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US Tariff War: दुनिया के मंदी में फंसने का खतरा, भारत पर ज्यादा असर नहीं; सुरक्षित रहेगी अर्थव्यवस्था

Wed, 12 Mar 2025 06:33 AM IST
दीपक कुमार शर्मा एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 12 Mar 2025 06:33 AM IST
सार

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उच्च टैरिफ लगाने के कदम से वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका है। इससे दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक मोर्चे पर राहत देने की रफ्तार धीमी हो सकती है। 

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US tariff war may put global economy in danger of recession but India will not be affected much
भारतीय अर्थव्यवस्था। - फोटो : amarujala

विस्तार

अमेरिका के टैरिफ वार शुरू करने से व्यापार युद्ध की आशंका गहराने के बाद अब वैश्विक अर्थव्यवस्था के मंदी के भंवर में फंसने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि मंदी के इस जोखिम का भारत पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

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बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उच्च टैरिफ लगाने के कदम से वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका है। इससे दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक मोर्चे पर राहत देने की रफ्तार धीमी हो सकती है। सबनवीस ने कहा, इस समय सभी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को घटाकर आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने पर ध्यान दे रहे हैं, लेकिन टैरिफ में बढ़ोतरी इस प्रक्रिया को बाधित कर सकती है। इसका नकारात्मक असर दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ेगा। उन देशों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, जो निर्यात पर अत्यधिक निर्भर हैं क्योंकि उनकी आर्थिक वृद्धि प्रभावित होगी। 
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आपूर्ति शृंखला में व्यवधान से बाधित होंगी आर्थिक गतिविधियां
बैंकिंग एवं वैश्विक बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा का कहना है कि अमेरिकी टैरिफ का असर इतना गंभीर हो सकता है कि दुनिया के बड़े हिस्से मंदी की चपेट में आ सकते हैं। उन्होंने कहा, आज की आपस में जुड़ी दुनिया में उत्पादन कई देशों में फैला हुआ है। आज कच्चे माल को एक देश से खरीदकर दूसरे देश में प्रॉसेस किया जा सकता है। फिर अलग-अलग स्थानों पर इकट्ठा किया जा सकता है। इस वैश्विक आपूर्ति शृंखला में कोई भी व्यवधान आर्थिक गतिविधियों को धीमा कर सकता है और कुछ क्षेत्रों में नकारात्मक वृद्धि का कारण भी बन सकता है।
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