फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Autorickshaw drivers who feel lowly in learning Marathi can leave Maharashtra: MNS leader

महाराष्ट्र: 'मराठी नहीं सीखना चाहते तो राज्य छोड़ दें', ऑटो चालक से मारपीट के बाद मनसे की चेतावनी

Tue, 25 Aug 2026 11:58 PM IST
निर्मल कांत पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई। Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 25 Aug 2026 11:58 PM IST
सार

महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता को लेकर विवाद बढ़ गया है। कांदिवली में मारपीट की घटना के बाद मनसे ने चेतावनी दी कि मराठी सीखने में परेशानी है तो महाराष्ट्र छोड़ दें। पढ़िए रिपोर्ट-

विज्ञापन
Autorickshaw drivers who feel lowly in learning Marathi can leave Maharashtra: MNS leader
दिनेश साल्वी, मनसे नेता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता के बीच मनसे ने मुंबई के कांदिवली इलाके में बोर्ड लगाए हैं। इन बोर्डों पर चेतावनी दी गई है। पार्टी ने कहा कि भाषा के नियम को लेकर यात्रियों को परेशान या मजबूर किया गया, तो वह चुप नहीं बैठेगी।
विज्ञापन


महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के एक पदाधिकारी ने राज्य सरकार के इस नियम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जिन ऑटो चालकों को मराठी सीखने या बोलने में परेशानी है, वे महाराष्ट्र छोड़ सकते हैं।
विज्ञापन


कांदिवली में क्या घटना हुई?
मनसे ने यह बात कांदिवली की एक घटना के एक दिन बाद कही। आरोप है कि चार ऑटो चालकों ने मराठी बोलने वाले एक चालक से मारपीट की। बताया जा रहा है कि उस चालक ने मराठी भाषा के नियम के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने से मना कर दिया था। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ गया। यह तनाव मराठी बोलने वाले स्थानीय लोगों और उत्तर भारत से आए ऑटो चालकों के बीच हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


मनसे नेता ने क्या कहा?
मुंबई के चारकोप विधानसभा क्षेत्र से मनसे नेता दिनेश साल्वी ने कहा कि राज ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने कांदिवली में कई जगह बोर्ड लगाए हैं। इसी इलाके में सोमवार को मारपीट की घटना हुई थी। साल्वी ने कहा, अगर ऑटो चालकों को मराठी सीखने या बोलने में परेशानी है, तो वे महाराष्ट्र छोड़ सकते हैं। वे अपने-अपने राज्यों में वापस जा सकते हैं। 

एमजी रोड पर बड़ी संख्या में जुटे थे ऑटो चालक 
सोमवार को बड़ी संख्या में ऑटो चालक एमजी रोड पर जमा हुए थे। वे सरकार की मराठी को कामकाज की भाषा बनाने की मुहिम का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारी दूसरे ऑटो चालकों से भी कह रहे थे कि वे अपने ऑटो चलाना बंद कर दें।

मनसे ने मुंबई के लोगों को लेकर क्या चेतावनी दी?
साल्वी ने चेतावनी देते हुए कहा, अगर मुंबई के लोगों को बंधक बनाया गया, तो मनसे चुप नहीं बैठेगी। महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने 20 अगस्त से पूरे राज्य में अभियान शुरू किया है। इस अभियान में गैर-मराठी टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों की जांच की जा रही है। इस जांच में देखा जा रहा है कि चालक अपने कामकाज के लिए मराठी भाषा को कितना जानते हैं।

ये भी पढ़ें: गुजरात में वंदे भारत पर पथराव: यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल कर रही थीं सफर, पूछताछ में क्या बोला आरोपी?

मराठी सीखने के लिए कितने चालक आगे आए?
इस बीच 105 दिन का एक अभियान भी चलाया गया। इसका नाम 'हिंदूहृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी भाषा अभियान' था। यह अभियान कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ ने चलाया था।


इस अभियान में मराठी नहीं बोलने वाले 1,65,601 ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालक आगे आए। इन लोगों ने काम चलाने लायक मराठी सीखने की इच्छा दिखाई। पिछले सप्ताह महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने भी इस नियम पर बात की थी।

उन्होंने कहा था कि ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चलाने के लिए व्यावहारिक मराठी भाषा का ज्ञान महाराष्ट्र में 1989 से जरूरी है। हालांकि, इस नियम को पहले सख्ती से लागू नहीं किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed