India-US 2+2 Dialogue: ‘भारतीय-अमेरिकी लोग जब साथ पढ़ते, साथ काम करते हैं तो….’, बोले विदेश मंत्री ब्लिंकन
भारत-अमेरिका 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा हमारे द्विपक्षीय संबंधों का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है। आपकी भारत यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और अमेरिका पहले से कहीं अधिक करीब हैं।
विस्तार
भारत-अमेरिका टू प्लस टू वार्ता आज दिल्ली में हो रही है। बैठक की सह अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर कर रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन भारत-यूएस टू प्लस टू वार्ता में भाग लेने के लिए देर रात दिल्ली पहुंचे। पांचवीं भारत-अमेरिका 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता शुरू होने से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी जे. ब्लिंकन ने ग्रुप फोटो खिंचवाया। उसके बाद वार्ता के दौरान सभी ने अपनी अपनी बातें रखीं।
उभरती भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद...: राजनाथ सिंह
भारत-अमेरिका 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'रक्षा हमारे द्विपक्षीय संबंधों का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है। आपकी भारत यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और अमेरिका पहले से कहीं अधिक करीब हैं। विभिन्न उभरती भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद हमें महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित रखने की आवश्यकता है।'
दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र समान लक्ष्य खोजें: अमेरिकी रक्षा सचिव
इस मौके पर अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने कहा, ‘वैश्विक चुनौतियों के सामने यह पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र विचारों का आदान-प्रदान करें, समान लक्ष्य खोजें और हमारे लोगों के लिए काम करें। हमने पिछले वर्ष में अपनी प्रमुख रक्षा साझेदारी के निर्माण में प्रभावशाली लाभ कमाया है और इससे हमें शांति और स्थिरता के लिए और भी अधिक योगदान देने में मदद मिलेगी।’
बाइडन के दिल्ली आने से हमारे संबंधों...: विदेश मंत्री जयशंकर
भारत-अमेरिका 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता के दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, ‘सितंबर में राष्ट्रपति बाइडन के दिल्ली आने से हमारे संबंधों में एक नया अध्याय खुला है। जी20 शिखर सम्मेलन में उत्पादक परिणाम सुनिश्चित करने में उनका समर्थन महत्वपूर्ण था। आज की बातचीत हमारे संबंधित नेताओं के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का एक अवसर होगी। हम एक साझा वैश्विक एजेंडा का निर्माण करते हुए एक दूरदर्शी साझेदारी का निर्माण कर रहे हैं...आज हमारी चर्चा का मुख्य फोकस इंडो-पैसिफिक क्षेत्र होगा।’
#WATCH | Delhi: During the India-US 2+2 Ministerial Dialogue, External Affairs Minister Dr S Jaishankar says, "The highlight this year was the PM's state visit to the United States in June, it has opened a new chapter in our relationship. President Biden's visit to Delhi in… pic.twitter.com/dStz1ztEmX
— ANI (@ANI) November 10, 2023
प्रगति की संभावनाएं अनंत: ब्लिंकन
2 + 2 मंत्रिस्तरीय वार्ता के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी जे ब्लिंकन ने कहा, 'हम अपनी अर्थव्यवस्थाओं को अधिक लचीला बनाने और समावेशी आर्थिक अवसर का विस्तार करते हुए अपने समुदायों को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नवाचार की शक्ति का एक साथ उपयोग कर रहे हैं। यह सेमीकंडक्टर और उन्नत जैव प्रौद्योगिकी पर सहयोग, हमारे देशों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर स्वच्छ ऊर्जा को तैनात करने में हमारे अभूतपूर्व निवेश और अंतरिक्ष में हमारी संयुक्त अनुसंधान और अन्वेषण परियोजनाओं में स्पष्ट है। अंत में, हम अपने लोगों के बीच उल्लेखनीय संबंधों को गहरा कर रहे हैं, जो वास्तव में हर चीज के केंद्र में है।' उन्होंने कहा कि नए शैक्षिक आदान-प्रदान की खोज करना, यहां तक कि हमारे देशों के बीच यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए कदम उठाना, वीजा प्रतीक्षा समय को कम करना यहां तक कि जब भारतीय और अमेरिकी एक साथ पढ़ते हैं, एक साथ काम करते हैं और एक साथ सहयोग करते हैं, तो प्रगति की संभावनाएं अनंत होती हैं।
दिल्ली एयरपोर्ट पर अमेरिकी विदेश मंत्री का स्वागत हुआ था
इससे पहले विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर अमेरिकी विदेश मंत्री का स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 5वीं भारत-अमेरिका टू प्लस टू मंत्रिस्तरीय वार्ता की सह-अध्यक्षता करने के लिए नई दिल्ली पहुंचने पर अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उनकी इस यात्रा से भारत-अमेरिका के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और बढ़ावा मिलेगा।
अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन भी गुरुवार को दिन में ही भारत-अमेरिका वार्ता में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ और विदेश मंत्री जयशंकर आज नई दिल्ली में पांचवीं भारत-अमेरिका टू प्लस टू मंत्रिस्तरीय वार्ता के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन का स्वागत करेंगे। यह वार्ता दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग और साझेदारी को प्रगाढ़ करने पर केंद्रित होगी।
अमेरिकी विदेश विभाग के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने कहा, एंटनी ब्लिंकन और अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन टू प्लस टू सुरक्षा वार्ता के लिए नई दिल्ली का दौरा कर रहे हैं। दोनों नेता अपने भारतीय समकक्षों के साथ सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। इसमें कोई संदेह नहीं है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग पर भी चर्चा की जाएगी।
#WATCH | U.S. Secretary of State Antony J. Blinken arrives at Delhi airport.
— ANI (@ANI) November 9, 2023
He will take part in the 5th India-US 2+2 Ministerial Dialogue. pic.twitter.com/HBu1mwJjsd
इस विषयों पर होगी चर्चा
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि टू प्लस टू वार्ता में रक्षा-सुरक्षा सहयोग बढ़ाने, इस क्षेत्र के व्यापक पहलुओं, प्रौद्योगिकी सहयोग और दोनों देशों के नागरिक रिश्तों में हो रही तरक्की की समीक्षा की जाएगी। इनके अलावा इस वर्ष जून और सितंबर में पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की तरफ से तय भारत-अमेरिका साझेदारी के भविष्य को लेकर चर्चा होगी। दोनों देश के मंत्री भविष्य में साझेदारी को और मजबूत देने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे। दोनों देश हिंद प्रशांत क्षेत्र में क्वाड की प्रतिबद्धताओं की भी समीक्षा करेंगे और भविष्य की रणनीति पर व्यापक चर्चा होगी।
भारत-अमेरिका संबंध सही राह पर आगे बढ़ रहे: फेल्टर
वाशिंगटन। टू प्लस टू वार्ता से पहले पूर्व अमेरिकी रक्षा अधिकारी जोसेफ एच फेल्टर ने कहा कि भारत-अमेरिका रक्षा संबंध सही राह पर आगे बढ़ रहे हैं। दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच हो रही पांचवीं टू प्लस टू वार्ता इसका सटीक उदाहरण है। उम्मीद है कि आगे ये रिश्ते और बेहतर होंगे। उन्होंने रक्षा संबंधों को लेकर जारी समझौतों को दोनों देशों के लिए अहम बताया व कहा दोनों देशों में इतना अहम रिश्ता कहीं और नहीं है। एजेंसी
भारत प्रमुख रणनीतिक साझेदार : व्हाइट हाउस
अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस ने बयान जारी कर भारत को एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार बताया है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, अमेरिका दुनियाभर में किसी भी विशेष संकट या आकस्मिकता पर देश का रुख तय करने का अधिकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार पर छोड़ देगा।