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संयुक्त किसान मोर्चा: नरेश टिकैत से पूछेगा सवाल, हालिया बयानों पर भाकियू दे स्पष्टीकरण

Mon, 17 Jan 2022 08:06 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Mon, 17 Jan 2022 08:06 PM IST
सार

संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेंद्र यादव ने अमर उजाला से कहा कि भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत के बयान के बाद यूपी चुनाव में उनके संगठन की स्थिति को लेकर भ्रम पैदा हो गया है। उनसे इस भ्रम को दूर करते हुए अपना स्टैंड साफ करने का अनुरोध किया जाएगा....

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up election 2022: samyukt kisan morcha will write a letter to BKU President Naresh Tikait to clarify the official position of his organization
नरेश टिकैत के साथ संजीव बालियान - फोटो : amar ujala

विस्तार

नरेश टिकैत के बयान के बाद यूपी चुनाव में किसान संगठनों की भूमिका को लेकर खलबली मच गई है। नरेश टिकैत ने 16 जनवरी को सपा-आरएलडी गठबंधन को समर्थन देने वाला बयान दिया था, लेकिन इसके अगले ही दिन केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान से मुलाकात के बाद उन्होंने अपना स्टैंड वापस ले लिया। इससे यूपी चुनाव में किसानों की भूमिका को लेकर एक संदेह पैदा हो गया है। इस संदेह को दूर करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा मंगलवार को एक पत्र लिखकर भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत से उनके संगठन की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करने की मांग करेगा।

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संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेंद्र यादव ने अमर उजाला से कहा कि भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत के बयान के बाद यूपी चुनाव में उनके संगठन की स्थिति को लेकर भ्रम पैदा हो गया है। उनसे इस भ्रम को दूर करते हुए अपना स्टैंड साफ करने का अनुरोध किया जाएगा। 15 जनवरी को हुई बैठक में किसान नेताओं ने लखीमपुर खीरी कांड के दोषियों को सजा देने तक अपना सरकार विरोधी रुख बरकरार रखने का निर्णय लिया था। हम उस पर अडिग हैं।
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इसके पहले किसान संगठनों का सरकार विरोधी रुख बना हुआ था। सपा-आरएलडी गठबंधन को समर्थन देने की नरेश टिकट की बात को भी इसी लाइन पर देखा जा रहा था। लेकिन इस स्टैंड से वापस होने पर उनकी भूमिका को लेकर सवाल पैदा हो गए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने 31 जनवरी को विश्वासघात दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत देश के सभी जिला मुख्यालयों में एकत्र होकर किसान सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन करेंगे। यह कार्यक्रम यथावत बना हुआ है।
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अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. आशीष मित्तल ने कहा कि हम सरकार के कारपोरेट घरानों के पक्ष में बनाई जा रही नीतियों के विरोध में हैं, और हमारा यह स्टैंड अभी भी बना हुआ है। जब तक सरकार कारपोरेट घरानों की बजाय किसानों के हित को प्रमुखता देते हुए नीतियां नहीं बनाती है हम उसका विरोध करते रहेंगे।


किसान नेता प्रतिभा शिंदे ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान हमने किसी राजनीतिक दल विशेष को समर्थन देने की बात नहीं कही थी, लेकिन जनता से हमारा यह अनुरोध अवश्य था कि वह भारतीय जनता पार्टी को वोट न करे। हमारा उसी तरह का स्टैंड आज भी बरकरार है। हम किसी दल विशेष को समर्थन नहीं करेंगे, लेकिन सरकार से उनका विरोध जारी रहेगा।

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