फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Vivek Doval Statement filed in court In case of defamation against Caravan Magazine

कारवां पत्रिका के खिलाफ मानहानि मामले में अजित डोभाल के बेटे विवेक ने अदालत में दर्ज कराया बयान

Wed, 30 Jan 2019 06:44 PM IST
Avdhesh Kumar भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली Published by: Avdhesh Kumar Updated Wed, 30 Jan 2019 06:44 PM IST
विज्ञापन
Vivek Doval Statement filed in court In case of defamation against Caravan Magazine
ajit doval, NSA
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बेटे विवेक डोभाल ने बुधवार को ‘कारवां’ पत्रिका के खिलाफ अपनी मानहानि की याचिका के सिलसिले में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी की। उन्होंने पत्रिका में कथित मानहानिकारक लेख प्रकाशित किये जाने और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश द्वारा उसकी सामग्री का इस्तेमाल किये जाने पर यह मानहानि का मामला दायर किया है। 
विज्ञापन


विवेक ने अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल को बताया कि पत्रिका द्वारा लगाए गए सभी आरोप जिन्हें बाद में रमेश द्वारा एक संवाददाता सम्मेलन में दोहराया गया वे निराधार और झूठे हैं और इनसे परिवार के सदस्यों और पेशेवर सहकर्मियों के बीच उनकी छवि खराब हुई।
विज्ञापन


अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई 11 फरवरी को तय की है जब दूसरे गवाहों के बयान दर्ज किये जाएंगे। विवेक डोभाल के अलावा दो अन्य गवाह - उनके दोस्त निखिल कपूर और कारोबारी सहयोगी अमित शर्मा- हैं जो आपराधिक मानहानि की इस शिकायत के समर्थन में अपने बयान दर्ज कराएंगे। डोभाल ने अपनी शिकायत में कहा था कि पत्रिका और रमेश ने “जानबूझकर उनकी छवि खराब करने और उन्हें बदनाम” करने का प्रयास किया ताकि उनके पिता से बदला लिया जा सके। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
कारवां पत्रिका ने 16 जनवरी को ‘द डी कंपनी’ के शीर्षक वाले ऑनलाइन लेख में कहा था कि विवेक डोभाल “केमन द्वीपसमूह में हेज फंड चलाते हैं”। यह द्वीपसमूह “कालेधन को ठिकाने लगाने का स्थापित सुरक्षित ठिकाना” है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा 2016 में 500 और हजार रुपये के नोट बंद किये जाने के महज 13 दिन बाद पंजीकृत की गई थी।


शिकायत के मुताबिक, रमेश ने 17 जनवरी को संवाददाता सम्मेलन कर लेख में वर्णित “निराधार और निर्मूल तथ्यों” पर जोर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लेख के तथ्यों में उन्हें लेकर “कोई वैधानिकता” नहीं है लेकिन पूरा विवरण कुछ इस तरह से दिया गया जो पाठकों को “गलत होने का” संकेत देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed