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सियासत: 64 दिन में आठवीं बार पूर्वांचल पहुंचे पीएम मोदी, 32 हजार करोड़ से ज्यादा की सौगात दी, जानिए क्यों भाजपा का पूर्वांचल पर फोकस है?
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महज नौ दिन के अंदर दूसरी बार अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे हैं। यहां उन्होंने 2100 करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री का यह दौरा सियासी नजरिए से भी काफी अहम है।
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वाराणसी में जनसभा को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
इस साल 20 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुशीनगर में थे। यहां उन्होंने 270 करोड़ रुपये से तैयार कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और पूर्वांचल व अवध के नौ जिलों में तैयार हुए मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ किया। इसके अलावा 180 करोड़ से ज्यादा की अन्य योजनाओं का भी शिलान्यास किया।
2021 में पूर्वांचल के किसी जिले में प्रधानमंत्री का यह पहला दौरा था। 20 अक्टूबर से 23 दिसंबर के बीच यानी 64 दिन में प्रधानमंत्री आठ बार पूर्वांचल आ चुके हैं। इनमें सात बार उन्होंने अलग-अलग जिलों में आयोजित बड़ी रैलियों को संबोधित किया, जबकि एक बार वर्चुअली जुड़े। प्रधानमंत्री ने इन 64 दिनों में कुल 40 सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। इनमें 13 अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन शामिल हैं। आठ बार प्रधानमंत्री केवल पूर्वांचल के लोगों से ही रूबरू हुए। इस दौरान 32 हजार करोड़ से भी ज्यादा की सौगात पूर्वांचल के लिए दी गई।
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2021 में पूर्वांचल के किसी जिले में प्रधानमंत्री का यह पहला दौरा था। 20 अक्टूबर से 23 दिसंबर के बीच यानी 64 दिन में प्रधानमंत्री आठ बार पूर्वांचल आ चुके हैं। इनमें सात बार उन्होंने अलग-अलग जिलों में आयोजित बड़ी रैलियों को संबोधित किया, जबकि एक बार वर्चुअली जुड़े। प्रधानमंत्री ने इन 64 दिनों में कुल 40 सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। इनमें 13 अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन शामिल हैं। आठ बार प्रधानमंत्री केवल पूर्वांचल के लोगों से ही रूबरू हुए। इस दौरान 32 हजार करोड़ से भी ज्यादा की सौगात पूर्वांचल के लिए दी गई।
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कब-कब पूर्वांचल के लोगों से रूबरू हुए मोदी?
काशी विश्वनाथ मंदिर में पीएम मोदी।
- फोटो : PTI
1. 20 अक्टूबर 2021: कुशीनगर में 460 करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास किया। 270 करोड़ में तैयार कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और 2329 करोड़ की लागत से प्रदेश की नौ मेडिकल कॉलेजों का शुभारंभ भी किया। ये मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थ नगर, प्रतापगढ़, देवरिया, गाजीपुर, फतेहपुर, मिर्जापुर, जौनपुर, एटा और हरदोई में तैयार हुए हैं।
2. 25 अक्टूबर 2021: वाराणसी में पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन का शुभारंभ करने पहुंचे।
3. 16 नवंबर 2021: पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। सुल्तानपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। 22,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बना पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को गाजीपुर से जोड़ेगा। यूपी देश का पहला राज्य है जिसके पास दो एक्सप्रेस-वे आधारित हवाई पट्टियां हैं।
4. सात दिसंबर 2021: गोरखपुर में प्रधानमंत्री मोदी ने 9600 करोड़ रुपये की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने खाद कारखाने और गोरखपुर एम्स का शुभारंभ किया।
5. 13 और 14 दिसंबर 2021 : प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी पहुंचे। यहां उन्होंने 13 दिसंबर को नौ सौ करोड़ रुपये की लागत से तैयार काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का शुभारंभ किया। 14 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।
6. 17 दिसंबर 2021: काशी में आयोजित महापौर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी वर्चुअली जुड़े।
7. 21 दिसंबर 2021 : प्रयागराज में आयोजित 'मातृशक्ति महाकुंभ' में शिरकत की। पीएम मोदी ने लाखों महिलाओं को पुष्टाहार प्लांट, सुमंगला योजना के तहत डीबीटी लाभ और कई अन्य सौगातें दीं।
8. 23 दिसंबर 2021 : प्रधानमंत्री मोदी फिर वाराणसी पहुंचे। यहां उन्होंने दूध प्लांट समेत 2100 करोड़ की सौगात दी।
2. 25 अक्टूबर 2021: वाराणसी में पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन का शुभारंभ करने पहुंचे।
3. 16 नवंबर 2021: पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। सुल्तानपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। 22,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बना पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को गाजीपुर से जोड़ेगा। यूपी देश का पहला राज्य है जिसके पास दो एक्सप्रेस-वे आधारित हवाई पट्टियां हैं।
4. सात दिसंबर 2021: गोरखपुर में प्रधानमंत्री मोदी ने 9600 करोड़ रुपये की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने खाद कारखाने और गोरखपुर एम्स का शुभारंभ किया।
5. 13 और 14 दिसंबर 2021 : प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी पहुंचे। यहां उन्होंने 13 दिसंबर को नौ सौ करोड़ रुपये की लागत से तैयार काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का शुभारंभ किया। 14 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।
6. 17 दिसंबर 2021: काशी में आयोजित महापौर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी वर्चुअली जुड़े।
7. 21 दिसंबर 2021 : प्रयागराज में आयोजित 'मातृशक्ति महाकुंभ' में शिरकत की। पीएम मोदी ने लाखों महिलाओं को पुष्टाहार प्लांट, सुमंगला योजना के तहत डीबीटी लाभ और कई अन्य सौगातें दीं।
8. 23 दिसंबर 2021 : प्रधानमंत्री मोदी फिर वाराणसी पहुंचे। यहां उन्होंने दूध प्लांट समेत 2100 करोड़ की सौगात दी।
क्यों जरूरी है पूर्वांचल?
रिमोट से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करते पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में 156 पूर्वांचल में पड़ती हैं। 2017 विधानसभा चुनाव में इन 156 में 106 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी जीती थी। समाजवादी पार्टी को 18, बसपा को 12, अपना दल को आठ, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को चार, कांग्रेस को चार और निषाद पार्टी को एक सीट पर जीत मिली थी, जबकि तीन निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी।
भाजपा के लिए क्यों जरूरी है ये सीटें?
2017 के नतीजों से हटकर अगर इस बार का माहौल देखें तो पूर्वांचल की ये सीटें भारतीय जनता पार्टी के लिए काफी जरूरी हो जाती हैं। राजनीतिक विशेषज्ञ प्रमोद श्रीवास्तव बताते हैं कि इस बार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। किसान आंदोलन व अन्य मुद्दों को लेकर जिस तरह से पश्चिमी यूपी में रालोद और सपा ने माहौल बनाया है, उससे भाजपा की चुनौतियां बढ़ती हुई दिख रहीं हैं। ये तय है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस बार भाजपा को नुकसान होगा। ऐसे में यहां होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए भाजपा का फोकस पूर्वांचल में सबसे ज्यादा है। इसके अलावा अवध और बुंदेलखंड के जिलों में भाजपा जोर लगाएगी।
भाजपा के लिए क्यों जरूरी है ये सीटें?
2017 के नतीजों से हटकर अगर इस बार का माहौल देखें तो पूर्वांचल की ये सीटें भारतीय जनता पार्टी के लिए काफी जरूरी हो जाती हैं। राजनीतिक विशेषज्ञ प्रमोद श्रीवास्तव बताते हैं कि इस बार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। किसान आंदोलन व अन्य मुद्दों को लेकर जिस तरह से पश्चिमी यूपी में रालोद और सपा ने माहौल बनाया है, उससे भाजपा की चुनौतियां बढ़ती हुई दिख रहीं हैं। ये तय है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस बार भाजपा को नुकसान होगा। ऐसे में यहां होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए भाजपा का फोकस पूर्वांचल में सबसे ज्यादा है। इसके अलावा अवध और बुंदेलखंड के जिलों में भाजपा जोर लगाएगी।