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Vikas Dubey: दोबारा जांच समिति गठित करने को राजी यूपी सरकार, SC के पूर्व जज होंगे शामिल

Mon, 20 Jul 2020 03:19 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Mon, 20 Jul 2020 03:19 PM IST
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Vikas Dubey Encounter News Supreme Court cannot spare sitting top court judge to become part of inquiry committee
गैंगस्टर विकास दुबे (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala

उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे और उसके उसके साथियों की पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की अदालत की निगरानी में जांच की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सोमवार को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई हुई। इस मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार दोबारा जांच समिति गठित किए जाने पर राजी हो गई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई सुनवाई में अदालत ने यूपी सरकार को शीर्ष अदालत के एक पूर्व न्यायाधीश और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी को जांच समिति में शामिल करने का आदेश दिया।

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सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि हम जांच समिति का हिस्सा बनने के लिए शीर्ष अदालत के किसी सिटिंग जज (आसीन न्यायाधीश) को नहीं दे सकते हैं। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा कि आपको एक राज्य के रूप में कानून का शासन बरकरार रखना होगा। ऐसा करना आपका कर्तव्य है। सर्वोच्च न्यायालय ने यूपी सरकार को जांच समिति में शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश और एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी को शामिल करने पर विचार करने को कहा।
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हैदराबाद मुठभेड़ से अलग है यह एनकाउंटर
यूपी सरकार की तरफ से अदालत में पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने जांच समिति का गठन किया है। मुख्य न्यायाधीश बोबडे ने सॉलिसिटर जनरल से पूछा कि यह हैदराबाद एनकाउंटर से अलग कैसे है? उनके पास हथियार नहीं थे। लेकिन आपके ऊपर (यूपी) राज्य सरकार के तौर पर कानून का शासन बनाए रखने की जिम्मेदारी है। इसके लिए गिरफ्तारी, ट्रायल और सजा सुनाई जानी चाहिए। वहीं यूपी डीजीपी की तरफ से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने अदालत में कहा कि यह मामला तेलंगाना से गुणात्मक रूप से अलग है। यहां तक कि पुलिसकर्मियों के भी मौलिक अधिकार हैं। क्या तब पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया जा सकता है जब वह एक खूंखार अपराधी के साथ मुठभेड़ कर रही हो? 

 

जांच समिति के पुनर्गठन को तैयार हुई यूपी सरकार
मुख्य न्यायाधीश ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि यह केवल एक मुठभेड़ का मामला नहीं है बल्कि ये पूरी प्रणाली पर सवालिया निशान है। यूपी सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि वह विकास दुबे मुठभेड़ मामले की जांच के लिए समिति का पुनर्गठन करने के लिए तैयार है। सरकार ने अदालत को बताया कि वो 22 जुलाई तक पूछताछ पैनल में सुझाए गए परिवर्तनों के संबंध में मसौदा अधिसूचना तैयार करेगी। अदालत ने तुषार मेहता से कहा कि अगर यूपी के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने कुछ बयान दिए हैं, तो कुछ का पालन किया जाना चाहिए, आपको इस पर गौर करना चाहिए।

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