{"_id":"692970021464e151490310b6","slug":"up-panchayat-election-uttar-pradesh-bjp-samajwadi-party-bsp-yogi-adityanath-news-and-updates-2025-11-28","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"BJP: पंचायत चुनाव होंगे योगी आदित्यनाथ की बड़ी परीक्षा, सेमीफाइनल के लिए भाजपा तैयार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
BJP: पंचायत चुनाव होंगे योगी आदित्यनाथ की बड़ी परीक्षा, सेमीफाइनल के लिए भाजपा तैयार
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी विधानसभा चुनावों में उतरने से पहले इन चुनावों में बड़ी जीत हासिल करने की कोशिश करेंगे। इससे सरकार के साथ-साथ पार्टी संगठन में भी उनका कद मजबूत होगा। माना जा रहा है कि पंचायत चुनावों में बड़ी जीत उनकी भविष्य की दावेदारी को मजबूत करने का काम करेगी।
विज्ञापन
अखिलेश यादव, सीएम योगी और मायावती
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) अभियान के कारण यूपी में पंचायत चुनावों की प्रक्रिया पर असर पड़ रहा है, लेकिन इसके बाद भी राज्य निर्वाचन आयोग समय से पंचायत चुनाव कराने के लिए तैयारी कर चुका है। पंचायत चुनावों के लिए मतदाता सूची को अंतिम रूप देने का काम किया जा रहा है। फरवरी के पहले सप्ताह में मतदाता सूची आने की संभावना है। विधानसभा चुनाव 2027 के पहले होने वाले पंचायत चुनावों को सत्ता के सेमीफाइनल के तौर पर देखा जाता है, लिहाजा सत्ताधारी भाजपा सहित सभी दल इसकी तैयारियों में जुट गए हैं। पंचायत चुनाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए भी बड़ी परीक्षा साबित होने जा रही है क्योंकि इन चुनावों में मजबूत प्रदर्शन से ही पार्टी में उनकी दावेदारी मजबूत होगी।
भाजपा ने पंचायत चुनावों के लिए जिला, ब्लॉक से लेकर वार्ड स्तर तक के अपने प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। सभी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी का प्रदर्शन सुधारने के लिए लोगों से संपर्क करने में जुट गए हैं। मतदाताओं को केंद्र सरकार से लेकर, प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की सफलताओं और योजनाओं के बारे में बताया जा रहा है। एसआईआर की प्रक्रिया के कारण पार्टी के कार्यकर्ता उसमें जुट गए हैं, लेकिन एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होते ही पूरी टीम पंचायत चुनावों की तैयारी में जुट जाएगी।
विज्ञापन
भाजपा ने पंचायत चुनावों के लिए जिला, ब्लॉक से लेकर वार्ड स्तर तक के अपने प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। सभी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी का प्रदर्शन सुधारने के लिए लोगों से संपर्क करने में जुट गए हैं। मतदाताओं को केंद्र सरकार से लेकर, प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की सफलताओं और योजनाओं के बारे में बताया जा रहा है। एसआईआर की प्रक्रिया के कारण पार्टी के कार्यकर्ता उसमें जुट गए हैं, लेकिन एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होते ही पूरी टीम पंचायत चुनावों की तैयारी में जुट जाएगी।
विज्ञापन
पंचायत चुनावों में अपनी जीत के लिए भाजपा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि को ही अपना 'एक्स फैक्टर' मान रही है। पूर्वांचल, पश्चिम, अवध क्षेत्र और बुंदेलखंड के इलाकों के साथ-साथ पूरे प्रदेश में उसे इसका लाभ मिलने की संभावना है। पार्टी नेताओं का मानना है कि योगी सरकार की विकासवादी छवि, अपराध मुक्त प्रशासन और हर गांव के हर व्यक्ति तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना उसको चुनावों में लाभ पहुंचा सकता है।
पार्टी का दावा है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के पहले बिजली कटने की समस्याओं से किसानों को हर जगह जूझना पड़ता था, लेकिन अब हर क्षेत्र में 18 से 20 घंटे तक बिजली की आपूर्ति से पार्टी की छवि बेहतर हुई है। पार्टी ने गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने से लेकर हर प्रखंड में विकास के अनेक कार्य किए हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के अनुसार, ये विकास कार्य ही पंचायत चुनावों में उनकी जीत का आधार बनेंगे।
पार्टी का दावा है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के पहले बिजली कटने की समस्याओं से किसानों को हर जगह जूझना पड़ता था, लेकिन अब हर क्षेत्र में 18 से 20 घंटे तक बिजली की आपूर्ति से पार्टी की छवि बेहतर हुई है। पार्टी ने गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने से लेकर हर प्रखंड में विकास के अनेक कार्य किए हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के अनुसार, ये विकास कार्य ही पंचायत चुनावों में उनकी जीत का आधार बनेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी विधानसभा चुनावों में उतरने से पहले इन चुनावों में बड़ी जीत हासिल करने की कोशिश करेंगे। इससे सरकार के साथ-साथ पार्टी संगठन में भी उनका कद मजबूत होगा। माना जा रहा है कि पंचायत चुनावों में बड़ी जीत उनकी भविष्य की दावेदारी को मजबूत करने का काम करेगी, लिहाजा योगी आदित्यनाथ की कोर टीम भी इन चुनावों में बड़ी जीत हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगाएगी। स्वाभाविक तौर पर भाजपा को इसका लाभ मिलेगा।
सपा के लिए क्यों खड़ी हुई थी मुश्किल
2021 के पंचायत चुनावों में समाजवादी पार्टी के लिए आंतरिक कलह बड़ी मुश्किल बन गई थी। ग्राम प्रधान से लेकर ब्लॉक और जिला स्तर के चुनावों में अनेक जगह सपा के ही दो-तीन नेताओं ने पर्चा भर दिया था। इससे पार्टी के कार्यकर्ता आपस में ही बंट गए और इससे समाजवादी पार्टी को भारी नुकसान हुआ। भाजपा को इसका लाभ मिला और वह पूरे प्रदेश में पंचायत चुनावों में बड़ी जीत हासिल करने में कामयाब रही।
सपा के लिए क्यों खड़ी हुई थी मुश्किल
2021 के पंचायत चुनावों में समाजवादी पार्टी के लिए आंतरिक कलह बड़ी मुश्किल बन गई थी। ग्राम प्रधान से लेकर ब्लॉक और जिला स्तर के चुनावों में अनेक जगह सपा के ही दो-तीन नेताओं ने पर्चा भर दिया था। इससे पार्टी के कार्यकर्ता आपस में ही बंट गए और इससे समाजवादी पार्टी को भारी नुकसान हुआ। भाजपा को इसका लाभ मिला और वह पूरे प्रदेश में पंचायत चुनावों में बड़ी जीत हासिल करने में कामयाब रही।
समाजवादी पार्टी नेताओं ने साफ किया है कि इस बार ग्राम, ब्लॉक से लेकर पंचायत चुनावों तक हर स्तर पर एक-एक पार्टी कार्यकर्ताओं को उतारा जाएगा जिससे मतभेद की कोई स्थिति न बने। मतभेद टालने के लिए पहले बैठक कर हर पद के लिए सबकी सहमति से एक उम्मीदवार उतारने की कोशिश की जाएगी। यदि सपा पूरी तरह एकजुट होकर पूरी ताकत के साथ पंचायत चुनावों में उतर सकी तो प्रदेश के कई इलाकों में वह भाजपा को कड़ी टक्कर दे सकती है।
बसपा भी आजमाएगी ताकत
भाजपा-सपा की राह मुश्किल करने के लिए बसपा इस बार कमर कसकर तैयार है। पार्टी नेता मायावती ने लखनऊ में बड़ी जनसभा कर अपनी मजबूत वापसी का इरादा जाहिर किया है। पार्टी पंचायत चुनावों में अपने उम्मीदवारों को जीत दिलाकर विधानसभा चुनाव के लिए अपनी टीम की तैयारी परखने की कोशिश करेगी। पार्टी अलग-अलग बैठक कर ब्राह्मणों, दलितों और मुसलमानों के साथ-साथ अति पिछड़े वर्ग के लोगों को साधने की कोशिश कर रही है। पंचायत चुनाव उसके लिए अपनी ताकत आजमाने का एक 'लिटमस टेस्ट' हो सकती है। यदि बसपा अपनी रणनीति पर आगे बढ़ने में सफल रहती है तो वह भाजपा-सपा दोनों के लिए मजबूत चुनौती पेश कर सकती है।
बसपा भी आजमाएगी ताकत
भाजपा-सपा की राह मुश्किल करने के लिए बसपा इस बार कमर कसकर तैयार है। पार्टी नेता मायावती ने लखनऊ में बड़ी जनसभा कर अपनी मजबूत वापसी का इरादा जाहिर किया है। पार्टी पंचायत चुनावों में अपने उम्मीदवारों को जीत दिलाकर विधानसभा चुनाव के लिए अपनी टीम की तैयारी परखने की कोशिश करेगी। पार्टी अलग-अलग बैठक कर ब्राह्मणों, दलितों और मुसलमानों के साथ-साथ अति पिछड़े वर्ग के लोगों को साधने की कोशिश कर रही है। पंचायत चुनाव उसके लिए अपनी ताकत आजमाने का एक 'लिटमस टेस्ट' हो सकती है। यदि बसपा अपनी रणनीति पर आगे बढ़ने में सफल रहती है तो वह भाजपा-सपा दोनों के लिए मजबूत चुनौती पेश कर सकती है।
ग्राम स्तर पर किए गए कार्यों पर लड़ेंगे पंचायत चुनाव- भाजपा
भाजपा नेता चंद्रमौलि सिंह ने अमर उजाला से कहा कि पार्टी पंचायत चुनावों के लिए पूरी तरह कमर कसकर तैयार है। इस समय एसआईआर की प्रक्रिया में पार्टी के कार्यकर्ता वैध मतदाताओं का वोट बनवाने में प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग कर रहे हैं। एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही पूरी टीम पंचायत चुनावों में डट जाएगी। उन्होंने कहा कि वे मतदाताओं को पार्टी के द्वारा ग्राम स्तर पर किए गए विकास कार्यों और केंद्र-राज्य सरकार द्वारा आम लोगों को दी जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं और अपने कार्यों के बल पर ही पंचायत चुनाव जीतेंगे। भाजपा नेता ने पंचायत चुनावों में बड़ी जीत का दावा किया।
सेमीफाइनल नहीं, फाइनल चुनाव की तरह लड़ेगी सपा- अनुराग भदौरिया
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने अमर उजाला से कहा कि समाजवादी पार्टी पंचायत चुनावों को सेमीफाइनल की तरह नहीं, बल्कि फाइनल की तरह लड़ेगी और जीतेगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के सत्ता में रहने के दौरान लोहिया ग्राम आवास योजना चलाई गई थी जो बहुत सफल रही थी। इस योजना के अंतर्गत चिन्हित गांवों को अनेक सुविधाओं से युक्त किया गया था। इस बार भी हर ग्राम सभा में स्कूल और हर ग्राम सभा के स्तर पर एक प्राथमिक चिकित्सालय को मुद्दा बनाकर वे चुनाव में उतरेंगे।
भाजपा नेता चंद्रमौलि सिंह ने अमर उजाला से कहा कि पार्टी पंचायत चुनावों के लिए पूरी तरह कमर कसकर तैयार है। इस समय एसआईआर की प्रक्रिया में पार्टी के कार्यकर्ता वैध मतदाताओं का वोट बनवाने में प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग कर रहे हैं। एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही पूरी टीम पंचायत चुनावों में डट जाएगी। उन्होंने कहा कि वे मतदाताओं को पार्टी के द्वारा ग्राम स्तर पर किए गए विकास कार्यों और केंद्र-राज्य सरकार द्वारा आम लोगों को दी जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं और अपने कार्यों के बल पर ही पंचायत चुनाव जीतेंगे। भाजपा नेता ने पंचायत चुनावों में बड़ी जीत का दावा किया।
सेमीफाइनल नहीं, फाइनल चुनाव की तरह लड़ेगी सपा- अनुराग भदौरिया
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने अमर उजाला से कहा कि समाजवादी पार्टी पंचायत चुनावों को सेमीफाइनल की तरह नहीं, बल्कि फाइनल की तरह लड़ेगी और जीतेगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के सत्ता में रहने के दौरान लोहिया ग्राम आवास योजना चलाई गई थी जो बहुत सफल रही थी। इस योजना के अंतर्गत चिन्हित गांवों को अनेक सुविधाओं से युक्त किया गया था। इस बार भी हर ग्राम सभा में स्कूल और हर ग्राम सभा के स्तर पर एक प्राथमिक चिकित्सालय को मुद्दा बनाकर वे चुनाव में उतरेंगे।