{"_id":"5c0fd41abdec22419677f098","slug":"vidhan-sabha-chunav-2018-results-people-rejected-aap-voted-for-nota-in-assembly-election-2018","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधानसभा चुनाव परिणाम 2018: आप को जनता ने किया खारिज, प्रत्याशियों से ज्यादा नोटा को मिले वोट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
विधानसभा चुनाव परिणाम 2018: आप को जनता ने किया खारिज, प्रत्याशियों से ज्यादा नोटा को मिले वोट
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 12 Dec 2018 04:41 AM IST
विज्ञापन
Arvind Kejriwal
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के मतगणना के रुझानों से तस्वीर लगभग साफ हो गई और आधिकारिक तौर पर परिणाम जल्द आ जाएंगे। वोटों की गिनती जारी है लेकिन छत्तीसगढ़, राजस्थान, मिजोरम और तेलंगाना में चुनावी तस्वीर स्पष्ट हो गई है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनना तय है। वहीं तेलंगाना में टीआरएस ने सबका सूपड़ा साफ कर दिया है और सरकार बनाने जा रही है।
पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में मिजो नेशनल फ्रंट ने कांग्रेस को करारी मात दी है और सरकार बना रही है। मिजोरम में कांग्रेस के 10 साल से मुख्यमंत्री ललथनहवला दो सीटों पर चुनाव लड़े थे और दोनों ही सीटों पर चुनाव जीतने में नाकाम रहे।
विधानसभा चुनाव में नतीजों के आंकड़ों से राज्यों में राजनीतिक दलों की वास्तविक ताकत का पता चलता है। दिल्ली सरकार को चला रही आम आदमी पार्टी (आप) ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ तीनों राज्यों में अपने दम पर चुनाव लड़ने का फैसला किया था और उम्मीदवार उतारे थे।
विज्ञापन
लेकिन चुनाव नतीजों से पता चलता है तीनों ही राज्यों में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों को जनता ने सिरे से नकार दिया। आलम यह है कि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों से ज्यादा वोट नोटा (इनमें से कोई नहीं के विकल्प) को मिले।
विज्ञापन
पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में मिजो नेशनल फ्रंट ने कांग्रेस को करारी मात दी है और सरकार बना रही है। मिजोरम में कांग्रेस के 10 साल से मुख्यमंत्री ललथनहवला दो सीटों पर चुनाव लड़े थे और दोनों ही सीटों पर चुनाव जीतने में नाकाम रहे।
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव में नतीजों के आंकड़ों से राज्यों में राजनीतिक दलों की वास्तविक ताकत का पता चलता है। दिल्ली सरकार को चला रही आम आदमी पार्टी (आप) ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ तीनों राज्यों में अपने दम पर चुनाव लड़ने का फैसला किया था और उम्मीदवार उतारे थे।
विज्ञापन
लेकिन चुनाव नतीजों से पता चलता है तीनों ही राज्यों में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों को जनता ने सिरे से नकार दिया। आलम यह है कि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों से ज्यादा वोट नोटा (इनमें से कोई नहीं के विकल्प) को मिले।
आप बनाम नोटा का आंकड़ा
| राजस्थान | मध्यप्रदेश | छत्तीसगढ़ | |
| आप | 99,266 | 1,17,968 | 44020 |
| नोटा | 3,56,185 | 2,63,835 | 1,05,919 |