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UP Election 2022: तिलहर सीट बनी भाजपा की नाक का सवाल, सपा से भाजपा में आईं सलोना को जिताने की जिम्मेदारी दो मंत्रियो पर

Sun, 13 Feb 2022 04:27 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Sun, 13 Feb 2022 04:27 PM IST
सार

योगी सरकार में मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्यां के पाला बदलने के बाद से इस विधानसभा का समीकरण बदल गया है। विधायक रोशनलाल वर्मा भी समाजवादी हो गए हैं।

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UP Election 2022 tilhar vidhan sabha candidate assembly election salona kushwaha jitin prasad suresh khanna
सलोना कुशवाहा (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कहने को तो उत्तर प्रदेश की तिलहर विधानसभा राज्य की छोटी विधानसभा सीटों में से एक है, लेकिन यहां पूरा चुनाव योगी-अखिलेश की बजाय भाजपा सरकार में मंत्री सुरेश खन्ना, जितिन प्रसाद बनाम सपा के रोशनलाल वर्मा हो गया है। हालांकि, अब इस सीट पर गृहमंत्री अमित शाह की भी  एंट्री हो गई है। स्थानीय लोग कहते है कि इस बार का चुनाव देखने लायक है, क्योंकि इस बार मंत्री खन्ना और जितिन ने भाजपा के लिए जोर लगा रखा है। खन्ना तो अपनी सीट शाहजहांपुर के साथ साथ तिलहर पर भी बराबर नजर रखे हुए है। 

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वहीं, दो माह पहले तक समाजवादी पार्टी से टिकट मांग रही सलोना कुशवाहा अब कमल के निशान पर चुनावी मैदान में ताल ठोक रही है। सलोना का कहना है कि गृहमंत्री शाह पहली बार प्रचार के लिए मेरे मायके में आए हैं। अब मुझे हर हाल में यह सीट जीतकर उन्हें देना है।
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दरअसल, योगी सरकार में मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्यां के पाला बदलने के बाद से इस विधानसभा का समीकरण बदल गया है। विधायक रोशनलाल वर्मा भी समाजवादी हो गए हैं। इसके बाद उन्होंने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और मंत्री जितिन प्रसाद को चुनौती दे डाली कि वह एकमात्र ऐसे शख्स हैं जो तिलहर सीट पर जीत हासिल कर सकते हैं। इसके बाद इन दोनों नेताओं ने इस सीट को अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया।
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कभी होती थी समाजवादी, अब है भाजपाई
रोशनलाल वर्मा के सपा में शामिल होने के बाद सबसे बड़ा झटका बरेली के डॉ. राम सिंह कुशवाहा की पत्नी सलोना कुशवाहा को लगा। सलोना का तिलहर के पास ही कस्बा निगोही में मायका है और वह सपा से टिकट के आश्वासन पर पिछले दो साल से क्षेत्र में सक्रिय थीं। चुनावी मूड को देखते हुए जैसे ही वर्मा ने अपना पाला बदला और उन्हें सपा से टिकट मिला। इसके बाद सलोना कुशवाहा ने भाजपा का दामन थामने का मन बना लिया। उन्होंने कैबिनेट मंत्री खन्ना और जितिन प्रसाद से मुलाकात की। भाजपा ने भी मौके का फायदा उठाते हुए सलोना को रोशनलाल के खिलाफ चुनावी मैदान में उतार दिया।

गृहमंत्री शाह की उम्मीदों पर खरा उतरना है: सलोना
हाल ही में गृहमंत्री अमित शाह तिलहर कस्बा निगोही के डडिया बाजार में प्रचार अभियान के लिए पहुंचे थे। तभी भाजपा प्रत्याशी सलोना कुशवाहा ने आम लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि गृह मंत्री अमित शाह मेरे मायके में आए हैं। इस बार उन्हें यह सीट जीतकर देना है। गृह मंत्री ने भी अपनी सभा के बाद शाहजहांपुर जिले के सभी प्रत्याशियों के साथ बैठक की थीं। इस दौरान उन्होंने तिलहर विधानसभा चुनाव सीट को लेकर भी चर्चा नेताओं से की थी।

रोशन लाल की जितिन और खन्ना से पुरानी हैं लड़ाई

  • वर्ष 2017 में रोशनलाल वर्मा बीएसपी छोड़कर भाजपा में शामिल होकर टिकट लेकर मैदान में उतरे थे। तब सपा-कांग्रेस गठबंधन में तिलहर विधानसभा सीट कांग्रेस के खाते में आई थी और कांग्रेस ने जितिन प्रसाद को अपना प्रत्याशी बनाया था। तब भाजपा प्रत्याशी रहे रोशनलाल वर्मा ने जितिन प्रसाद को हराया था। 
  • एक साल पहले जितिन प्रसाद कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए और भाजपा ने उनको प्राविधिक शिक्षा मंत्री बना दिया। भाजपा से इस्तीफा देने के बाद रोशनलाल वर्मा ने सीधे तौर पर वित्त एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना पर हर काम में अड़ंगा लगाने का आरोप लगाया था। वे कई बार खन्ना के वर्चस्व को चुनौती भी देते हुए नजर आए।
  • तिलहर में मेडिकल स्टोर संचालक अमन उल्लाह अंसारी अमर उजाला से चर्चा में कहते है कि पिछले चुनाव में रोशनलाल वर्मा ने जितिन प्रसाद को तिलहर से हराया था। लेकिन भाजपा के जिले पदाधिकारियों को रोशनालाल शुरु से ही रास नहीं आ रहे थे। वे लगातार उन्हें साइड लाइन करने में लगे रहते थे। इसी कारण से उन्हें परेशानी होती थी। चुनावी समय को देखते हुए वर्मा ने भाजपा को छोड़कर सपा का दामन थाम लिया। सपा में शामिल होने के बाद वित्त मंत्री खन्ना और मंत्री जितिन प्रसाद पर वर्मा ने जमकर हमला बोला। इसके बाद से ही इन दोनों नेताओं ने तिलहर सीट को अपनी नाक का सवाल बना लिया है।  


न डिग्री कॉलेज, न स्वास्थ्य सुविधाएं
स्थानीय निवासी अभिनव आर्य कहते है कि शिक्षा को लेकर तिलहर में कोई काम नहीं हुआ है। जो बच्चे इंटर पास कर जाते है उसके बाद उन्हें आगे पढ़ाई के लिए सोचना पड़ता है। यहां पर एक ही डिग्री कॉलेज है। वह भी 22 वर्ष पहले बना था। इसमें भी केवल बीकॉम और बीए ही पढ़ाया जाता है, बाकी विषय पढ़ाने के लिए यहां शिक्षक ही नहीं है। छात्रों को अपनी आगे की पढ़ाई के लिए पास के शहरों में जाना पड़ता है।



अमर उजाला से चर्चा में निवासी आयुष गुप्ता का कहना है कि आज तिलहर तहसील हाईवे के किनारे से लगी हुई है। आए दिन यहां एक्सीडेंट होते रहे है लेकिन यहां अस्पतलों में कोई व्यवस्था नहीं हैं। अगर हाईवे पर कोई दुर्घटना होती है तो उसे सीधे बरेली या फिर शाहजहांपुर भेज दिया जाता है। कई बार तो मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देता है। हमारी मांग है कि यहां स्वास्थ्य सुविधाएं को दुरुस्त किया जाए। वहीं, विशेषज्ञ डॉक्टरों को पोस्ट किया जाए ताकि लोगों को इलाज के लिए कहीं जाना नहीं पड़े।

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