। पंकजा ने कहा कि मैं परिवार की अनुमति लेकर उनसे मिलने जाऊंगी। मेरे दौरे से ज्यादा महत्वपूर्ण परिवार को न्याय दिलाना है।
विज्ञापन
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के पीछे एक बड़ी जबरन वसूली का मामला है। बीड जिले में पवन चक्कियां स्थापित करने वाली एक ऊर्जा कंपनी से कथित तौर पर दो करोड़ रुपये की वसूली की जा रही थी। देशमुख ने इस जबरन वसूली का विरोध किया था, जिसके बाद नौ दिसंबर को उनका अपहरण किया गया और फिर हत्या कर दी गई। उनकी मौत के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया, जिसके बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
वहीं, कुछ दिन पहले, महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मीक कराड ने पुणे में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। कराड को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था। बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। अभी तक कुल सात आरोपी इस मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं। इस मामले के बाद सरपंच के परिवार और कई नेताओं ने मुंडे से सरकार से इस्तीफा देने की मांग की है।