लंदन में ठाठ काट रहा माल्या, देश में कस रहा शिकंजा, 100 करोड़ के शेयर जब्त
विजय माल्या भले ही ब्रिटेन में ठाट की जिंदगी जी रहा हो लेकिन भारत में उसके खिलाफ शिकंजा तेजी से कसता जा रहा है। इसके तहत प्रवर्तन निदेशालय ने उसकी परिसंपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इसके तहत यूनाइटेड ब्रुअरीज लिमिटेड में माल्या व उससे संबंधित लोगों व कंपनियों के 100 करोड़ रुपये के शेयर केंद्र सरकार को हस्तांतरित कर दिए गए हैं। इस प्रक्रिया में माल्या के स्वामित्व वाले 4000 करोड़ रुपये के शेयरों को जब्त किया जाना है। इन परिसंपत्तियों को मनी लांड्रिंग कानून के तहत पहले ही अटैच किया जा चुका है।
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मालूम हो कि ईडी ने इस साल 14 जून को मुंबई की एक अदालत में माल्या के खिलाफ 5000 पृष्ठों की एक शिकायत दाखिल की है। इसके अनुसार उसकी कंपनी किंगफिशर ने आईडीबीआई बैंक से हवाई जहाजों के लीज रेंट और एयरलाइंस के दैनिक खर्चों के लिए 900 करोड़ रुपये का लोन लिया और उनमें से 417 करोड़ रुपये अवैध तरीके से विदेश भेज दिए। इसके अलावा उस पर फर्जी कंपनियों के जरिए 1760 करोड़ रुपये की संपत्ति छिपाने का भी आरोप है।
प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग कानून के तहत आरोपी की मृत्यु हो जाने या उसे भगोड़ा घोषित कर दिए जाने के कारण अगर ट्रायल संभव नहीं हो पा रहा है तो विशेष अदालत ईडी द्वारा अटैच की गई उसकी परिसंपत्तियों को जब्त करने का आदेश दे सकती है।
बैंकों पर बकाया (करोड़ रुपये में)
भारतीय स्टेट बैंक-1650, पंजाब नेशनल बैंक-800, आईडीबीआई बैंक-800, बैंक ऑफ इंडिया-650, बैंक ऑफ बड़ौदा-550, यूबीआई-430, स्नेई इन्फ्रा फाइनेंस-430, सेंट्रेल बैंक ऑफ इंडिया-410, यूको बैंक-320, कॉरपोरेशन बैंक-310, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर-150, आईओवी-140, फेडरल बैंक-90, पंजाब एंड सिंध बैंक-60, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स-50, एक्सिस बैंक के 50, जे एंड के बैंक-50 करोड़ रुपये।
मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है: माल्या
जमानत मिलने के बाद कोर्ट से बाहर आए माल्या ने कहा कि उसने कोई गलती नहीं की है, उसके खिलाफ लगाए गए सारे आरोप मनगढ़ंत हैं। वह किसी भी अदालत की कार्यवाही से बचकर यहां नहीं रह रहा है क्योंकि कानूनन वह यहां रह सकता है। उसने अपने केस को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत भी पेश किए हैं।