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अनुपयुक्त जवानों को ‘हटाने’ के लिए सरकार से नया तंत्र बनाने का आग्रह

Mon, 25 Mar 2019 03:47 AM IST
Avdhesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Avdhesh Kumar Updated Mon, 25 Mar 2019 03:47 AM IST
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Urge to create new mechanism from Government to remove unsuitable jawans
फाइल फोटो
केंद्रीय अर्धसैनिक बल ने सरकार से अपने 55000 स्वास्थ्य की दृष्टि से अनुपयुक्त जवानों को युद्धक श्रेणी से हर वर्ष हटाने के लिए नए आकलन तंत्र बनाने का अनुरोध किया है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की बैठक के बाद यह सिफारिश की गई है।
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ये आंतरिक सुरक्षा बल केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत की काम करते हैं। सीएपीएफ के तहत सीआरपीएफ, बीएसएफ, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), सीआईएसएफ, आईटीबीपी और असम राइफल्स सहित छह केंद्रीय अर्ध सैनिक बल हैं। हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा जवानों और अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने के निर्देश के तहत नॉर्थ ब्लॉक में यह बैठक बुलाई गई थी। 
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कोर्ट ने कहा था कि सीआईएसएफ और असम राइफल्स की तरह अन्य अर्धसैनिक बलों के जवानों और अधिकारियों की सेवानिवृत्ति उम्र बढ़ा कर 57 से 60 कर दिया जाए। उल्लेखनीय है कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद सीआरपीएफ ने अपने ऑपरेशन को प्रभावी बनाने के लिए कहा था कि ज्यादा उम्र के जवानों को इस बल में रखना मुश्किल है, क्योंकि उसकी बटालियनों की ज्यादातर तैनाती युद्धक अभियानों में ही होती है। शांतिकाल में उनकी बेहद कम तैनाती होती है।
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