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वीवीपीएटी : चंद्रबाबू नायडू समेत 21 विपक्षी दलों ने दायर की पुनर्विचार याचिका, अगले हफ्ते सुनवाई

Fri, 03 May 2019 09:59 PM IST
अमर शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Fri, 03 May 2019 09:59 PM IST
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VVPAT issue: Chandrababu Naidu 21 opposition parties filed review petition, hearing next week
वोटर वैरिफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी)
सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू समेत 21 विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा कम से कम 50 फीसदी ईवीएम के जरिए पड़ने वाले वोटों का मिलान वोटर वैरिफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) से कराने की मांग वाली याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई करने का निर्णय लिया है। 
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बीते आठ अप्रैल को शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग को लोकसभा चुनाव के हर संसदीय सीट के हर विधानसभा क्षेत्र में एक की बजाए पांच वीवीपीएटी की पर्चियों का ईवीएम से औचक मिलान करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के खिलाफ अब 21 विपक्षी दलों के नेताओं ने पुनर्विचार याचिका दायर की है। 
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वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने शुक्रवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ के समक्ष इस पुनर्विचार याचिका का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई करने की गुहार की। साथ ही उन्होंने कहा कि पुनर्विचार याचिका पर ओपन कोर्ट में सुनवाई करने की गुहार की गई है। 
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पुनर्विचार याचिका में कहा गया कि लोकसभा चुनाव के तीन चरणों के मतदान में ईवीएम और वीवीपीएटी की पर्चियों में मिलान न होने की खबर आई है। लिहाजा आठ अप्रैल के आदेश पर फिर से विचार किया जाना चाहिए। याचिका में कहा गया है कि ईवीएम के जरिए पड़ने वाले कुल वोटों में से 50 फीसदी का मिलान वीवीपीएटी से निकलने वाली पर्चियां से कराई जाए। 
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