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Hindi News ›   India News ›   UP Gets 594-km-Long Ganga Expressway Travel Between Meerut and Prayagraj Become Easier know all 6 Expressways

Ganga Expressway: 2012 में शुरू हुए यमुना से 2026 के गंगा तक, यूपी में कैसे फैला एक्सप्रेस-वे का जाल?

Wed, 29 Apr 2026 06:49 AM IST
Sandhya Kumari न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Wed, 29 Apr 2026 06:49 AM IST
सार

भारत में एक्सप्रेस-वे का एक बड़ा नेटवर्क अब उत्तर प्रदेश में है। इसकी शुरुआत अगस्त 2012 में यमुना एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के साथ हुई। इसके बाद राज्य में लगातार एक्सप्रेस-वे का जाल बढ़ता चला गया। गंगा एक्सप्रेस-वे इसी कड़ी में सबसे नया एक्सप्रेस-वे है, जिसका दायरा मौजूदा 594 किलोमीटर से भी ज्यादा बढ़ाने की योजना है। आइए जानते हैं यूपी के बाकी एक्सप्रेस-वे के बारे में...

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UP Gets 594-km-Long Ganga Expressway Travel Between Meerut and Prayagraj Become Easier know all 6 Expressways
उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश में बीते कुछ वर्षों में एक्सप्रेस-वे का जाल तेजी से फैला है। पूरे देश में कुल एक्सप्रेस-वे की बात करें तो इनमें सबसे बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश का ही है।  29 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपी के लिए एक और एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करने जा रहे हैं।  मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे के शुरू होते ही यूपी में कुल संचालन वाले एक्सप्रेस-वे का आंकड़ा छह हो जाएगा। इसमें यमुना एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे शामिल हैं। 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे यूपी में अब तक का साथ सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होने जा रहा है। 

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ऐसे में ये जानना अहम है कि यूपी में कौन-कौन से एक्सप्रेस-वे हैं, उनकी लंबाई कितनी है? किस एक्सप्रेस-वे का निर्माण कब हुआ? उनको बनाने में कितनी लागत आई? इनका दायरा कहां से कहां तक है? वो कौन से एक्सप्रेस-वे हैं, जिनका निर्माण पूरा हो गया? कितनों का निर्माण चल रहा है और कौन कौन से एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित हैं? 

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यमुना एक्सप्रेस-वे

इस एक्सप्रेस-वे की शुरूआत 2012 में हुई थी। 165 किलोमीटर लंबा ये एक्सप्रेस-वे नोएडा को आगरा से जोड़ने का काम करता है। यह छह लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेस-वे है, जिसकी योजना 2002 में बनी थी। मायावती के कार्यकाल में इसका अधिकांश निर्माण कार्य हुआ। अगस्त 2012 में इसका उद्घाटन हुआ तो उस वक्त राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव थे। पहले 'ताज एक्सप्रेस-वे' के नाम से पहचाने जाने वाले इस प्रोजेक्ट में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का नाम भी जुड़ा था। मायावती इसे अपनी सरकार का सबसे अहम प्रोजेक्ट के तौर पर तवज्जो देती थीं।

इसका निर्माण यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अंतर्गत जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड ने किया। इस एक्सप्रेस-वे को पूरा करने में लगभग ₹12,839 करोड़ का खर्च आया। यह नोएडा में परी चौक से शुरू होकर, आगरा में कुबेरपुर पर समाप्त होता है। यह पांच जिलों से होकर गुजरता है गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस और मथुरा।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे

2016 में  मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया था। इसके निर्माण  इसकी लंबाई 302 किलोमीटर है। यह एक्सप्रेस-वे जरूरत पड़ने पर हवाई पट्टी के तौर पर भी काम कर सकता है। इस छह लेन के एक्सप्रेस-वे को आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। यह एक्सप्रेस-वे आगरा (आगरा इनर रिंग रोड) से शुरू होकर फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, हरदोई, कानपुर, उन्नाव होते हुए लखनऊ में मोहान रोड पर ग्राम सरोसा-भरोसा में समाप्त होता है। इस पर 13 पुल, 2 मुख्य टोल प्लाजा,  कुल 17 इंटरचेंज का निर्माण किया गया है। इसके पुल के निर्माण के साथ लखनऊ और आगरा के बीच की दूरी का समय लगभग तीन घंटे तक कम हो गया। 

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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में किया था। इसकी लंबाई करीब 340 किमी है। यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ-सुल्तानपुर रोड (एनएच-731) पर स्थित ग्राम चांद सराय (लखनऊ) से शुरू होकर यूपी-बिहार सीमा से 18 किमी पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-31 पर स्थित ग्राम हैदरिया पर खत्म होता है। एक्सप्रेस-वे नौ जिलों लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, अयोध्या, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर से होकर निकलता है। 2018 में इसकी आधारशिला रखी गई थी। इसको बनाने में करीब 42 हजार करोड़ रुपये का लागत आई है। इस एक्सप्रेस-वे पर लखनऊ जिले के कूरेभार के गौरा ग्राम पंचायत में एयरस्ट्रिप भी बनाई गई है। 

उद्घाटन के समय ये एक्सप्रेस-वे छह लेन का था। जिसे बाद में आठ लेन किए जाने का विचार था। इस एक्सप्रेस-वे पर 18 फ्लाईओवर, सात रेलवे ओवरब्रिज, सात लंबे सेतु, 104 लघु सेतु, 13 इंटरचेंज, पांच रैंप प्लाजा, 271 अंडरपासेज और 525 पुलियों का निर्माण कराया गया है। 

बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया था। 296 किलोमीटर  लंबा ये एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड के सात जिलों से गुजरता है। चित्रकूट से शुरू होकर इटावा जाने वाला यह एक्सप्रेस-वे इटावा के कुदरैल गांव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे से जुड़ता है। इसे बनने में कुल 28 महीने लगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2020 में इस एक्सप्रेस-वे की आधारशिला रखी थी। इसे मार्च 2023 से पहले पूरा होना था, लेकिन यह तय समय से आठ महीने पहले बनकर तैयार हो गया था।

इसे बनाने में कुल 14 हजार 850 करोड़ रुपये की कुल लागत आई थी। इस एक्सप्रेस-वे को यूपीडा के द्वारा तैयार किया गया है। सात जिलों से गुजरने वाला एक्सप्रेस-वे चित्रकूट के गोंडा गांव से शुरु होता है। बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया होते हुए इटावा के कुंडरैल गांव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे से जाकर मिलेता है। चार लेन के इस एक्सप्रेस-वे को आगे चलकर छह लेन का बनाने की योजना थी। इसमें चार रेलवे ओवर ब्रिज, 14 बड़े पुल, 266 छोटे पुल, 18 फ्लाइओवर, 13 टोल प्लाजा और सात रैंप प्लाजा हैं। 


 

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ की तरफ से 2025 में किया गया था। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़े गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 91.35 किमी है।  यह गोरखपुर के एनएच-27 पर जैतपुर के पास शुरू होकर आजमगढ़ के सलारपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से मिलता है। चार जिलों गोरखपुर, संतकबीरनगर, आंबेडकरनगर और आजमगढ़ से होकर गुजरने वाला यह एक्सप्रेस-वे भविष्य में छह लेन तक विस्तारित हो सकता है। इसका निर्माण दो हिस्सों में- गोरखपुर के जैतपुर से अंबेडकरनगर के फुलवरिया तक (48.317 किमी) और इसके बाद फुलवरिया से आजमगढ़ के सलारपुर तक (43.035 किमी) किया गया था।  एक्सप्रेस-वे का निर्माण लगभग 7283.28 करोड़ की लागत से हुआ है। 

 

गंगा एक्सप्रेस-वे

यूपी में अब तक कुल पांच एक्सप्रेस-वे हैं। इसमें 29 अप्रैल 2026 को गंगा एक्सप्रेस-वे भी जुड़ जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। 2021 में प्रधानमंत्री ने इसकी आधारशिला रखी थी। ये यूपी में अब तक का सबसे लंबा एक्सप्रेस वे बनकर तैयार हुआ है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) के जरिए तैयार किया गया यह प्रोजेक्ट करीब 36,230 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुआ है। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर दांदू गांव तक जाता है। यह 12 जिलों से होकर गुजरेगा जिसमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जिले शामिल हैं। वर्तमान में यह 6-लेन वाला एक 'एक्सेस-कंट्रोल्ड' कॉरिडोर है, लेकिन भविष्य में इसे 8-लेन तक विस्तार देने का प्रावधान भी रखा गया है। 

सड़क सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शाहजहांपुर के पास 3.5 किलोमीटर लंबी एक इमरजेंसी एयरस्ट्रिप (हवाई पट्टी) भी बनाई गई है। यह भारतीय वायुसेना के लिए है। मई 2025 में यहां लड़ाकू और ट्रांसपोर्ट विमानों को उतारकर इसका सफल परीक्षण भी किया जा चुका है।


 
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