VHP: बांग्लादेश में हिंदुओं-मंदिरों पर हुए हमले, विहिप ने विश्व समुदाय से शांति की मांग की
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने मंगलवार को कहा कि हमारा पड़ोसी बांग्लादेश एक विचित्र अनिश्चितता, हिंसा और अराजकता की स्थिति में फंसा हुआ है। हसीना सरकार के त्यागपत्र और उनके देश छोड़ने के बाद अन्तरिम सरकार के गठन की प्रक्रिया चल रही है। संकट की इस घड़ी मे भारत बांग्लादेश के समस्त समाज के साथ एक मित्र के नाते मजबूती से खड़ा है।
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बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद भी हिंसा जारी है। इस हिंसा का सबसे ज्यादा शिकार बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिंदुओं-जैन और बौद्धों को होना पड़ रहा है। बांग्लादेश के अलग अलग हिस्सों से अल्पसंख्यक हिंदुओं से मारपीट और उनकी हत्या करने के समाचार मिल रहे हैं। हिंदुओं के मंदिरों, घरों और दुकानों को लूटे जाने के समाचार भी मिल रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और केंद्र सरकार से अपील की है कि वे बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं, जैनों और बौद्धों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास करें। संगठन ने बांग्लादेश के जिम्मेदार लोगों से हिंदुओं के मंदिरों-मठों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की अपील की है।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने मंगलवार को कहा कि हमारा पड़ोसी बांग्लादेश एक विचित्र अनिश्चितता, हिंसा और अराजकता की स्थिति में फंसा हुआ है। हसीना सरकार के त्यागपत्र और उनके देश छोड़ने के बाद अन्तरिम सरकार के गठन की प्रक्रिया चल रही है। संकट की इस घड़ी मे भारत बांग्लादेश के समस्त समाज के साथ एक मित्र के नाते मजबूती से खड़ा है।
लेकिन इस बीच जारी हिंसा में सोमवार तक बांग्लादेश के पंचगढ़ जिले में 22 घर, झीनैदाह में 20 घर और जैसोर में 22 दुकानें कट्टरपंथियों के निशाने बन चुके हैं। बांग्लादेश मीडिया ने खबर दी है कि अनेक जिलों में तो शमशान तक तोड़ दिए गए हैं। मंदिर और गुरुद्वारों को भी भारी क्षति पहुंचाई गई है। बांग्लादेश में शायद ही कोई जिला बचा हो जो इनकी हिंसा व आतंक का निशाना न बना हो और इस हिंसा में हिंदुओं को जान-माल की क्षति न पहुंचाई गई हो। विहिप नेता ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय जो कभी 32% हुआ करता था, अब 8% से भी कम बचा है। शेष बचे-खुचे लोगों को भी लगातार जिहादी उत्पीड़न का शिकार होना पड़ रहा है।
विहिप अध्यक्ष ने यह कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के घर, मकान, दुकान, ऑफिस, व्यवसायिक प्रतिष्ठान व महिलाएं, बच्चे व उनकी आस्था व विश्वास के केंद्र मन्दिर व गुरुद्वारे तक सुरक्षित नहीं हैं। कहा जा सकता है कि वहां पीड़ित अल्पसंख्यकों की हालत बद से भी बदतर होती जा रही है। यह स्थिति चिंतनीय है। उन्होने कहा कि ऐसे में विश्व समुदाय की यह जिम्मेवारी है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा व मानवाधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कार्यवाही करें।
आलोक कुमार ने कहा कि पड़ोसी देश भारत इस परिस्थिति में आंखे बंद कर नहीं रह सकता। भारत ने परंपरा से ही विश्वभर के उत्पीड़ित समाजों की सहायता की है। विश्व हिन्दू परिषद भारत सरकार से यह आग्रह करती है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए।
चेतावनी
विहिप नेता ने कहा कि बांग्लादेश की आपातस्थिति का लाभ आतंकी संगठन उठा सकते हैं। यह संभव है कि इस परिस्थिति का लाभ उठा कर सीमा पार से घुसपैठ का एक बड़ा प्रयत्न किया जाए। इससे सतर्क रहना होगा। इसलिए हमारे सुरक्षाबलों के लिए यह आवश्यक है कि सीमा पर कड़ी चौकसी बरतें और किसी भी तरह के अतिक्रमण को न होने दें। विहिप अध्यक्ष ने कहा कि हमारी कामना है कि बांग्लादेश में जल्दी से जल्दी लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्ष सरकार पुनः स्थापित हों। वहाँ के समाज को मानवाधिकार मिलें और बांग्लादेश की निरंतर हो रही आर्थिक प्रगति में कोई बाधा न आये। भारत का समाज और सरकार इस विषय में निरंतर बांग्लादेश के सहयोगी बने रहेंगे।