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Karur Stampede: 'पीड़ितों के परिवारों को मिले उचित मुआवजा', करूर भगदड़ पर भाजपा की डीएमके सरकार से मांग
Sun, 28 Sep 2025 07:41 AM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 28 Sep 2025 07:41 AM IST
सार
तमिलनाडु के करूर में शनिवार को अभिनेता और तमिझगा वेत्रि कझगम के अध्यक्ष विजय की रैली में भगदड़ मच गई। इस हादसे में 40 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए, मृतकों में बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। वहीं भाजपा ने राज्य सरकार से पीड़ितों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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नयनार नागेंद्रन, तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष
- फोटो : ANI
विस्तार
तमिलनाडु के करूर में अभिनेता-राजनेता विजय की रैली के दौरान मची भगदड़ की घटना में अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नयनार नागेंद्रन ने राज्य की डीएमके सरकार से मांग की है कि पीड़ितों के परिजनों को उचित मुआवजा मिले। बता दें कि, बीते दिन हुई इस घटना में भारी भीड़ जमा होने के बाद भगदड़ मचने से कई लोग बेहोश हो गए, बाद में उनमें से कई की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हैं।
पार्टी नेताओं को नागेंद्रन ने दिया मदद करने का निर्देश
तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नयनार नागेंद्रन ने हादसे पर दुख जताया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इसके साथ नागेंद्रन ने पार्टी नेताओं को तुरंत अस्पताल जाकर घायलों की मदद करने का निर्देश भी दिया है।
यह भी पढ़ें - Karur Stampede: 30 हजार की अनुमति, पहुंचे 60 हजार, विजय छह घंटे देरी से आए; प्रबंधन की चूक बनी 39 मौतों की वजह
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घटना की आखों देखी- प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी
वहीं इस घटना के दौरान भीड़ में मौजूद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भीड़ इतनी ज्यादा थी कि उसे नियंत्रित करना असंभव हो गया। नंदा कुमार नाम के प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, 'विजय के कार्यक्रम में तय समय से देरी हुई, जिससे लोग बेचैन हो गए। बहुत से लोग भूखे थे और बच्चों के साथ आए थे। जिसके कारण भीड़ अचानक बेकाबू हो गई।' एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी सुरिया ने कहा, 'भीड़ इतनी थी कि एंबुलेंस भी अंदर नहीं आ पा रही थीं। घायलों को बाहर निकालने में बहुत वक्त लग गया।'
पीड़ित परिवार का छलका दर्द
एक मृतक के रिश्तेदार इस घटना पर कहा, 'अभिनेता-राजनेता विजय को सुबह नौ बजे आना था लेकिन वे काफी देर से पहुंचे, जो भीड़ के बेकाबू और लोगों के काफी देर तक भूखे-प्यासे इंतजार करने के बाद उनके बेहोश होने का मुख्य कारण है। उन्होंने ये भी कहा कि महिलाओं और बच्चों को ऐसे आयोजनों में नहीं लाना चाहिए। यह बहुत दर्दनाक अनुभव है।'
यह भी पढ़ें - Karur Stampede: 'जांच आयोग के जरिये सामने आएगी सच्चाई, सख्त कार्रवाई करेंगे', करूर पहुंच कर बोले सीएम स्टालिन
सीएम स्टालिन ने जताया दुख, जांच समिति गठित
वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को 1-1 लाख रुपये की मदद देने की घोषणा की। साथ ही, हादसे की जांच के लिए हाई कोर्ट की पूर्व जज अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग बनाने का फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा, 'इनकी मौत अपूरणीय क्षति है। सरकार पीड़ितों को हर संभव मदद देगी। सभी घायलों को उचित इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।'
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पार्टी नेताओं को नागेंद्रन ने दिया मदद करने का निर्देश
तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नयनार नागेंद्रन ने हादसे पर दुख जताया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इसके साथ नागेंद्रन ने पार्टी नेताओं को तुरंत अस्पताल जाकर घायलों की मदद करने का निर्देश भी दिया है।
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घटना की आखों देखी- प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी
वहीं इस घटना के दौरान भीड़ में मौजूद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भीड़ इतनी ज्यादा थी कि उसे नियंत्रित करना असंभव हो गया। नंदा कुमार नाम के प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, 'विजय के कार्यक्रम में तय समय से देरी हुई, जिससे लोग बेचैन हो गए। बहुत से लोग भूखे थे और बच्चों के साथ आए थे। जिसके कारण भीड़ अचानक बेकाबू हो गई।' एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी सुरिया ने कहा, 'भीड़ इतनी थी कि एंबुलेंस भी अंदर नहीं आ पा रही थीं। घायलों को बाहर निकालने में बहुत वक्त लग गया।'
पीड़ित परिवार का छलका दर्द
एक मृतक के रिश्तेदार इस घटना पर कहा, 'अभिनेता-राजनेता विजय को सुबह नौ बजे आना था लेकिन वे काफी देर से पहुंचे, जो भीड़ के बेकाबू और लोगों के काफी देर तक भूखे-प्यासे इंतजार करने के बाद उनके बेहोश होने का मुख्य कारण है। उन्होंने ये भी कहा कि महिलाओं और बच्चों को ऐसे आयोजनों में नहीं लाना चाहिए। यह बहुत दर्दनाक अनुभव है।'
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सीएम स्टालिन ने जताया दुख, जांच समिति गठित
वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को 1-1 लाख रुपये की मदद देने की घोषणा की। साथ ही, हादसे की जांच के लिए हाई कोर्ट की पूर्व जज अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग बनाने का फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा, 'इनकी मौत अपूरणीय क्षति है। सरकार पीड़ितों को हर संभव मदद देगी। सभी घायलों को उचित इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।'
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