भारत के लिए राहत, अमेरिका जून तक तेल और व्यापार प्रतिबंधों पर कार्रवाई रोक सकता है
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भारत और अमेरिका व्यापार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर तुंरत कोई फैसला नहीं लेना चाहते हैं। और अब माना जा रहा है कि दोनों देश मई के आखिर तक जिस स्थिति में हैं उसी में बने रहेंगे, जब तक भारत में नई सरकार का गठन नहीं हो जाता। मामले से जुड़े अधिकारियों ने मंगलवार को इस बात की जानकारी दी है।
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भारत और अमेरिका व्यापार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर तुंरत कोई फैसला नहीं लेना चाहते हैं। और अब माना जा रहा है कि दोनों देश मई के आखिर तक जिस स्थिति में हैं उसी में बने रहेंगे, जब तक भारत में नई सरकार का गठन नहीं हो जाता। मामले से जुड़े अधिकारियों ने मंगलवार को इस बात की जानकारी दी है।
भारत यात्रा पर आए अमेरिका के वाणिज्य मंत्री विलबर रॉस ने ट्रेड विंड्स विजनेस फोरम में भारत के साथ व्यापार असंतुलन वाले मामले में भाषण देते हुए कुछ ऐसा ही संकेत भी दिया है। उन्होंने यहां कहा, "हम इनमें से कुछ बाधाओं को दूर करने को लेकर भारत की प्रतिबद्धता की सराहना करते हैं। नई सरकार के संभवत: जून में आने के बाद मामले के समाधान की उम्मीद है।"
फिलहाल भारत की चिंता अमेरिका के ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध हैं। जिसके तहत भारत सहित अन्य देश ईरान से तेल नहीं खरीद सकते। इन देशों पर दो मई से अमेरिका का ये नियम लागू हो गया है। अगर कोई देश ईरान से तेल खरीदता है तो उसे अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना होगा।
अधिकारियों के अनुसार भारत ने अमेरिका को स्पष्ट कहा है कि व्यापार से जुड़े मुद्दों सहित रणनीतिक मामले नई सरकार के बनने के बाद ही हल हो पाएंगे।
'अमेरिकी कंपनियों के लिए बाधाएं कम करे भारत'
अमेरिका चाहता है कि यहां काम कर रही उसकी कंपनियों के लिए भारत व्यापार करने और आंकड़ों के स्थानीय रूप से रखे जाने के संदर्भ में बाधाओं को कम करे। अमेरिका के वाणिज्य मंत्री विलबर रॉस ने यह उम्मीद भी जताई कि नई सरकार इन मसलों का समाधान करेगी।
उन्होंने यहां कहा, "हम चाहते हैं कि यहां काम कर रही अमेरिकी कंपनियों के लिए बाधाओं को दूर किया जाए। इसमें आंकड़ों को स्थानीय रूप से रखे जाने की पाबंदी का मुद्दा भी शामिल है। इससे वास्तव में आंकड़ों की सुरक्षा कमजोर होती है तथा कारोबार की लागत बढ़ती है।" रॉस ने ट्रेड विंड फोरम और ट्रेड मिशन को संबोधित करते हुए यह बात कही। रॉस 100 अमेरिकी व्यावसायिक प्रतिनिधियों के साथ यहां आए हुए हैं।