West Bengal: 'रामनवमी के दौरान हुई हिंसा मामले में ममता बनर्जी की भूमिका की भी हो जांच', विहिप ने की मांग
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पिछले महीने रामनवमी समारोह के दौरान और बाद में हुगली जिले के रिशरा और हावड़ा के शिबपुर में हुई हिंसा की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच कराने का गुरुवार को आदेश दिया है।
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पश्चिम बंगाल में रामनवमी के दौरान हुई हिंसा की जांच अब एनआईए करेगी। गुरुवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने यह आदेश दिया। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे साफ होता है कि हमले की साजिश पहले ही रची गई थी।
दो जगह हुई थी हिंसा
बता दें, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पिछले महीने रामनवमी समारोह के दौरान और बाद में हुगली जिले के रिशरा और हावड़ा के शिबपुर में हुई हिंसा की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच कराने का गुरुवार को आदेश दिया है।
ममता बनर्जी पर हमला कराने का आरोप
माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में रामनवमी के दौरान हुई हिंसा के पीछे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का हाथ है। इसे लेकर विहिप के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने मांग की है कि हिंसा में सीएम और उनकी पार्टी टीएमसी की क्या भूमिका है इसकी भी एनआईए को जांच करनी चाहिए।
आतकंवादी घटना से कम नहीं
विहिप नेता ने कहा कि यह किसी आतंकवादी घटना से कम नहीं थी। इस हिंसा की केवल एनआईए जांच कर सकती है और अपराधियों का पता लगा सकती है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल पुलिस दंगाइयों के हाथों की कठपुतली बन गई है।
एनआईए ही सच्चाई सामने लाएगी
उन्होंने कहा कि हिंसा किसी ने भी करवाई हो, लेकिन पूरे देश में कहा जा रहा है कि इसके पीछे निश्चित रूप से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का हाथ है। इसलिए उम्मीद है कि एनआईए सच सामने लाएगी और इन दंगों में ममता बनर्जी व उनकी पार्टी की भूमिका की भी जांच करेगी।