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Baby Exchange: विजयवाड़ा के अस्पताल में बच्चा बदलने का मामला, मृत शिशु को लेने को तैयार नहीं दंपती

Sat, 19 Nov 2022 12:41 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विजयवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विजयवाड़ा Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 19 Nov 2022 12:41 PM IST
सार

रंजीत व निर्मला नाम के दंपती ने दावा किया पैदा होते वक्त अस्पताल के स्टाफ ने उन्हें बताया था कि उनके बच्चे का वजन 1.9 किलोग्राम है। इसके कुछ देर बाद कहा गया कि बच्चे को अस्पताल की स्पेशल केयर यूनिट में रखना पड़ेगा, क्योंकि वह कम वजन का है। 

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Three-day-old dead baby lies unclaimed, family allege baby exchange
शिशु(सांकेतिक) - फोटो : Pixabay

विस्तार

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के एक सरकारी अस्पताल में बच्चा बदलने का मामला सामने आया है। बच्चा बदलने का आरोप लगाते हुए एक दंपती ने अस्पताल के शव घर में रखे तीन दिन के मृत बच्चे शव को लेने से इनकार कर दिया है। दंपती बच्चे के डीएनए टेस्ट की मांग कर रहे हैं। 

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रंजीत व निर्मला नाम के दंपती का आरोप है कि उनका बच्चा किसी और को दे दिया गया है। उन्होंने दावा किया पैदा होते वक्त अस्पताल के स्टाफ ने उन्हें बताया था कि उनके बच्चे का वजन 1.9 किलोग्राम है। इसके कुछ देर बाद कहा गया कि बच्चे को अस्पताल की स्पेशल केयर यूनिट में रखना पड़ेगा, क्योंकि वह कम वजन का है। इसके बाद अस्पताल ने बताया कि बच्चे का डायपर हटाने के बाद वजन 400 ग्राम निकला है।
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दंपती ने यह भी आरोप लगाया कि यह बच्चा पूर्व में दिखाए गए बच्चे जैसा भी नहीं था। दो दिन बाद यानी 12 नवंबर को अस्पताल ने उन्हें बताया कि बच्चे की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी एएनआई से चर्चा में रंजीत ने कहा कि मृत बच्चा उनका बेटा नहीं है, इसलिए वे उसका शव लेने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने डीएनए टेस्ट कराने की भी मांग की, ताकि पुष्टि हो सके कि यह बच्चा किसका है। 
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मेरा बच्चा बदल दिया गया : रंजीत
रंजीत ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मेरा बच्चा बदल दिया गया है। अस्पताल के रेकॉर्ड के अनुसार मेरा बच्चा 9 नवंबर को दोपहर 1.22 बजे पैदा हुआ था। मुझे जन्म का समय 4.05 बजे बताया गया। आईडी नंबर बार-बार बदले जाने का शक है। कई अन्य आशंकाएं भी हैं। खून का नमूना लेते वक्त भी लड़के की बजाए लड़की लिखा गया। मृत बच्चा मेरा नहीं है। जब तक डीएनए टेस्ट नहीं कराया जाएगा, मैं उसे नहीं दफनाने की रस्म नहीं करूंगा। 

बच्चा बदलने की संभावना नहीं : अस्पताल
उधर, अस्पताल का कहना है कि नवजात शिशुओं के बदलने की संभावना नहीं है। बच्चे का वजन कम था। उसे इन्क्यूबेशन में रखा गया था और ऑर्गन फेल होने के कारण उसकी मौत हो गई थी। सरकारी अस्पताल की अधीक्षक सौभाग्यलक्ष्मी ने बताया कि उन्हें इस घटना के बारे में मीडिया से ही पता चला। 


कुछ गलतियां की हैं : अधीक्षिका
अधीक्षिका ने माना कि हमारे डॉक्टरों और कर्मचारियों ने कुछ गलतियां की हैं। बच्चे के जन्म के समय और आईडी नंबर में बदलाव में भी गलती की है। गलती से ब्लड सैंपल के पर्चे में यह भी लिख दिया कि यह एक बच्ची है। अगर पिता ने बच्चे के वीडियो की मांग की, तो यह हमारी गलती है कि उन्होंने वीडियो क्यों नहीं दिया गया। अस्पताल डीएनए टेस्ट के लिए भी तैयार है। 

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