{"_id":"58c880264f1c1b1d6132adbd","slug":"up-s-face-will-decide-cm-s-name-in-uttarakhand","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी का चेहरा तय करेगा उत्तराखंड में सीएम का नाम ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
यूपी का चेहरा तय करेगा उत्तराखंड में सीएम का नाम
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
Updated Wed, 15 Mar 2017 05:13 AM IST
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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक और अब तक की सबसे बड़ी जीत हासिल करने के बाद भाजपा में शीर्ष स्तर पर मुख्यमंत्री के सवाल पर मंथन का सिलसिला शुरू हो गया है। फिलहाल जिन तीन नामों पर चर्चा हो रही है उनमें त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रकाश पंत और सतपाल महाराज के नाम शामिल हैं। चर्चाओं के बीच संसद में सतपाल ने मंगलवार को संसद में गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की।
माना जा रहा है कि केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाए गए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पार्टी महासचिव सरोज पांडे बुधवार को देहरादून पहुंचेंगे। विधायक दल की बैठक संभवत: बृहस्पतिवार को होगी। बैठक से पहले नेतृत्व मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरे पर सहमति बना लेगा, जिसकी सूचना पर्यवेक्षकों केजरिए विधायकों को दे दी जाएगी।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक हमेशा की तरह मुख्यमंत्री राजपूत या ब्राह्मण बिरादरी से होगा। राज्य का मुख्यमंत्री कौन होगा यह बहुत कुछ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर भी निर्भर होगा। अगर उत्तर प्रदेश में किसी ब्राह्मïण चेहरे पर सहमति बनी तो ऐसे में त्रिवेंद्र उत्तराखंड में इस पद के प्रबल दावेदार होंगे।
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इसके उलट अगर उत्तर प्रदेश में किसी पिछड़ी जाति या अन्य बिरादरी के हाथ में सरकार की कमान गई तो फिर नेतृत्व की पहली पसंद पंत होंगे। हालांकि फिलहाल जिन तीन नामों पर पार्टी के शीर्ष नेताओं में मंथन हो रहा है उनमें पंत, सतपाल और रावत शामिल हैं।
पिथौरागढ़ के विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पंत की छवि बेहद साफ सूथरी है। अगर नेतृत्व ने किसी ब्राह्मïण बिरादरी पर विश्वास व्यक्त किया तो पंत के नाम पर मुहर लग सकती है। इसके उलट अगर किसी राजपूत बिरादरी को मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति बनी तो सतपाल और रावत में से किसी एक के नाम की लॉटरी निकलेगी।
गौरतलब है कि पंत के नाम पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने अपनी सहमति दी है। जबकि त्रिवेंद्र को अध्यक्ष अमित शाह का बेहद नजदीकी माना जाता है। लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए सतपाल महाराज के नाम पर पार्टी में ही विरोध है।
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माना जा रहा है कि केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाए गए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पार्टी महासचिव सरोज पांडे बुधवार को देहरादून पहुंचेंगे। विधायक दल की बैठक संभवत: बृहस्पतिवार को होगी। बैठक से पहले नेतृत्व मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरे पर सहमति बना लेगा, जिसकी सूचना पर्यवेक्षकों केजरिए विधायकों को दे दी जाएगी।
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पार्टी सूत्रों के मुताबिक हमेशा की तरह मुख्यमंत्री राजपूत या ब्राह्मण बिरादरी से होगा। राज्य का मुख्यमंत्री कौन होगा यह बहुत कुछ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर भी निर्भर होगा। अगर उत्तर प्रदेश में किसी ब्राह्मïण चेहरे पर सहमति बनी तो ऐसे में त्रिवेंद्र उत्तराखंड में इस पद के प्रबल दावेदार होंगे।
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इसके उलट अगर उत्तर प्रदेश में किसी पिछड़ी जाति या अन्य बिरादरी के हाथ में सरकार की कमान गई तो फिर नेतृत्व की पहली पसंद पंत होंगे। हालांकि फिलहाल जिन तीन नामों पर पार्टी के शीर्ष नेताओं में मंथन हो रहा है उनमें पंत, सतपाल और रावत शामिल हैं।
पिथौरागढ़ के विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पंत की छवि बेहद साफ सूथरी है। अगर नेतृत्व ने किसी ब्राह्मïण बिरादरी पर विश्वास व्यक्त किया तो पंत के नाम पर मुहर लग सकती है। इसके उलट अगर किसी राजपूत बिरादरी को मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति बनी तो सतपाल और रावत में से किसी एक के नाम की लॉटरी निकलेगी।
गौरतलब है कि पंत के नाम पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने अपनी सहमति दी है। जबकि त्रिवेंद्र को अध्यक्ष अमित शाह का बेहद नजदीकी माना जाता है। लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए सतपाल महाराज के नाम पर पार्टी में ही विरोध है।