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उत्तराखंड: एनएमसीजी की बैठक में छह नदियों के लिए क्लीन गंगा मिशन के नौ नए प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी
Sat, 17 Jul 2021 02:23 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 17 Jul 2021 02:23 AM IST
सार
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, मंजूर किए गए 9 में से 6 प्रोजेक्ट अकेले उधम सिंह नगर जिले की विभिन्न छोटी नदियों या उनकी शाखाओं से प्रदूषण खत्म करने के लिए हैं। इनमें भेला, ढेला, किच्छा, नांदोर, पिलांखा और कोसी शामिल हैं।
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राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा अभियान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तराखंड में गंगा से जुड़ी छह नदियों के कायाकल्प के लिए नौ नए प्रोजेक्टों को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा अभियान (एनएमसीजी) ने शुक्रवार को हरी झंडी दे दी।
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एनएमसीजी महानिदेशक राजीव रंजन की अध्यक्षता वाली 36वीं कार्यकारी समिति बैठक में मंजूर इन 9 प्रोजेक्टों में उत्तराखंद की मौजूदा राजधानी देहरादून के अंदर बहने वाली रिस्पना और बिंदाल नदियों के कायाकल्प की योजना भी शामिल है।
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एनएमसीजी की 36वीं बैठक में दी हरी झंडी, देहरादून शहर की रिस्पना-बिंदाल को भी मिलेगा पुनर्जीवन
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, मंजूर किए गए 9 में से 6 प्रोजेक्ट अकेले उधम सिंह नगर जिले की विभिन्न छोटी नदियों या उनकी शाखाओं से प्रदूषण खत्म करने के लिए हैं। इनमें भेला, ढेला, किच्छा, नांदोर, पिलांखा और कोसी शामिल हैं। इनके लिए भेला, ढेला, किच्छा, कोसी, नांधोर, पिलांखा और काशीपुर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्मित किए जाएंगे। इसके लिए 199 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
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अन्य दो प्रदूषित स्थान रिस्पना-बिंदाल और सुसवा नदियों पर चिह्नित किए गए हैं, जबकि जगजीतपुर में गंगा की मुख्य धारा में ही हो रहे प्रदूषण को रोका जाएगा। हालांकि गंगा की मुख्य धारा में यहां हो रहा प्रदूषण हटाने की तैयारी पहले ही जगजीतपुर एसटीपी प्रोजेक्ट के जरिये की जा चुकी है। अन्य दो प्रोजेक्ट पर भी नमामी गंगे के तहत पहले ही काम चल रहा है।