फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Urgently address gaps in leprosy services disrupted by COVID-19 pandemic WHO

World Leprosy Day: WHO ने कहा- कोरोना महामारी से बाधित हुईं कुष्ठ सेवाएं, इस पर तत्काल ध्यान दिया जाए

Sun, 29 Jan 2023 06:00 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 29 Jan 2023 06:00 PM IST
सार

डब्ल्यूएचओ ने कहा, 2021 में 1,40,000 नए कुष्ठ रोग के मामले सामने आए, जिनमें से 95 फीसदी नए मामले 23 वैश्विक प्राथमिकता वाले देशों से आए।

विज्ञापन
Urgently address gaps in leprosy services disrupted by COVID-19 pandemic WHO
डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह - फोटो : एएनआई

विस्तार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएछओ) ने रविवार को दक्षिण -पूर्व एशिया क्षेत्र के देशों से कोविड-19 महामारी के कारण बाधित कुष्ठ सेवाओं में अंतराल को तत्काल दूर करने का आग्रह किया। संगठन ने इन देशों से कुष्ठ रोग, लांछन और भेदभाव को खत्म करने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में प्रयासों में तेजी लाने के लिए कहा। 

विज्ञापन


स्वास्थ्य निकाय की दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि कुष्ठ रोग का जल्दी पता चलने पर सौ फीसदी इलाज संभव है, फिर भी आज कोविड-19 से जुड़ी चुनौतियों के अलावा संस्थागत और अनौपचारिक दोनों तरह के लांछन और भेदभाव इसके शीघ्र निदान और उपचार में बाधा डाल रहे हैं और आगे प्रसार करने में सुविधा प्रदान कर रहे हैं। विश्व कुष्ठ दिवस की पूर्व संध्या पर कहा खेत्रपाल ने कहा, इसे बदलना होगा। 
विज्ञापन


खेत्रपाल ने कहा, 2021 में 1,40,000 नए कुष्ठ रोग के मामले सामने आए, जिनमें से 95 फीसदी नए मामले 23 वैश्विक प्राथमिकता वाले देशों से आए। इनमें से 6 फीसदी का ग्रेड -2 विकलांगता (जी 2 डी) निदान किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि नए मामलों में से 6 फीसदी से अधिक 15 वर्ष से कम आयु के बच्चे थे, जिनमें से 368 ग्रेड -2 विकलांगता से पीड़ित थे। 2020 से 2021 तक नए मामलों में 10 फीसदी की बढ़ोतरी के बावजूद रिपोर्ट किए गए मामले 2019 की तुलना में 2021 में 30 फीसदी कम थे।

उन्होंने कहा कि यह संक्रमण के प्रसार में कमी के कारण नहीं है, बल्कि इसलिए है क्योंकि कोविड-19 से संबंधित व्यवधानों के कारण कुष्ठ रोग के मामलों का पता नहीं चल पाया है।

क्षेत्रीय निदेशक ने कहा, "देशों को कुष्ठ रोग सेवाओं को तत्काल बहाल करना चाहिए, जिसमें रिफैम्पिसिन केमोप्रोफिलैक्सिस का विस्तार करने, सक्रिय मामलों की खोज को तेज करने और मल्टीड्रग थेरेपी के साथ शीघ्र निदान और उपचार सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।


उन्होंने आगे कहा, महिलाओं, बच्चों, आप्रवासियों, शरणार्थियों, बुजुर्गों, बेघरों, वंचित कुष्ठ कॉलोनियों के निवासियों और भौगोलिग रूप से दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों सहित कमजो आबादी पर ध्यान केंद्रित करने पर जोरक दिया जाना चाहिए, ताकि शून्य कुष्ठ रोग के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed