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नायडू ने जताई चिंता: अरुणाचल के विधायकों से कहा- संसद व विधानसभाओं में हंगामों से जनता व्यथित
Sat, 09 Oct 2021 04:38 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, ईटानगर
पीटीआई, ईटानगर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 09 Oct 2021 04:38 PM IST
सार
नायडू ने कहा कि लोग जनप्रतिनिधियों को इसलिए वोट देते हैं कि वे उनकी उम्मीदों व मांगों को आवाज देंगे और महत्वपूर्ण मामलों के कानून बनाएंगे।
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राज्यसभा के चेयरमैन एम वेंकैया नायडू
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि संसद व राज्यों की विधानसभाओं में हंगामों के बीच जिस तरह से कानून बनाए जा रहे हैं, उससे देश की जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
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नायडू दो दिन के लिए अरूणाचल प्रदेश के दौरे पर हैं। दौरे के दूसरे दिन शनिवार को उन्होंने अरूणाचल विधानसभा के विशेष सत्र में विधायकों को संबोधित करते हुए उक्त चिंता जताई। नायडू ने कहा कि लोग जनप्रतिनिधियों को इसलिए वोट देते हैं कि वे उनकी उम्मीदों व मांगों को आवाज देंगे और महत्वपूर्ण मामलों के कानून बनाएंगे।
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उपराष्ट्रपति ने कहा कि संसद व विधानसभाओं में बढ़ते व्यवधान से लोग हताश हो रहे हैं। जनता जब देखती है कि कानून बनाते वक्त कोई गंभीर बहस नहीं हो रही है और कोई ठोस फैसले नहीं हो पा रहे हैं तो सिस्टम के प्रति उसका विश्वास घटता है। उन्होंने विधानसभा सदस्यों से आह्वान किया कि वे संकल्प लें कि देश में लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करेंगे।
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राज्यसभा में हुए हंगामे का किया जिक्र
नायडू ने कहा कि राज्यसभा का सभापति होने के नाते हमारे देश के संसदीय संस्थानों के कामकाज के बारे में संक्षिप्त में बताना मेरा दायित्व है। पिछले मानसून सत्र के दौरान हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को याद होगा जब इस सम्मानित सदन में कुछ सदस्यों ने संसदीय दस्तावेज फाड़कर सदन में उड़ाए थे। इतना ही नहीं वे सदन की टेबल पर चढ़ गए थे। उन्होंने कहा कि इसी तरह का अनियंत्रित बर्ताव कुछ राज्यों की विधानसभाओं में भी हुआ। नायडू ने कहा कि यह प्रवृत्ति अब बंद होना चाहिए। हमें सुनिश्चित करना चाहिए कि संसद व विधानसभाएं नए भारत, जिसका हम सभी सपना संजोए हैं, को आकार देने में प्रभावी भूमिका निभाएं। हमारा लोकतंत्र विश्व के प्राचीन लोकतंत्रों में से एक है, आइये इसे श्रेष्ठ बनाएं।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि संसद व विधानसभाओं में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने पर जोर देते हुए नायडू ने जिक्र किया कि अरुणाचल विधानसभा में मात्र चार महिला प्रतिनिधि हैं। आठ राज्यों की कुल 498 विधानसभा सीटों में से मात्र 20 महिलाएं हैं।