{"_id":"60a18903a10ce760fd684d80","slug":"vaccination-who-people-first-booking-is-on-time-will-get-second-dose-of-covishield-vaccine","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीकाकरण: पहले की है बुकिंग तो समय पर ही मिलेगी कोविशील्ड की दूसरी खुराक","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
टीकाकरण: पहले की है बुकिंग तो समय पर ही मिलेगी कोविशील्ड की दूसरी खुराक
Mon, 17 May 2021 02:35 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 17 May 2021 02:35 AM IST
सार
- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि दूसरी खुराक के लिए पहले से बुक अपॉइंटमेंट निरस्त नहीं होगा। कोविशील्ड की दो डोज के बीच का जो अंतर बढ़ाया गया है, उससे जुड़ा बदलाव अब कोविन पोर्टल पर भी देखने को मिलेगा
विज्ञापन
कोविशील्ड
- फोटो : twitter@serum institute
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिन लोगों ने कोविशील्ड टीके की पहली खुराक ले ली है और अब दो खुराक के बीच समय अंतराल बढ़ने से वह चिंतित हैं तो ऐसे लोगों को दूसरी खुराक उसी वक्त पर मिलेगी जिसका अपॉइंटमेंट बुक कर रखा है।
विज्ञापन
कोविशील्ड की दूसरी खुराक लेने के लिए नहीं निरस्त होगा स्लॉट
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि दूसरी खुराक के लिए पहले से बुक अपॉइंटमेंट निरस्त नहीं होगा। कोविशील्ड की दो डोज के बीच का जो अंतर बढ़ाया गया है, उससे जुड़ा बदलाव अब कोविन पोर्टल पर भी देखने को मिलेगा। लोगों को सलाह दी गई है कि जिनको भी कोविशील्ड की दूसरी खुराक लेनी है, वह नए अंतराल के हिसाब से ही अपॉइंटमेंट बुक करें। कोविशील्ड की दो डोज के बीच अंतर पहले 6-8 हफ्ते का था।
विज्ञापन
भारत में अब इसे बढ़ाकर 12-16 सप्ताह कर दिया गया है। कोविन साइट पर अब अगर आप देखेंगे तो वहां लिखा है कि कोवाक्सिन की दूसरी खुराक, पहली के 28 से 42 दिनों के बाद ली जा सकती है। वहीं, कोविशील्ड की पहली और दूसरी खुराक में 84 से 112 दिनों का अंतर होना चाहिए।
विज्ञापन
मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा है कि कोविन वेबसाइट पर नए बदलाव कर दिए हैं, इसलिए अब नए अपॉइंटमेंट 84 दिन के अंतराल पर होंगे। मंत्रालय ने राज्यों को आदेश दिया है कि फील्ड लेवल पर सभी कर्मचारियों की इसकी जानकारी होनी चाहिए ताकि टीका लेने पहुंचे लाभार्थी को गलत जानकारी के अभाव में वापस न भेज दिया जाए।