SC: बांके बिहारी मंदिर की धनराशि को कॉरिडोर बनाने पर खर्च कर सकेगी यूपी सरकार, सुप्रीम कोर्ट ने दी अनुमति
वृंदावन के श्रीबांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर निर्माण मामले में 20 नवंबर 2023 इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि कॉरिडोर का निर्माण हो, लेकिन इसमें मंदिर फंड का इस्तेमाल न करें। इस मामले में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
विस्तार
Supreme Court permits Uttar Pradesh government to utilise funds from the Shri Banke Bihari Temple in Vrindavan to purchase five acres of land around the temple for corridor development.
विज्ञापन
Supreme Court orders that the acquired land shall be registered in the name of the deity.… pic.twitter.com/HWh85gG6CUविज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) May 15, 2025
शीर्ष अदालत ने आदेश दिया है कि जिस भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, उसका मंदिर के देवता के नाम पर पंजीकरण कराना होगा। कोर्ट ने कॉरिडोर के लिए राज्य सरकार की 500 करोड़ रुपये की विकास योजना को ध्यान में रखते हुए बांके बिहारी मंदिर ट्रस्ट की सावधि जमा राशि के उपयोग की अनुमति दे दी।
हाईकोर्ट ने खारिज की दी थी उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका
वृंदावन के श्रीबांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर निर्माण मामले में 20 नवंबर 2023 इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि कॉरिडोर का निर्माण हो, लेकिन इसमें मंदिर फंड का इस्तेमाल न करें। सरकार अपने स्तर से इसका खर्च वहन करे। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार का कहना था कि अगर सरकार अपने खर्च से जमीन खरीदेगी तो उस पर सरकार का मालिकाना हक होगा। इसी प्रकार कॉरिडोर के निर्माण पर सरकार धनराशि खर्च करेगी तो उस पर भी सरकार का ही अधिकार होगा। कॉरिडोर को मंदिर से क्लब किया जा सके और मंदिर प्रबंधन कमेटी इसका संचालन कर सके, इसके लिए जरूरी है कि मंदिर फंड से ही कॉरिडोर का निर्माण कराया जाए।
ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता शर्तों के मसौदे पर जताई चिंता, कहा- प्रक्रिया का हो रहा दुरुपयोग
पांच एकड़ में प्रस्तावित है कॉरिडोर
श्री ठाकुर बांके बिहारी के कॉरिडोर पांच एकड़ में प्रस्तावित है। इसका डिजाइन काशी कॉरिडोर की तर्ज पर तैयार किया है। कॉरिडोर प्रांगण में ठा. श्रीबांकेबिहारी जी से पहले राधागोपाल, राधाबिहारी और केशव-जू सहित गौड़िया मठ का अद्भुत आकर्षण भक्तों के लिए मनोहारी छटा बिखेरने वाला होगा। इतना ही नहीं, प्रस्तावित कॉरिडोर में भक्तों के बैठने के लिए विशाल प्रतीक्षालय, सामान व जूता घर के साथ पेयजल और चिकित्सा सेवा सहित शिशु देखभाल की व्यवस्था का भी प्रावधान है।
बिहारी जी कॉरिडोर के तीन हिस्से
ठा. श्रीबांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र और उसकी परिक्रमा।
10600 -वर्ग मीटर में कॉरिडोर का ऊपरी हिस्सा।
11300-वर्ग मीटर में कॉरिडोर का निचला हिस्सा।
ये भी पढ़ें: 'जंगल दोबारा तैयार नहीं किया तो...', हैदराबाद विवि के पास पेड़ों की कटाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
एक साथ 10 हजार श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन
कॉरिडोर बनने के बाद 10 हजार श्रद्धालु एक साथ दर्शन कर सकेंगे। इसके निर्माण के लिए करीब 276 से अधिक दुकान और मकानों का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें 149 आवासीय, 66 व्यावसायिक, 57 मिश्रित भवन हैं। इसके अलावा काशी में बने कॉरिडोर के आधार पर ही इसे विकसित किया जाएगा। कॉरिडोर के साथ ही श्रीबांकेबिहारी मंदिर के परिक्रमा मार्ग को भी नया स्वरूप दिया जाना है।
संबंधित वीडियो
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.