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Rajya Sabha: 'मातृत्व योजना के लिए धन की भारी कमी', सोनिया गांधी केंद्र सरकार से पूछे तीखे सवाल

Wed, 26 Mar 2025 04:05 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Wed, 26 Mar 2025 04:05 PM IST
सार

गर्भवती महिलाओं मातृत्व लाभ देने वाली प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में धन की कमी को लेकर सोनिया गांधी ने आज केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मातृत्व योजना के लिए आवंटित धन में भारी कमी है, जिससे योजना के लाभार्थियों को उनके अधिकारों में भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। आखिर केंद्र सरकार ऐसा क्यों होने दे रही है?

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There is a huge shortage of funds for maternity scheme', Sonia Gandhi asked sharp questions to the central
सोनिया गांधी - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को  गर्भवती महिलाओं को मातृत्व लाभ देने वाली प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) में धन की कमी को लेकर केंद्र सरकार से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि मातृत्व योजना के लिए आवंटित धन में भारी कमी है, जिससे योजना के लाभार्थियों को उनके अधिकारों में भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि इस योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या में भारी गिरावट आई है। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि ऐसा क्यों होने दिया गया?

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सोनिया गांधी ने योजना को लेकर पूछे सवाल
राज्यसभा में सोनिया गांधी ने बताया कि 2013 में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में संसद द्वारा पारित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत गर्भवती महिलाओं को 6,000 रुपये के मातृत्व लाभ का अधिकार मिला था। उन्होंने कहा कि इस अधिकार को 2017 में पीएमएमवीवाई के तहत लागू किया गया। लेकिन अब पीएमएमवीवाई के तहत पहले बच्चे के लिए केवल 5,000 रुपये दिए जा रहे हैं, और यह लाभ केवल तब दिया जाता है जब दूसरा बच्चा लड़की हो।
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साथ ही सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि 2022-23 में लगभग 68 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को पहले बच्चे के लिए पीएमएमवीवाई की कम से कम एक किस्त मिली, लेकिन अगले साल यह संख्या घटकर केवल 12 प्रतिशत रह गई। उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने इसे क्यों होने दिया।


पीएमएमवीवाई के लिए सोनिया गांधी ने जताई चिंता
इसके अलावा, सोनिया गांधी ने केंद्रीय बजट दस्तावेजों में पीएमएमवीवाई के लिए अलग से कोई प्रावधान न होने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मातृत्व लाभ के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए लगभग 12,000 करोड़ रुपये के बजट की आवश्यकता है, लेकिन पीएमएमवीवाई के लिए बजट दस्तावेजों में कोई अलग जानकारी नहीं दी गई है।

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इसके साथ ही सोनिया गांधी ने यह भी बताया कि 2025-26 के लिए सामर्थ्य कार्यक्रम के तहत पीएमएमवीवाई को केवल 2,521 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो कि बेहद कम है। इस पर उन्होंने कहा कि यह संसद द्वारा पारित कानून के प्रमुख प्रावधानों का उल्लंघन है। बता दें कि बजट सत्र में राज्यसभा की मौजूदा बैठक में यह दूसरी बार है जब सोनिया गांधी ने कोई मुद्दा उठाया है। इससे पहले उन्होंने 18 मार्च को  महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) के तहत रोजगार गारंटी को कमजोर करने पर चिंता जताई थी।

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