राज्यसभा न चलने से वेंकैया नाराज, कहा- देश देख रहा है कि आप क्या कर रहे हैं
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राज्यसभा बुधवार की सुबह एकबार फिर से हंगामे के भेंट चढ़ गई और फिर दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सुबह जैसे की राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई वैसे ही विपक्षी दल के नेताओं ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया जिसकी वजह से सभापति ने सदन को स्थगित कर दिया। वहीं लोकसभा में कावेरी जल विवाद को लेकर अन्नाद्रमुक के सांसदों ने एकबार फिर से संसद में हंगामा शुरू कर दिया जिसके बाद सुमित्रा महाजन ने सदन को कल तक के लिए स्थगित कर दिया।
इसबार राज्यसभा में एकदिन भी किसी भी मामले पर बहस नहीं हो सकी है। काम काज न हो पाने के कारण राज्य सभा के सभापति वेंकैया नायडू ने कहा, 'यह बहुत शर्म की बात है कि इसबार सदन में कोई भी बिल पास नहीं हो सका है। उन्होंने नाराजगी भरे लहजे में कहा कि देश विकास चाहता है और आप देश के नागरिकों के धैर्य का परीक्षा ले रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूरा देश देख रहा है कि सदन में क्या हो रहा है। सांसदों पर नाराज होते हुए सभापति ने दोपहर दो बजे तक के लिए सभा को स्थगित कर दिया।'
वहीं मंगलवार को भी अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) और तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के सदस्यों ने सदन में जोरदार हंगामा करते हुए सदन में नारेबाजी की व तख्तियां दिखाईं थीं। जिसकी वजह से सदन को दिनभर के लिए रोकना पड़ा था।
सभापति एम.वेंकैया नायडू ने विरोध कर रहे सदस्यों से कहा था कि वह 'सभी मुद्दों पर चर्चा कराने के लिए तैयार हैं,' लेकिन शोरगुल और विरोध प्रदर्शन जारी रहा था।
सदनों में लगातार 19वें दिन भी कोई कामकाज नहीं हो सका
संसद के दोनों सदनों में लगातार 19वें दिन भी कोई कामकाज नहीं हो सका। विपक्ष के भारी हंगामे और शोरगुल के बाद सदन की कार्यवाही पिछले 19 दिनों से लगातार स्थगित की जा रही है।
वहीं एससी/एसटी कानून पर सुप्रीम कोर्ट के हाल के फैसले के बाद देशभर में बड़े पैमाने पर हिंसा के अगले दिन लोकसभा में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार इस फैसले में पार्टी नहीं है। बल्कि सरकार ने पहले ही शीर्ष अदालत में फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है।