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UP Politics: भाजपा ने बनाया मिशन 80 का प्लान, क्या मोदी-योगी और नड्डा की टीम कर पाएगी ये करिश्मा?

Fri, 20 Jan 2023 07:02 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Fri, 20 Jan 2023 07:02 PM IST
सार

UP Politics: भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में यूपी की 80 सीटों में से 73 सीटों (सहयोगी अपना दल एस की दो सीटों के साथ) पर सफलता हासिल की थी। उसे 42.63 फीसदी वोट हासिल हुए थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 62 सीटों पर सफलता हासिल हुई थी...

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UP Politics: BJP made a plan for Mission 80, will Modi-Yogi and Nadda be able to do this charisma?
BJP - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भाजपा कई रिकॉर्ड बना चुकी है। केंद्र में 2014 और 2019 में लगातार पूर्ण बहुमत से गैर कांग्रेसी सरकार बनाने के साथ-साथ यूपी, उत्तराखंड और गुजरात में भी वह लगातार नए-नए रिकॉर्ड गढ़ती जा रही है। अपने करिश्माई नेता पीएम मोदी और पार्टी संगठन की ताकत पर भाजपा ने अपने लिए एक और कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य है 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी की 80 में से सभी 80 सीटों पर सफलता हासिल करने का। पार्टी ने इसे 'मिशन 80' का नाम दिया है। क्या यह लक्ष्य भाजपा हासिल करने की क्षमता रखती है या यह अपने कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने की कोशिश मात्र है?  

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क्या मिशन 80 संभव है?

भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में यूपी की 80 सीटों में से 73 सीटों (सहयोगी अपना दल एस की दो सीटों के साथ) पर सफलता हासिल की थी। उसे 42.63 फीसदी वोट हासिल हुए थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 62 सीटों पर सफलता हासिल हुई थी। उसकी सीटों में कुछ कमी अवश्य आई थी, लेकिन उसका मत प्रतिशत बढ़कर 49.98 फीसदी तक पहुंच गया था। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में दर्जनों ऐसे राज्य रहे हैं, जहां भाजपा ने पूरी-पूरी सीटों पर सफलता हासिल की थी। इसमें दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात जैसे राज्य शामिल हैं। यूपी में अपनी लगातार बढ़ती लोकप्रियता के आधार पर भाजपा का आकलन है कि यदि वह अपना मत प्रतिशत 51 फीसदी से ऊपर ले जा पाती है, तो वह यूपी की भी सभी सीटों पर जीत हासिल करने में सफल हो सकती है। लेकिन उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में यह लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं है।  

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पार्टी को सबसे ज्यादा आत्मविश्वास रामपुर लोकसभा के उपचुनाव में जीत हासिल करने के बाद मिली है। सपा नेता आजम खान को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद सपा ने अपनी इस पारंपरिक सीट पर हार गई। आश्चर्यजनक रूप से इस मुस्लिम बहुल मतदाताओं वाली सीट पर भाजपा के घनश्याम सिंह लोढ़ी को जीत हासिल हुई। इसके पहले वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मुस्लिम बहुल सीटों पर भी जीत हासिल करने का करिश्मा कर चुकी है। यही कारण है कि रामपुर में जीत हासिल कर चुकी भाजपा को लगता है कि वह यूपी की सभी सीटों पर वह जीत हासिल कर सकती है।

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पीएम नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद और दिल्ली की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में लगातार मुसलमानों को साधने का जो मंत्र दिया है, उसे इस मिशन की संभावना से जोड़कर देखा जा सकता है। यदि पसमांदा मुसलमानों का एक वर्ग भाजपा के साथ आ जाता है, तो उसका प्लान आसान हो सकता है। भाजपा इसी कोशिश में जुटी हुई है।

जीत के चार फैक्टर

भाजपा के पास इस समय पीएम नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ के रूप में जीत दिलाने वाले दो बड़े ट्रंप कार्ड मौजूद हैं। इसके अलावा केंद्र और यूपी सरकार के कार्यों के कारण भी भाजपा को लगता है कि उसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। केंद्र-यूपी सरकारें लगातार सभी धर्मों-जातियों को अपने साथ जोड़कर अपना सामाजिक दायरा बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। जिस तरह उसकी सफलता का ग्राफ बढ़ रहा है, माना जा सकता है कि उसकी कोशिशें काम कर रही हैं।  

लोकसभा चुनाव के पूर्व जनवरी महीने में ही अयोध्या में राममंदिर भी बनकर तैयार हो जाएगा और आम लोग अयोध्या में रामलला के दर्शन कर सकेंगे। भाजपा नेताओं को यह भी उम्मीद है कि उसे मंदिर निर्माण की लोकप्रियता का लाभ मिल सकता है। अमित शाह का राममंदिर निर्माण को लेकर हालिया बयान पार्टी की इसी रणनीति की ओर इशारा करता है। यदि जनता में राम मंदिर को लेकर विशेष उत्साह बना, तो भाजपा अपने असंभव से लक्ष्य को हासिल करने में कामयाब हो सकती है।

हासिल करेंगे जीत

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने अमर उजाला से कहा कि उनकी पार्टी कोई कार्य चुनाव में वोट हासिल करने को लक्ष्य लेकर नहीं करती है। उनके लिए केंद्र-राज्य की सत्ता जनता की सेवा करने और समाज सेवा करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बिना इस बात की चिंता किए कि कोई समुदाय हमें वोट देता है या नहीं, समाज के सभी वर्गों की भलाई के लिए काम करने की बात कही है।

इसी से स्पष्ट हो जाना चाहिए कि भाजपा कोई कार्य वोट को ध्यान में रखकर नहीं करती। केंद्र की योजनाओं में सभी जातियों-धर्मों के लोगों को एक समान रूप से लाभ पाना इस बात को प्रमाणित करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कही गई बात भाजपा का दर्शन है जिसे वह अपनी योजनाओं के माध्यम से उतारती है।

भाजपा नेता प्रेम शुक्ला ने कहा कि हालांकि, जब उनकी पार्टी समाज के सभी वर्गों के लिए काम करती है, तो स्वाभाविक तौर पर हर समाज के बीच उनके नेताओं और उनकी पार्टी के लिए समर्थन लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी का परिणाम है कि भाजपा के मत प्रतिशत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और उसकी सरकारें लगातार सत्ता में आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि उनका विश्वास है कि भाजपा यूपी की सभी सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब रहेगी।

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