Eric Garcetti: अमेरिकी राजदूत ने केले के पत्ते पर नारियल की चटनी के साथ खाए वड़े, बोले- चेन्नई जाना चाहता हूं
एरिक नई दिल्ली के तमिलनाडु भवन पहुंचे। यहां उन्होंने पारंपरिक केले के पत्ते पर दक्षिण भारतीय खाने का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारतीय व्यंजनों से काफी ज्यादा खुश हुआ। दक्षिण भारतीय स्वाद मुझे पंसद आय़ा।
विस्तार
अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने बुधवार को भारतीय भोजन का आनंद लिया। एरिक नई दिल्ली के तमिलनाडु भवन पहुंचे। यहां उन्होंने पारंपरिक केले के पत्ते पर दक्षिण भारतीय खाने का आनंद लिया। भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक ने ट्वीट कर कहा कि मैंने केले के पत्ते पर साउथ इंडियन खाना खाया। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारतीय व्यंजन काफी ज्यादा पसंद आए। दक्षिण भारतीय स्वाद के कारण अब चेन्नई जाने की इच्छा बढ़ गई है। मैं जल्द ही चेन्नई जाना चाहूंगा।
#WATCH | US Ambassador to India, Eric Garcetti visited Tamil Nadu Bhawan in Delhi.
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"I tried the iconic South Indian thali on a banana leaf, and I am so impressed by the complexity of these delicious South Indian delights. Chennai, you have my heart and I am excited to see you… pic.twitter.com/KuGiSY5Z7g— ANI (@ANI) June 14, 2023
पीयूष गोयल से भी मिले थे एरिक
इससे पहले एरिक गार्सेटी ने भारत के केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। इस मुलाकात में विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने पर चर्चा हुई। हाल ही में दिल्ली स्थित यूएस मिशन में सातवां वार्षिक छात्र वीजा दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान अमेरिकी अधिकारियों ने अमेरिका के वीजा के लिए आवेदन करने वाले छात्रों का इंटरव्यू किया।
हर पांचवा वीजा, भारतीय को जारी हुआ
अमेरिकी दूतावास में मीडिया से बात करते हुए अमेरिकी राजदूत ने कहा कि किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ाई के लिए अमेरिका जाते हैं। गार्सेटी ने कहा कि यह देखना सुखद है कि भारत और अमेरिका के संबंध मजबूत हो रहे हैं। बीते साल भारत से सबसे ज्यादा छात्र पढ़ाई करने अमेरिका गए और आने वाले कुछ साल यह स्थिति नहीं बदलने वाली। गार्सेटी ने कहा कि साल 2022 में अमेरिका के हर पांचवें छात्र वीजा को एक भारतीय छात्र को जारी किया गया था। भारतीय छात्र ना सिर्फ अमेरिका में पढ़ाई कर रहे हैं बल्कि दशकों से विभिन्न क्षेत्रों में अपनी छाप छोड़ रहे हैं। एरिक गार्सेटी ने कहा कि भारत और अमेरिका मिलकर हरित ऊर्जा की दिशा में काम करें, ये उनकी प्राथमिकता है।