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VP Election 2025: विपक्ष के प्रत्याशी ने सभी दलों के सांसदों को लिखा पत्र, चुनाव आयोग पर की गंभीर टिप्पणी
Mon, 01 Sep 2025 03:12 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 01 Sep 2025 03:12 PM IST
सार
उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव आगामी 9 सितंबर को कराए जाएंगे। मतदान से पहले आज विपक्षी खेमे- INDIA ब्लॉक के प्रत्याशी सेवानिवृत्त जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी ने सभी दलों के सांसदों को पत्र लिखा है। उन्होंने सांसदों से इस सांविधानिक पद के चुनाव में बहस को लेकर बयान दिया। जानिए रेड्डी ने क्या कहा?
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सेवानिवृत्त जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी के बयान का अंश (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में विपक्षी खेमे- INDIA ब्लॉक के प्रत्याशी सेवानिवृत्त जस्टिस रेड्डी ने सभी दलों के सांसदों को पत्र लिखा है। बता दें कि रेड्डी का मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रत्याशी और महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे सीपी राधाकृष्णन से है। दोनों प्रत्याशियों के पक्ष में समीकरणों को मजबूत करने लेकर सत्ताधारी गुट के साथ-साथ विपक्षी दलों को भी एकजुट रखने का प्रयास किया जा रहा है। इसी बीच रेड्डी का सांसदों को पत्र लिखना चर्चा में है।
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अगर दोनों प्रत्याशी चाहें तो चुनाव से पहले बहस हो सकती है
आगामी 9 सितंबर को होने वाले मतदान से पहले इंडिया ब्लॉक के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी ने हैदराबाद में कहा, मेरे प्रतिद्वंद्वी बोल नहीं रहे हैं। अगर दोनों उम्मीदवार बोलें तो बहस हो सकती है। रेड्डी ने कहा, मैं विपक्षी दलों का उम्मीदवार हूं, मुझे आप जैसी गैर INDIA ब्लॉक पार्टियों से समर्थन मिला है। उन्होंने कहा, उपराष्ट्रपति पद का चुनाव उनके जीवन में संविधान के साथ लंबी यात्रा का एक हिस्सा है। उन्होंने भरोसा जताया कि 2025 का चुनाव भारत के हालिया इतिहास में लड़े गए सबसे निष्पक्ष, प्रतिष्ठित और मर्यादित चुनावों में से एक होगा।
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संविधान का काम शक्तियों को सीमित करना
हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, 'हमारा राज्य बहुसंख्यकवादी नहीं है। संविधान किसी को शक्ति नहीं देता, उसका काम शक्ति को सीमित करना है।' उन्होंने चुनाव आयोग के कामकाज पर भी टिप्पणी की। रेड्डी ने कहा, संविधान के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में 'कमी' है।
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विपक्ष का दांव- न्यायप्रिय छवि वाले रेड्डी
79 वर्षीय रिटायर्ड जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी सुप्रीम कोर्ट से जुलाई 2011 में सेवानिवृत्त हुए थे। इससे पहले वे आंध्र प्रदेश, गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भी रहे। उन्होंने अपने न्यायिक करियर में कई अहम फैसले दिए, जिसमें काला धन मामले में केंद्र सरकार की ढिलाई की आलोचना, छत्तीसगढ़ सरकार की सलवा जुडूम नीति को असांविधानिक ठहराना और काले धन की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने जैसे आदेश प्रमुख हैं। कांग्रेस और विपक्षी दल मानते हैं कि रेड्डी 'सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के सतत व साहसी समर्थक' हैं। तेलंगाना में जातिगत सर्वेक्षण कराने वाली समिति का नेतृत्व करने को लेकर भी रेड्डी चर्चा में रहे।
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गौरतलब है कि रेड्डी के पत्र लिखने से एक दिन पहले आई खबर के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एनडीए के सभी सांसदों को रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया है। एनडीए के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि इस तरह का आयोजन गठबंधन की एकता को मजबूत करने में हमेशा उपयोगी साबित होता है। उन्होंने कहा, यद्यपि हमारे उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को एनडीए के सभी सहयोगियों का पूर्ण समर्थन हासिल है, यह रात्रिभोज मतदान के दौरान सांसदों के बीच समन्वय और एकता सुनिश्चित करने में मदद करेगा।