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विश्व बिरादरी को आतंकवाद से लड़ने के लिए साथ आना चाहिए : उपराष्ट्रपति
भाषा, पुणे
Updated Tue, 02 Oct 2018 09:53 PM IST
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venkaiah naidu
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उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने मंगलवार को कहा कि पूरी विश्व बिरादरी को आतंकवाद से लड़ने के लिए एक साथ आना चाहिए। वह यहां एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के एक नवनिर्मित परिसर के उद्घाटन के बाद उपस्थित जन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ‘विश्व विज्ञान, धर्म और दर्शन संसद’ का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा, ‘‘हिंसा और आतंकवाद मानवजाति के दुश्मन हैं। हिंसा से कोई भी व्यक्ति अपना उद्देश्य नहीं हासिल कर सकता... कुछ लोग सोचते हैं कि गोली मतपत्र से अधिक महत्वपूर्ण है लेकिन मतपत्र किसी की तकदीर बदल सकता है।’’
उन्होंने कहा कि गोली किसी की जान ले सकती है और वही गोली उसे चलाने वाले की भी जान ले सकती है। नायडू ने कहा, ‘‘आज मैं पुणे में यह कह रहा हूं और आप मेरे यहां से चले जाने के बाद इसका महत्व समझेंगे।’’
उन्होंने कहा कि जो लोग चरमपंथ को बढ़ावा देते हैं वे समाज के लिए खतरनाक हैं। पहले केवल भारत आतंकवाद की बात उठाता था और पश्चिम के देशों को इस मुद्दे की परवाह नहीं होती थी लकिन कुछ बड़े आतंकवादी हमले होने के बाद अमेरिका, यूरोप, रूस और अन्य देश चिंता महसूस करने लगे। उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘पूरी विश्व बिरादरी को आतंकवाद से लड़ने के लिए साथ आना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि आतंकवाद और हिंसा का कोई वर्ग या धर्म नहीं होता है।
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उन्होंने कहा कि गोली किसी की जान ले सकती है और वही गोली उसे चलाने वाले की भी जान ले सकती है। नायडू ने कहा, ‘‘आज मैं पुणे में यह कह रहा हूं और आप मेरे यहां से चले जाने के बाद इसका महत्व समझेंगे।’’
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उन्होंने कहा कि जो लोग चरमपंथ को बढ़ावा देते हैं वे समाज के लिए खतरनाक हैं। पहले केवल भारत आतंकवाद की बात उठाता था और पश्चिम के देशों को इस मुद्दे की परवाह नहीं होती थी लकिन कुछ बड़े आतंकवादी हमले होने के बाद अमेरिका, यूरोप, रूस और अन्य देश चिंता महसूस करने लगे। उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘पूरी विश्व बिरादरी को आतंकवाद से लड़ने के लिए साथ आना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि आतंकवाद और हिंसा का कोई वर्ग या धर्म नहीं होता है।
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