Indian Navy: 39 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए नौसेना के उप प्रमुख एसएन घोरमडे, दिया अहम योगदान
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वाइस एडमिरल घोरमडे ने एकीकृत योजना, नवाचार, स्वदेशीकरण, पूंजी अधिग्रहण में उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने, बुनियादी ढांचे के विकास और आवंटित राजकोषीय संसाधनों के अनुकूलन पर फोकस किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नौसेना के उप प्रमुख एस एन घोरमडे 39 साल से अधिक समय तक सेवा देने के बाद शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो गए। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नौसेना के उप प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य-प्रूफ नौसेना के निर्माण और निर्वाह की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मंत्रालय ने कहा कि वाइस एडमिरल घोरमडे ने एकीकृत योजना, नवाचार, स्वदेशीकरण, पूंजी अधिग्रहण में उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने, बुनियादी ढांचे के विकास और आवंटित राजकोषीय संसाधनों के अनुकूलन पर फोकस किया। उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और एकीकृत योजना पर जोर देने के साथ ही सशस्त्र बलों के लिए एक रोडमैप पर भी काम किया।
बयान में कहा गया है कि नौसेना आत्मनिर्भरता में सबसे आगे रही है और फ्लैग ऑफिसर ने डीआरडीओ के साथ भारतीय उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए समर्पित प्रयासों के साथ आत्मनिर्भरत पहल को गति दी है। स्वदेशीकरण पर निरंतर प्रोत्साहन के परिणामस्वरूप नौसेना के जहाजों में स्वदेशी सामग्री में निरंतर वृद्धि हुई है।
यह भी पढ़ें: Success Story: नौ सेना के पहले आईटी बैच में सब लेफ्टिनेंट बनीं हिमाचल की निकिता सिंह
बयान में कहा गया है कि भारतीय नौसेना ने निजी क्षेत्र सहित भारतीय औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र की अधिक भागीदारी को शामिल करके आत्मनिर्भरता के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए आईडीईएक्स मार्गों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया है।
इसमें आगे कहा गया, उनकी देखरेख में भारतीय नौसेना ने 75 से अधिक गेम-चेंजर प्रौद्योगिकियों / उत्पादों को शामिल करने की नींव रखी, जिन्हें स्वावलंबन संगोष्ठी के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा लॉन्च किया गया था।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.