{"_id":"688c7a92f16d728c79031a74","slug":"up-skill-development-mission-yogi-adityanath-govt-ai-based-target-youth-empowerment-reservation-news-2025-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: युवाओं में कौशल विकास के लिए एआई की मदद ले रही योगी सरकार, महिला-दिव्यांग प्रशिक्षकों के लिए आरक्षण भी तय","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
UP: युवाओं में कौशल विकास के लिए एआई की मदद ले रही योगी सरकार, महिला-दिव्यांग प्रशिक्षकों के लिए आरक्षण भी तय
Fri, 01 Aug 2025 01:58 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Fri, 01 Aug 2025 01:58 PM IST
सार
यूपी सरकार का दावा- 2025-26 में कौशल विकास मिशन के तहत किया गया रिकॉर्ड लक्ष्य आवंटन औद्योगिक मांग के अनुरूप तैयार भविष्य की कार्यशक्ति तैयार करने की कवायद।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने युवाओं के लिए यूपी कौशल विकास मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए रिकॉर्ड लक्ष्य आवंटित करने का दावा किया है। सरकार का कहना है कि इस बार लक्ष्य निर्धारण की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा वैज्ञानिक और तकनीकी आधारित बनाया गया है। प्रमुख सचिव और मिशन निदेशक के नेतृत्व में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए जनपदों की औद्योगिक मांग, उपलब्ध संसाधनों, सेवायोजन क्षमता और पूर्व उपलब्धियों का गहराई से विश्लेषण किए जाने की भी बात कही गई है। इसके आधार पर जनपदवार प्रशिक्षण प्रदाताओं को लक्ष्य दिए गए हैं।
आकांक्षी जनपदों और ब्लॉकों को प्राथमिकता
इस बार हर प्रशिक्षण प्रदाता को अधिकतम पांच जनपदों तक सीमित किया गया है, ताकि कुछ संस्थानों का वर्चस्व न रहे और क्षेत्रीय संतुलन बना रहे। आकांक्षी जनपदों और ब्लॉकों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें शत-प्रतिशत प्रशिक्षण केंद्रों से आच्छादित किया गया है। जहां पिछले वर्ष आवासीय प्रशिक्षण मात्र 1% था, उसे बढ़ाकर 36% कर दिया गया है, क्योंकि ऐसे प्रशिक्षण में छात्रों की उपस्थिति और गुणवत्ता बेहतर देखी गई है। वहीं, औद्योगिक इकाइयों की भागीदारी को 3% से बढ़ाकर 47% कर दी गई है, जिससे उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षण और बेहतर सेवायोजन सुनिश्चित हो सके।
इन्वेस्ट यूपी और सीडीओ की ली जाएगी मदद
इन्वेस्ट यूपी के सहयोग से प्रदेश में स्थापित होने वाली बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं की भविष्य की मांग का आकलन कर लक्ष्य तय किए गए हैं। जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) की मदद से सेवायोजन क्षमता और रोजगार की आवश्यकताओं का भी विश्लेषण कराया गया। इस बार टाटा द्वारा आच्छादित आईटीआई संस्थानों में भी अल्पकालीन कोर्स को शामिल किया गया है।
विज्ञापन
महिलाओं और दिव्यांगों को प्राथमिकता
प्रशिक्षण प्रदाताओं के लिए महिलाओं के लिए 33% और दिव्यांगों के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण अनिवार्य किया गया है। इस बार ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी, कंटेंट क्रिएटर, ग्रीन जॉब्स और सोलर एनर्जी जैसे भविष्य के उपयोगी कौशलों को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के साथ-साथ सीपेट, UPICO जैसी विशिष्ट संस्थाओं को भी कुल 810 लक्ष्यों का आवंटन किया गया है।
विज्ञापन
आकांक्षी जनपदों और ब्लॉकों को प्राथमिकता
इस बार हर प्रशिक्षण प्रदाता को अधिकतम पांच जनपदों तक सीमित किया गया है, ताकि कुछ संस्थानों का वर्चस्व न रहे और क्षेत्रीय संतुलन बना रहे। आकांक्षी जनपदों और ब्लॉकों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें शत-प्रतिशत प्रशिक्षण केंद्रों से आच्छादित किया गया है। जहां पिछले वर्ष आवासीय प्रशिक्षण मात्र 1% था, उसे बढ़ाकर 36% कर दिया गया है, क्योंकि ऐसे प्रशिक्षण में छात्रों की उपस्थिति और गुणवत्ता बेहतर देखी गई है। वहीं, औद्योगिक इकाइयों की भागीदारी को 3% से बढ़ाकर 47% कर दी गई है, जिससे उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षण और बेहतर सेवायोजन सुनिश्चित हो सके।
विज्ञापन
इन्वेस्ट यूपी और सीडीओ की ली जाएगी मदद
इन्वेस्ट यूपी के सहयोग से प्रदेश में स्थापित होने वाली बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं की भविष्य की मांग का आकलन कर लक्ष्य तय किए गए हैं। जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) की मदद से सेवायोजन क्षमता और रोजगार की आवश्यकताओं का भी विश्लेषण कराया गया। इस बार टाटा द्वारा आच्छादित आईटीआई संस्थानों में भी अल्पकालीन कोर्स को शामिल किया गया है।
विज्ञापन
महिलाओं और दिव्यांगों को प्राथमिकता
प्रशिक्षण प्रदाताओं के लिए महिलाओं के लिए 33% और दिव्यांगों के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण अनिवार्य किया गया है। इस बार ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी, कंटेंट क्रिएटर, ग्रीन जॉब्स और सोलर एनर्जी जैसे भविष्य के उपयोगी कौशलों को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के साथ-साथ सीपेट, UPICO जैसी विशिष्ट संस्थाओं को भी कुल 810 लक्ष्यों का आवंटन किया गया है।