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हैरानी: साईं की शिर्डी में कहां गुम हो रहे लोग, कोर्ट ने पुलिस से कहा- जरा पता करके बताएं
Sat, 14 Dec 2019 01:58 AM IST
योगेश साहू
ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई
ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई
Published by: योगेश साहू
Updated Sat, 14 Dec 2019 01:58 AM IST
सार
- बीते साल में 88 लोगों के शिर्डी से गुम होने की शिकायतें
- देश के सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में शुमार की जाती है शिर्डी
- बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ ने पुलिस को दिया
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shirdi sai baba
विस्तार
देश के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में शुमार शिर्डी में लोगों के लापता होने की घटनाओं को अदालत ने गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ ने पुलिस को आदेश जारी करते हुए लोगों की गुमशुदगी के पीछे मानव तस्करी अथवा मानव अंगों की अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले रैकेट की आशंका जताई है।
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कोर्ट ने कहा कि बीते एक बरस में 88 लोगों के शिर्डी से गुम होने की शिकायतें हैं। न्यायाधीश टी.वी. नलावडे और एस.एम. गवान्हे की खंडपीठ ने 2018 में दर्ज एक शिकायत पर यह आदेश दिए। कोर्ट में मनोज कुमार नामक व्यक्ति ने शिर्डी में 2017 में अपनी पत्नी की गुमशुदगी पर आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया था।
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रिश्तेदार समझ नहीं पाते कि कैसे ढूंढें गुमशुदा महिलाएं
कोर्ट ने कहा कि गुमशुदा शिकायतों के अधिकतर मामले शिर्डी में आए दर्शनार्थियों के हैं। खंडपीठ ने कहा कि खोए हुए कुछ लोग मिले भी हैं लेकिन अधिकतर गुमशुदा महिलाओं का पता नहीं लगा। देश के सबसे अमीर मंदिरों में शुमार शिर्डी में हर दिशा से हजारों लोग प्रतिदिन आते हैं।
कोर्ट ने आशंका जताई कि बीते एक साल में गुमशुदा लोगों की संख्या 88 से अधिक हो सकती है क्योंकि आम तौर पर गुम हुए गरीब और अनपढ़ लोगों के रिश्तेदार समझ नहीं पाते कि कैसे ढूंढेंगे। उनमें से कम ही पुलिस के पास पहुंचते हैं और अदालत में ऐसा केस आना दुर्लभ है।
लोगों की गुमशुदगी के पीछे मानव तस्करी अथवा मानव अंगों की अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले रैकेट होने की आशंका के साथ खंडपीठ ने अहमदनगर पुलिस अधीक्षक को आदेश दिए कि जांच के लिए विशेष दल बनाएं और गुम हुए लोगों की तलाश करें।
कोर्ट ने आशंका जताई कि बीते एक साल में गुमशुदा लोगों की संख्या 88 से अधिक हो सकती है क्योंकि आम तौर पर गुम हुए गरीब और अनपढ़ लोगों के रिश्तेदार समझ नहीं पाते कि कैसे ढूंढेंगे। उनमें से कम ही पुलिस के पास पहुंचते हैं और अदालत में ऐसा केस आना दुर्लभ है।
लोगों की गुमशुदगी के पीछे मानव तस्करी अथवा मानव अंगों की अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले रैकेट होने की आशंका के साथ खंडपीठ ने अहमदनगर पुलिस अधीक्षक को आदेश दिए कि जांच के लिए विशेष दल बनाएं और गुम हुए लोगों की तलाश करें।