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BRICS NSA Meet: 'वैश्विक दक्षिण की अग्रणी ताकत बने ब्रिक्स', रूसी समकक्ष के साथ बैठक में क्या बोले वांग यी?
Wed, 24 Jun 2026 03:06 AM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 24 Jun 2026 03:06 AM IST
सार
BRICS NSA Meet: चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने रूस के साथ तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स को और मजबूत बनाकर वैश्विक दक्षिण की प्रमुख आवाज बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन और रूस मिलकर विकास, रणनीतिक सहयोग और वैश्विक स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए काम करने को तैयार हैं। पढ़िए रिपोर्ट-
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वांग यी और सर्गेई शोइगु की बैठक
- फोटो : एक्स/चीनी दूतावास, नई दिल्ली
विस्तार
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को चीन और रूस से आपसी सहयोग मजबूत करने की अपील की, ताकि ब्रिक्स तंत्र का विस्तार और सुदृढ़ीकरण हो सके और इसे वैश्विक दक्षिण की 'अग्रणी ताकत' बनाया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि बीजिंग, मॉस्को के साथ मिलकर दोनों देशों के तेज विकास को बढ़ावा देने के लिए तैयार है और मानवता के शांतिपूर्ण विकास में योगदान देने की इच्छा रखता है। यह बयान उन्होंने रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु से मुलाकात के दौरान दिया। इसकी जानकारी भारत में चीन के राजदूत शू फेहोंग ने एक्स पर साझा की।
भारत इस समय ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और उसने 22-23 जून को इस समूह के सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) की बैठक की मेजबानी की। इस बैठक में वांग यी और सर्गेई शोइगु समेत कई नेता शामिल हुए और कार्यक्रम के इतर उनकी मुलाकात भी हुई।
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ये भी पढ़ें: '250 साल बाद भी अच्छे मित्र रहेंगे दोनों देश': अमेरिकी राजदूत गोर ने जमकर की भारत की तारीफ, क्या-क्या कहा?
राजदूत शू ने बताया कि वांग यी ने कहा कि चीन, दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच बनी सहमति को लागू करने, व्यापक रणनीतिक समन्वय को मजबूत करने और दोनों देशों के तेज विकास के लिए रूस के साथ काम करने को तैयार है। साथ ही उन्होंने कहा कि चीन-रूस सहयोग दुनिया के शांतिपूर्ण विकास में योगदान देगा।
'ब्रिक्स बहुपक्षवाद और शांति को बढ़ावा देने वाला मंच'
उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिक्स अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए बहुपक्षवाद, न्याय और शांति को बढ़ावा देने का एक अहम मंच है। चीन-रूस को मिलकर इसके विस्तार और मजबूती पर काम करना चाहिए, ताकि यह वैश्विक दक्षिण की अग्रणी ताकत बन सके। चीन के राजदूत ने यह भी कहा कि इस बैठक में सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा, सुरक्षा माहौल को मजबूत करने और अस्थिर दुनिया में अधिक स्थिरता लाने पर जोर दिया गया ताकि ब्रिक्स अधिक प्रभावशाली योगदान दे सके।
ब्रिक्स में कौन-कौन देश शामिल?
ब्रिक्स मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का समूह था। लेकिन 2024 में इसका विस्तार होकर मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हुए, जबकि 2025 में इंडोनेशिया भी इसमें जुड़ गया।
वैश्विक व्यापार के 26 फीसदी का प्रतिनिधित्व करता है ब्रिक्स
यह समूह अब 11 उभरती अर्थव्यवस्थाओं का प्रतिनिधित्व करता है, जो दुनिया की लगभग 49.5 फीसदी आबादी, करीब 40 फीसदी वैश्विक जीडीपी और लगभग 26 फीसदी वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करता है।
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उन्होंने यह भी कहा कि बीजिंग, मॉस्को के साथ मिलकर दोनों देशों के तेज विकास को बढ़ावा देने के लिए तैयार है और मानवता के शांतिपूर्ण विकास में योगदान देने की इच्छा रखता है। यह बयान उन्होंने रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु से मुलाकात के दौरान दिया। इसकी जानकारी भारत में चीन के राजदूत शू फेहोंग ने एक्स पर साझा की।
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भारत इस समय ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और उसने 22-23 जून को इस समूह के सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) की बैठक की मेजबानी की। इस बैठक में वांग यी और सर्गेई शोइगु समेत कई नेता शामिल हुए और कार्यक्रम के इतर उनकी मुलाकात भी हुई।
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राजदूत शू ने बताया कि वांग यी ने कहा कि चीन, दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच बनी सहमति को लागू करने, व्यापक रणनीतिक समन्वय को मजबूत करने और दोनों देशों के तेज विकास के लिए रूस के साथ काम करने को तैयार है। साथ ही उन्होंने कहा कि चीन-रूस सहयोग दुनिया के शांतिपूर्ण विकास में योगदान देगा।
'ब्रिक्स बहुपक्षवाद और शांति को बढ़ावा देने वाला मंच'
उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिक्स अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए बहुपक्षवाद, न्याय और शांति को बढ़ावा देने का एक अहम मंच है। चीन-रूस को मिलकर इसके विस्तार और मजबूती पर काम करना चाहिए, ताकि यह वैश्विक दक्षिण की अग्रणी ताकत बन सके। चीन के राजदूत ने यह भी कहा कि इस बैठक में सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा, सुरक्षा माहौल को मजबूत करने और अस्थिर दुनिया में अधिक स्थिरता लाने पर जोर दिया गया ताकि ब्रिक्स अधिक प्रभावशाली योगदान दे सके।
ब्रिक्स में कौन-कौन देश शामिल?
ब्रिक्स मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का समूह था। लेकिन 2024 में इसका विस्तार होकर मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हुए, जबकि 2025 में इंडोनेशिया भी इसमें जुड़ गया।
वैश्विक व्यापार के 26 फीसदी का प्रतिनिधित्व करता है ब्रिक्स
यह समूह अब 11 उभरती अर्थव्यवस्थाओं का प्रतिनिधित्व करता है, जो दुनिया की लगभग 49.5 फीसदी आबादी, करीब 40 फीसदी वैश्विक जीडीपी और लगभग 26 फीसदी वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करता है।