उत्तर प्रदेश चुनाव: भाजपा ने तैयार की जातिगत व्यूह रचना, धर्मेंद्र प्रधान, कैप्टन अभिमन्यु और मेघवाल पर आखिर क्यों खेला दांव
यूपी इलेक्शन 2022 को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा ने सियासी जमावट शुरू कर दी है। जातिगत समीकरण साधने के लिए केंद्र से लेकर राज्य तक के भाजपा नेताओं को मैदान में उतार दिया गया है।
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उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने एक बार फिर मजबूत सामाजिक समीकरण तय करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। भाजपा ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम का एलान किया है। प्रधान को जहां उत्तरप्रदेश चुनाव का प्रभारी नियुक्त किया गया है, वहीं उनके साथ सह प्रभारी बनाकर पार्टी ने जातिगत समीकरण को भी साधने की कोशिश की है।
शिक्षा मंत्री की होगी परीक्षा
उत्तर प्रदेश के चुनाव में ओबीसी वर्ग बहुत ही महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका निभाता आया है। 2017 में पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने में इस वर्ग की अहम भूमिका रही है। इन्हीं समीकरणों को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने ओबीसी समुदाय से आने वाले धर्मेंद्र प्रधान को राज्य का चुनाव प्रभारी बनाया है। प्रधान केंद्र सरकार में भी बड़े ओबीसी चेहरे के रूप में जाने जाते है। छत्तीसगढ़, बिहार, कर्नाटक और झारखंड राज्य में प्रभारी रहते हुए प्रधान ने ओबीसी के बड़े तबके को पार्टी से जोड़ने का काम किया था। अब 2022 के यूपी चुनाव में केंद्रीय शिक्षा मंत्री की परीक्षा होना है।
ब्राह्मणों को मनाने का जिम्मा सरोज पांडेय को
राज्य में ब्राह्मण समुदाय की नाराजगी को दूर करने का जिम्मा राज्यसभा से भाजपा सांसद सरोज पांडेय के कंधों पर होगी। पांडेय मूलतः उत्तर प्रदेश की हैं, लेकिन वे शुरू से ही अपनी राजनीति छत्तीसगढ़ में करती आई है। पांडेय को पार्टी में संगठन में काम करने का लंबा अनुभव है। वे कई बार राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं से जुड़े मुद्दों का प्रतिनिधित्व करती आई हैं। यूपी में जहां ब्राह्मणों को साधने के लिए सपा, बसपा जुटी हुई है, ऐसे में भाजपा सरोज पांडेय को सह प्रभारी बनाकर ब्राह्मण समाज को एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की है।
किसान आंदोलन से बिगड़ा जातिगत समीकरण, कैप्टन मनाएंगे जाटों को
पश्चिमी यूपी में किसान आंदोलन के कारण भाजपा का जातिगत समीकरण बिगड़ गया हैं। कहीं न कहीं जाट समुदाय भाजपा से इन दिनों नाखुश नजर आ रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट लॉबी बेहद हावी और एक महत्पूवर्ण वोट बैंक है। पार्टी ने इसे मैनेज करने के लिए हरियाणा के पूर्व मंत्री और जाट समाज से आने वाले कैप्टन अभिमन्यु को चुनाव का सहप्रभारी बनाया है। पश्चिम यूपी में कैप्टन अभिमन्यु की रिश्तेदारी भी है। ऐसे में बीजेपी अब उनके जरिए जाटों की नाराजगी दूर करने की कोशिश करेगी।
राजनाथ, योगी व अनुराग ठाकुर साधेंगे क्षत्रिय समाज को
ठाकुर, राजपूतों के साथ युवा वोटर्स को लुभाने के लिए भाजपा ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को सहप्रभारी बनाकर नया दांव चला है। भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रहे ठाकुर इन दिनों युवाओं में बेहद लोकप्रिय चेहरा भी हैं। वे क्षत्रिय समाज को साधने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते है। जबकि सीएम योगी आदित्यनाथ और रक्षामंत्री राजनाथसिंह भी क्षत्रिय समाज के प्रदेश में बड़ा चेहरा जाने जाते है। वहीं आरएसएस की पृष्ठिभूमि से आने वाली केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे की छवि हिंदुत्ववादी नेता की रही है। राज्य में कहीं न कहीं वो पार्टी के हिंदुत्व के एजेंडे को धार देंगी।
अर्जुन राम मेघवाल को अजा-जजा व पिछड़ों का जिम्मा
यूपी की राजनीति में अजा-जजा वोटर्स का बहुत अहम रोल रहा है। ऐसे में दलितों और पिछडों को साधने के लिए पार्टी ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को सहप्रभारी बनाया है। मेघवाल पार्टी के प्रमुख दलित नेताओं में से एक है। राजस्थान समेत देश के राज्यों में दलित समाज में उनका काफी प्रभाव है। राजस्थान की सीमा पश्चिम यूपी के बृज क्षेत्र से लगी हुई है, जहां अजा-जजा समाज बड़ी संख्या में है।
भूमिहारों को रिझाएंगे विवेक ठाकुर
पार्टी ने भूमिहारों को रिझाने का जिम्मा बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता सीपी ठाकुर के बेटे राज्यसभा सांसद विवेक ठाकुर को सौंपा है। राज्य में भले ही भूमिहारों की तादाद कम हो, लेकिन पूर्वांचल की कई सीटों पर वे अच्छा खासा प्रभाव रखते हैं। ऐसे में ठाकुर को मौका देखकर पार्टी ने भूमिहार वोटर्स को भी साधने का प्रयास किया है।
यादव समाज में यूं होगी सेंधमारी
भाजपा ने समाजवादी पार्टी के मूल वोट बैंक यादव समुदाय में सेंधमारी करना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में भाजपा यादव समुदाय के लिए बड़ा सम्मेलन भी करने जा रही है। यादव समुदाय से आने वाली केंद्रीय राज्यमंत्री अन्नपूर्णा देवी को यूपी चुनाव में सहप्रभारी नियुक्त किया है। जिससे इस समुदाय के वोटर्स को भी लुभाया जा सके।
छह संगठन प्रभारी भी तैनात किए
चुनाव प्रभारी और सह प्रभार के अलावा भाजपा ने छह संगठन प्रभारी भी नियुक्त किए हैं। पश्चिम उत्तर प्रदेश का जिम्मा सांसद संजय भाटिया को दिया गया है। इसी तरह ब्रज क्षेत्र की जिम्मेदारी बिहार के विधायक संजीव चौरसिया, अवध क्षेत्र का जिम्मा राष्ट्रीय मंत्री वाय. सत्या कुमार, कानपुर क्षेत्र राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष सुधीर गुप्ता, गोरखपुर क्षेत्र राष्ट्रीय मंत्री अरविंद मेनन को दी गई है। जबकि काशी क्षेत्र के सह प्रभारी सुनील ओझा को बनाया गया है।
2022 में होंगे विधानसभा चुनाव
गौरतलब है कि वर्ष 2022 की शुरुआत में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसमें से चार में बीजेपी की सरकारें हैं। उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर में साल 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों में मार्च-अप्रैल के बीच इन जगहों पर चुनाव हो सकते हैं, इन पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को मिशन 2024 का सेमीफाइनल भी माना जा रहा है।