Updates: अंटार्कटिका में माउंट विनसन पर चढ़ाई को तैयार केरल सरकार का कर्मचारी, इन चोटियों को कर चुके हैं फतह
Updates: सात महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ने के प्रयास में छत्तीस वर्षीय शेख हसन खान ने अब तक चार चोटियों माउंट एवरेस्ट (एशिया), माउंट डेनाली (उत्तरी अमेरिका), माउंट किलिमंजारो (अफ्रीका) और माउंट एल्ब्रस (यूरोप) पर चढ़ाई कर चुके हैं।
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शेख हसन खान अगले महीने की शुरुआत में अंटार्कटिका में माउंट विनसन पर्वत पर चढ़ाई के लिए अपना अभियान शुरू करेंगे। यह केरल सरकार के इस कर्मचारी द्वारा फतह की जाने वाली पांचवीं सबसे ऊंची चोटी होगी। खान के मुताबिक उनके इस अभियान का मकसद जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता पैदा करना और विश्व शांति को बढ़ावा देना है।
सात महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ने के प्रयास में छत्तीस वर्षीय शेख हसन खान ने अब तक चार चोटियों माउंट एवरेस्ट (एशिया), माउंट डेनाली (उत्तरी अमेरिका), माउंट किलिमंजारो (अफ्रीका) और माउंट एल्ब्रस (यूरोप) पर चढ़ाई कर चुके हैं।
वह कहते हैं, "मैं अगले महीने की शुरुआत में अंटार्कटिका में माउंट विनस पर चढ़ने के लिए अपना अभियान शुरू करूंगा। अभियान के 15 दिनों में पूरा होने की उम्मीद है। एक बार यह पूरा हो जाने के बाद मैं अर्जेंटीना (दक्षिण अमेरिका) में माउंट एकॉनकागुआ पर चढ़ने की कोशिश करूंगा, जो हिमालय के बाहर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी भी है।"
हसन खान केरल के पंडालम के रहने वाले हैं और केरल सरकार की नौकरी से छुट्टी पर हैं। अपने अभियान के बारे में उन्होंने कहा कि विनसन अंटार्कटिका में एक बड़ा पर्वत है और दक्षिणी ध्रुव से करीब 1,200 किलोमीटर दूर स्थित है, जो पृथ्वी पर सबसे ठंडे स्थानों में से एक है। खान के मुताबिक, वह अगले साल चिली में ओजेस डेल सालाडो पर भी चढ़ाई का प्रयास करेंगे। यह चिली की सबसे ऊंची चोटी है और यहां दुनिया का सबसे ऊंचा सक्रिय ज्वालामुखी भी है।
यात्राओं की योजना बनाने के लिए खान अपने करीबी दोस्तों की मदद लेते हैं और समाज में जरूरत पड़ने पर हमेशा किसी न किसी तरह से लोगों की मदद करते हैं। पिछले साल खान जब माउंट एवरेस्ट पर चढ़ रहे थे, तो उनके पास ऑक्सीजन खत्म हो गई थी। इस घटना को लेकर उन्होंने कहा था कि यह एक मौत के करीब से गुजरने का अनुभव था क्योंकि उनका शरीर धीरे-धीरे जमने लगा था, और एक नया ऑक्सीजन सिलेंडर हासिल करने में कामयाब होने से पहले करीब 20 मिनट तक संघर्ष जारी रहा।
मणिपुर : तांगखुल नगाओं ने अपने इलाकों में रैलियों या आंदोलन पर लगाई रोक
मणिपुर में सबसे बड़े नगा समुदाय तांगखुल नागाओं के कई प्रमुख संगठनों ने सोमवार को कहा कि वे मौजूदा संघर्षों को लेकर अपने इलाकों में किसी भी रैली या आंदोलन की अनुमति नहीं देंगे। यह कदम राज्य में अलग प्रशासन की मांग को लेकर कुकी संगठनों के 29 नवंबर को राष्ट्रव्यापी रैलियों के आह्वान के मद्देनजर उठाया गया है। इसमें एक रैली उखरूल में भी होनी है। तांगखुल कटमनाओ सकलोंग, तांगखुल नगा वुंगनाओ लोंग, तांगखुल मयार नगाला लांग और तांगखुल शानाओ लांग ने एक संयुक्त बयान में कहा कि वे सभी समुदायों के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए खड़े हैं और जारी सांप्रदायिक संकट में तटस्थता के सिद्धांत के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
बीरेन सिंह ने की लोगों से अपील
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि कुछ ताकतें राज्य को विभाजित करने की कोशिशें कर रही हैं। समाज के सभी वर्गों को मौजूदा स्थिति का समाधान खोजने के लिए एकजुट रहना चाहिए। एक कार्यक्रम में सोमवार को सिंह ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को राजनीतिक ही रहने दें लेकिन जब मुद्दा राष्ट्रीय या राज्य की एकता का हो तो सभी मतभेदों को खारिज कर देना चाहिए। यह समय आपस में लड़ने-झगड़ने का नहीं है। साथ ही कहा कि उनकी सरकार सभी रचनात्मक आलोचना, सलाह और सुझावों का स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राज्य की एकता पर कोई खतरा या यहां रहने वाले करीब 34 समुदायों के विभाजन की इजाजत नहीं दे सकती।
सोने की जगह पर विवाद की वजह से एक की हत्या
दक्षिण मुंबई के खेतवाड़ी इलाके में एक इमारत के बाहर सोने की जगह को लेकर हुई बहस के बाद 28 वर्षीय बेघर व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के आरोप में रविवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान प्रभु उर्फ पन्या भोईर और सागर पवार के रूप में हुई है। सभी मजदूरी का काम करते हैं। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है।