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Hindi News ›   India News ›   UP STF arrests 13 people for cheating in UP Police Constable Recruitment

पुलिस भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की कोशिश पर सरगना सहित 13 सॉल्वर गिरफ्तार, 5.80 लाख कैश बरामद

Tue, 19 Jun 2018 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Updated Tue, 19 Jun 2018 02:23 AM IST
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UP STF arrests 13 people for cheating in UP Police Constable Recruitment
यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा - फोटो : ani

उत्तर प्रदेश पुलिस की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी करने की कोशिश में लगे सॉल्वर गिरोह के सरगना सहित 13 को को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। 11 की गिरफ्तारी गोरखपुर से हुई है। एक आरोपी फैजाबाद और एक संतकबीरनगर से गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से पांच लाख 80 हजार रुपये कैश बरामद किए गए हैं। बड़ी मात्रा में मोबाइल, पहचान पत्र, प्रवेश पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज के फोटोग्राफ और नेपाल के मोबाइल सिमकार्ड जब्त किए गए हैं। गिरोह का सरगना पीपीगंज गोरखपुर के अनिल गिरी को बताया गया है। अनिल गिरी ने ही संतकबीरनगर और फैजाबाद भी सॉल्वर भेजे थे। एसटीएफ की निशानदेही पर स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तारी की है।   

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कांस्टेबल भर्ती परीक्षा सोमवार और मंगलवार को प्रस्तावित थी लेकिन अंतरराज्यीय सॉल्वर गिरोह परीक्षा में सेंधमारी की फिराक में थे। इसकी सूचना एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह को मिली। एसएसपी के निर्देश पर ही गोरखपुर एसटीएफ के प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह की टीम सॉल्वरों को दबोचने में लग गई। परीक्षा सोमवार को होनी थी, इसलिए सॉल्वर गिरोह के मुखिया अनिल गिरी, सॉल्वर आनंद यादव और अमरनाथ यादव रविवार की देररात इरटिगा कार से यातायात तिराहा आ गए।
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गोरखपुर से ही प्रवेश पत्र और पहचान पत्र देकर सॉल्वरों को पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में भेजा जाना था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर एसटीएफ ने  छापा मारा और यातायात तिराहे से तीनों को धर दबोचा। पीपीगंज के अनिल गिरी से पूछताछ हुई तो पुलिस भर्ती परीक्षा में बड़ी गड़बड़ी की साजिश का खुलासा हुआ। पता चला कि तमाम अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर परीक्षा देने वाले हैं। इसके बाद एसटीएफ ने ताबड़तोड़ छापेमारी करके आठ और लोगों को गिरफ्तार कर लिया। तीन आरोपी पहले ही दबोचे जा चुके थे। इस मामले में गोरखपुर और बिहार के 13 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।   
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इनकी हुई गिरफ्तारी

UP STF arrests 13 people for cheating in UP Police Constable Recruitment
up police arrested reachers

पीपगंज गोरखपुर के अनिल गिरी, पीपीगंज के आनंद यादव, पीपीगंज के संजीव सिंह उर्फ चंचल, हरपुरबुदहट गोरखपुर के सुनील कुमार, ऊरुवा बाजार गोरखपुर के अमरनाथ यादव, खजनी के विकास यादव, खजनी के सत्यवंत यादव, बिहार के औरंगाबाद का धीरेंद्र कुमार, पूर्णिया का विवेक कुमार, भागलपुर का विपिन कुमार, जमुई का शंकर कुमार, संतकबीरनगर से गिरफ्तार बिहार के लालू यादव और फैजाबाद से एक आरोपी गिरफ्तार।   

10 लाख में हुआ था सौदा
भर्ती परीक्षा में सॉल्वर बैठाने और सफलता मिलने पर हर अभ्यर्थी से 10 लाख रुपये वसूलने का सौदा हुआ था। पहले चरण में दो-दो लाख जमा कराए गए थे। इसमें से सॉल्वर को 70 हजार दिए जाने थे। एक लाख 30 हजार रुपये अन्य कार्यों पर खर्च किया जाना था। एसटीएफ की फर्द के मुताबिक परीक्षा में सफलता पर हर अभ्यर्थी से आठ-आठ लाख रुपये और वसूले जाने थे। 

बायोमीट्रिक की तोड़ निकाली 
पुलिस भर्ती परीक्षा में बायोमीट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था की गई है। इसका तोड़ भी सॉल्वर गिरोह ने निकाल लिया था। इस काम में कोलकाता के लैब टेक्नीशियन मनीष की मदद ली गई थी। एसटीएफ के मुताबिक जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन फार्म भरे थे, उनकी जगह सॉल्वर के अंगूठे के निशान बनवाए गए। अनिल गिरी, राजू रंजन और धीरू ने हर अभ्यर्थी के अंगूठे का निशान एमसील पर लिया था, फिर 11 और 12 जून को कोलकाता जाकर अंगूठे का नकली निशान बनवाया। इसी का इस्तेमाल परीक्षा के दौरान किया जाना था। बायोमीट्रिक अटेंडेंस की तोड़ निकालने पर सात हजार रुपये खर्च किए गए हैं। 
 

फोटो मिक्स करके गड़बड़ी की साजिश

UP STF arrests 13 people for cheating in UP Police Constable Recruitment
गिरफ्तार
पहचान पत्र, प्रवेश पत्र की फोटो को फोटोशॉप और साफ्टवेयर के जरिये मिक्स किया गया। कोशिश हुई कि वास्तविक अभ्यर्थी की तरह ही सॉल्वर की फोटो दिखाई दे ताकि परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़ा न पकड़ा जा सके। इसके लिए 51 पासपोर्ट साइज के फोटो भी रखे गए थे।   

विधि विज्ञान प्रयोगशाला से होगी मोबाइल की जांच
एसटीएफ के हत्थे चढ़े अनिल गिरी, आनंद यादव, संजीव उर्फ चंचल, धीरू और विकास के मोबाइल फोन की जांच विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ से कराई जाएगी। इन आरोपियों के मोबाइल से बड़ी मात्रा में फोटोयुक्त पहचान पत्र और प्रवेश पत्र बरामद किए गए हैं। सभी पहचान पत्र व्हाट्स एप के जरिये एक दूसरे को भेजे गए हैं। अनिल ने सुनील को तमाम व्हाट्सएप भेजे हैं। 

एसटीएफ के हाथ से फिसले 70 सॉल्वर
एसटीएफ की कार्रवाई की सूचना मीडिया में आने की वजह से करीब 70 सॉल्वर हाथ से फिसल गए। एसटीएफ के मुताबिक देवरिया और गोरखपुर में बड़ी गड़बड़ी की साजिश रची गई थी। मध्य प्रदेश और बिहार से आने वाले सॉल्वरों इन्हीं जिलों के अलग-अलग केंद्रों पर पेपर देना था। सब रविवार की रात अपने-अपने ठिकाने से निकले भी लेकिन सोमवार को संबंधित परीक्षा केंद्रों पर नहीं पहुंच सके। इस कारण देवरिया से एसटीएफ की टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। पकड़े जाने के डर से ही सॉल्वरों ने मोबाइल फोन तक बंद कर लिया था।  

मिलते-जुलते चेहरे वाले सॉल्वर को ज्यादा पैसा 
सॉल्वर पकड़ा न जाए, इसके लिए पूरी कवायद होती थी। अभ्यर्थियों का प्रवेश पत्र लेकर गिरोह के सदस्य बिहार और मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जाते थे। अभ्यर्थियों से मिलते-जुलते चेहरे वाले सॉल्वर की तलाश करते थे। ऐसे हर सॉल्वर को 80-80 हजार रुपये  दिए जाते थे। सामान्य सॉल्वर को 70 हजार रुपये मिलते थे।  

गिरफ्तार करने वाली एसटीएफ की टीम
सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़ करने वाली टीम की अगुवाई इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह ने की। कांस्टेबल अनूप राय, यशवंत सिंह, विनय सिंह, उमेश सिंह, आशुतोष तिवारी, संतोष सिंह और महेंद्र सिंह भी टीम का हिस्सा थे।
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