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MEA: 'USCIRF खुद चिंता का विषय', विदेश मंत्रालय ने खारिज की अमेरिकी पैनल की धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट
Wed, 26 Mar 2025 05:22 PM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शुभम कुमार
Updated Wed, 26 Mar 2025 05:22 PM IST
सार
अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग की रिपोर्ट एक बार फिर चर्चा में है। भारत को लेकर इस रिपोर्ट में किए गए दावों पर विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे खारिज कर दिया है। साथ ही मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को पक्षपाती और राजनीतिकरण से प्रेरित बताया है।
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भारत-अमेरिका।
- फोटो : AI
विस्तार
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर संयुक्त राज्य आयोग (यूएससीआईआरएफ) द्वारा जारी 2025 की वार्षिक रिपोर्ट को खारिज करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय ने अमेरिकी पैनल को लेकर कहा कि यूएससीआईआरएफ को एक चिंता का विषय के तौर पर घोषित किया जाना चाहिए। ये रिपोर्ट एक बार फिर से पक्षपाती और राजनीति से प्रेरित है। साथ ही मंत्रालय ने कहा कि यह भारत के बहुसांस्कृतिक समाज पर गलत आरोप लगाती है।
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बता दें कि अमेरिकी पैनल के इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में धर्म के नाम पर भेदभाव बढ़ गए है। साथ भारत की खुफिया एजेंसी रॉ (RAW) के बारे में यह आरोप लगाया गया था कि वह कुछ हत्याओं की साजिशों में कथित रूप से शामिल थी। इस रिपोर्ट में यह भी सिफारिश की गई थी कि रॉ की गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।
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रणधीर जायसवाल ने रिपोर्ट को बताया पक्षपाती आकलन
रिपोर्ट जारी होने के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मामले में कहा हमने हाल ही में जारी की गई यूएससीआईआरएफ की 2025 वार्षिक रिपोर्ट देखी है, जिसमें यह एक बार फिर अपनी पिछली रिपोर्टों की तरह पक्षपाती आकलन जारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग भारत के धार्मिक विविधता और बहुलवादी ढांचे को सही तरीके से नहीं प्रस्तुत कर रहा है और इसके लगातार आरोप भारत की धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति को गलत तरीके से पेश करते हैं।
इसके साथ ही जायसवाल ने यह भी कहा कि भारत में 1.4 बिलियन लोग रहते हैं, जो अलग-अलग धर्मों से आते है। इस बात के लिए भारत का समाज एक उदाहरण है कि विभिन्न धर्मों के लोग शांति और सामंजस्यपूर्ण तरीके से एक साथ रहते है। साथ ही उन्होंने कहा कि हमें कोई उम्मीद नहीं है कि यूएससीआईआरएफ भारत की बहुलवादी वास्तविकता को स्वीकार करेगा या इसके विविध समुदायों के शांतिपूर्ण सहजीवन को समझेगा।
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अब एक नजर अमेरिकी पैनल के रिपोर्ट पर
यूएससीआईआरएफ ने अपनी रिपोर्ट में भारत को विशेष चिंता का देश (सीपीसी) घोषित करने की सिफारिश की है। साथ ही इस रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति बिगड़ रही है, खासकर धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले और भेदभाव बढ़ रहे हैं। इसपर भारत ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से भारत की लोकतांत्रिक और सहिष्णु छवि को नुकसान नहीं पहुंचेगा। विदेश मंत्रालय ने यूएससीआईआरएफ को चिंता का विषय बताने की बात की और कहा कि भारत के लोकतंत्र और सहिष्णुता की ताकत को कोई कमजोर नहीं कर सकता।
भारत और चीन के बीच इन मुद्दों पर बनी सहमति
विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और चीन ने बुधवार को अपने रिश्तों को सुधारने के लिए उपायों पर चर्चा की और लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने के लिए कदम उठाने पर सहमति जताई। इसमें सीधी उड़ानें फिर से शुरू करना और इस साल कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने की योजना शामिल है। साथ ही विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बीजिंग में हुई बैठक में दोनों देशों ने एक-दूसरे की प्राथमिक चिंताओं को हल करने और रिश्तों को और स्थिर बनाने के लिए धीरे-धीरे संवाद तंत्र को फिर से शुरू करने पर भी चर्चा की।