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ऐसे हैं योगी के नए मंत्री: दारा सिंह सबसे अमीर, राम मंदिर आंदोलन में जेल जा चुके सुनील सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे
Tue, 05 Mar 2024 07:12 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Tue, 05 Mar 2024 07:12 PM IST
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उत्तर प्रदेश सरकार के चार नए मंत्री
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AMAR UJALA
विस्तार
उत्तर प्रदेश में मंगलवार को चार मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने तीन विधायकों और एक विधान परिषद सदस्य को राजभवन में शपथ दिलाई। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 का पहला मंत्रिमंडल विस्तार है। राजभवन में सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर, भाजपा एमएलसी दारा सिंह चौहान, भाजपा विधायक सुनील शर्मा और रालोद विधायक अनिल कुमार ने मंत्री पद की शपथ ली। शपथ लेने वालों में दारा सिंह चौहान सबसे अमीर जबकि सुनील कुमार शर्मा सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे मंत्री हैं।आइये जानते हैं कौन हैं जिन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई गई? इनका सियासी सफर कैसा रह है? सभी नेता कितने पढ़े-लिखे हैं? इनकी संपत्ति कितनी है?
ओमप्रकाश राजभर
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अमर उजाला
ओमप्रकाश राजभर दूसरी बार मंत्री बने
ओमप्रकाश राजभर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। ओमप्रकाश राजभर पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखते हैं। वर्तमान में राजभर गाजीपुर जिले की जहूराबाद सीट से सुभासपा के विधायक हैं। 2017 में विधानसभा का चुनाव जीतकर राजभर पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद योगी आदित्यनाथ मंत्रिमण्डल में मार्च 2017 से 2019 तक पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांग कल्याण, जन विकास मंत्री रहे। बाद में उन्होंने भाजपा के गठबंध तोड़ लिया। 2022 के विधानसभा चुनाव में राजभर ने समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा। राजभर 2022 का विधानसभा चुनाव जीतकर दूसरी बार उत्तर प्रदेश विधानसभा पहुंचे।
61 साल के ओमप्रकाश राजभर के पास 2.61 करोड़ रुपये की संपत्ति है। उनकी कमाई का जरिया कृषि और पूर्व मंत्री और विधायक के रूप में मिलने वाले वेतन भत्ते हैं। यह जानकारी राजभर ने 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए दाखिल शपथ-पत्र में दी थी। उन्होंने साल 1983 में बड़ागांव (वाराणसी) के बलदेव डिग्री कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की थी।
ओमप्रकाश राजभर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। ओमप्रकाश राजभर पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखते हैं। वर्तमान में राजभर गाजीपुर जिले की जहूराबाद सीट से सुभासपा के विधायक हैं। 2017 में विधानसभा का चुनाव जीतकर राजभर पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद योगी आदित्यनाथ मंत्रिमण्डल में मार्च 2017 से 2019 तक पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांग कल्याण, जन विकास मंत्री रहे। बाद में उन्होंने भाजपा के गठबंध तोड़ लिया। 2022 के विधानसभा चुनाव में राजभर ने समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा। राजभर 2022 का विधानसभा चुनाव जीतकर दूसरी बार उत्तर प्रदेश विधानसभा पहुंचे।
61 साल के ओमप्रकाश राजभर के पास 2.61 करोड़ रुपये की संपत्ति है। उनकी कमाई का जरिया कृषि और पूर्व मंत्री और विधायक के रूप में मिलने वाले वेतन भत्ते हैं। यह जानकारी राजभर ने 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए दाखिल शपथ-पत्र में दी थी। उन्होंने साल 1983 में बड़ागांव (वाराणसी) के बलदेव डिग्री कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की थी।
दारा सिंह चौहान
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अमर उजाला
दारा सिंह चौहान 2022 में सपा के टिकट पर जीते थे
दारा सिंह चौहान भाजपा से विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) हैं। दारा सिंह चौहान पिछड़ी जाति से आते हैं। वह मऊ जिले की घोसी सीट से विधायक रहे चुके हैं। दारा सिंह चौहान 2022 में इस सीट से सपा के टिकट पर जीते थे। उन्होंने विधायकी से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया। इसके बाद 2023 में हुए उप-चुनाव में भाजपा ने उन्हें उम्मीदवार बनाया। हालांकि, इस बार चौहान को जीत नहीं मिली। सपा के सुधाकर सिंह ने उन्हें हरा दिया।
दारा सिंह 4.5 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं। भाजपा नेता ने कृषि को अपनी कमाई का जरिया बताया है। 60 वर्षीय दारा सिंह ने चुनावी हलफनामे में बताया है कि उन्होंने 2012 में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यूपी से 12वीं इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी।
दारा सिंह चौहान भाजपा से विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) हैं। दारा सिंह चौहान पिछड़ी जाति से आते हैं। वह मऊ जिले की घोसी सीट से विधायक रहे चुके हैं। दारा सिंह चौहान 2022 में इस सीट से सपा के टिकट पर जीते थे। उन्होंने विधायकी से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया। इसके बाद 2023 में हुए उप-चुनाव में भाजपा ने उन्हें उम्मीदवार बनाया। हालांकि, इस बार चौहान को जीत नहीं मिली। सपा के सुधाकर सिंह ने उन्हें हरा दिया।
दारा सिंह 4.5 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं। भाजपा नेता ने कृषि को अपनी कमाई का जरिया बताया है। 60 वर्षीय दारा सिंह ने चुनावी हलफनामे में बताया है कि उन्होंने 2012 में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यूपी से 12वीं इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी।
राम जन्मभूमि आन्दोलन में जेल जा चुके सुनील कुमार शर्मा
गाजियाबाद जिले की साहिबाबाद निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के विधायक सुनील शर्मा ब्राह्मण समाज से आते हैं। 2007 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने थे। 2017 में दूसरी बार और 2022 तीसरी बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। 62 साल के सुनील कुमार शर्मा सनातन धर्म मंदिर राजनगर के सदस्य हैं। उन्होंने राम जन्मभूमि आन्दोलन में भी हिस्सा लिया था, जिसके कारण 23 अक्तूबर 1990 से 7 नवम्बर 1990 तक सेन्ट्रल जेल सहारनपुर में बंद रहे।
भाजपा विधायक के पास 1.34 करोड़ रुपये की दौलत है। विधायक के रूप में मिलने वाले वेतन-भत्ते उनकी कमाई का जरिया हैं। सुनील ने 1983 में एमएमएच डिग्री कॉलेज गाजियाबाद, मेरठ विश्वविद्यालय से एमए की पढ़ाई पूरी की। वहीं, 1986 में एमएमएच डिग्री कॉलेज से ही एलएलबी की पढ़ाई की।
गाजियाबाद जिले की साहिबाबाद निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के विधायक सुनील शर्मा ब्राह्मण समाज से आते हैं। 2007 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने थे। 2017 में दूसरी बार और 2022 तीसरी बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। 62 साल के सुनील कुमार शर्मा सनातन धर्म मंदिर राजनगर के सदस्य हैं। उन्होंने राम जन्मभूमि आन्दोलन में भी हिस्सा लिया था, जिसके कारण 23 अक्तूबर 1990 से 7 नवम्बर 1990 तक सेन्ट्रल जेल सहारनपुर में बंद रहे।
भाजपा विधायक के पास 1.34 करोड़ रुपये की दौलत है। विधायक के रूप में मिलने वाले वेतन-भत्ते उनकी कमाई का जरिया हैं। सुनील ने 1983 में एमएमएच डिग्री कॉलेज गाजियाबाद, मेरठ विश्वविद्यालय से एमए की पढ़ाई पूरी की। वहीं, 1986 में एमएमएच डिग्री कॉलेज से ही एलएलबी की पढ़ाई की।
अनिल कुमार तीन बार के विधायक
वह राष्ट्रीय लोक दल के विधायक हैं। हाल ही में आरएलडी भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए में शामिल हुई है। 48 साल के अनिल कुमार मुजफ्फरनगर जिले की पुरकाजी सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। अनुसूचित जाति से आने वाले अनिल 2007 में पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद 2012 में दूसरी बार और 2022 तीसरी बार विधायक बने।
राष्ट्रीय लोक दल के विधायक के पास 83 लाख रुपये की संपत्ति है। उन्होंने कमाई का स्त्रोत पेंशन और कृषि को बताया है। अनिल ने साल 1992 में आशा माडर्न पब्लिक स्कूल सहारनपुर सीबीएसई बोर्ड से 12वीं इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी।
वह राष्ट्रीय लोक दल के विधायक हैं। हाल ही में आरएलडी भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए में शामिल हुई है। 48 साल के अनिल कुमार मुजफ्फरनगर जिले की पुरकाजी सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। अनुसूचित जाति से आने वाले अनिल 2007 में पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद 2012 में दूसरी बार और 2022 तीसरी बार विधायक बने।
राष्ट्रीय लोक दल के विधायक के पास 83 लाख रुपये की संपत्ति है। उन्होंने कमाई का स्त्रोत पेंशन और कृषि को बताया है। अनिल ने साल 1992 में आशा माडर्न पब्लिक स्कूल सहारनपुर सीबीएसई बोर्ड से 12वीं इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी।